Trading Kya Hai (ट्रेडिंग क्या है) What is trading

Trading Kya Hai शेयर मार्केट में पैसे कमाने का एक सबसे सरल और आसान तरीका ट्रेडिंग है लेकिन जितना आसानी है लगता है उतना ही जोखिम भरा भी है यहां पर यदि कोई व्यक्ति बिना कुछ सीखें ही एंट्री ले लेता है तो उसे काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है शेयर बाजार में ट्रेडिंग के माध्यम से आप रोज पैसा कमा सकते हैं लेकिन इससे पहले आपको बहुत कुछ ट्रेडिंग से संबंधित लर्निंग सीखना आवश्यक है तभी आप यहां से पैसा कमा सकते हैं तो चलिए विस्तार से जानते हैं की ट्रेडिंग क्या है ट्रेडिंग कैसे करते हैं और ट्रेडिंग करते समय किन-किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए

Trading Kya Hai? (what is trading)

Trading शेयर बाजार से पैसा कमाने का एक ऐसा तरीका है यहां पर आप रोज 9:15 से 3:30 तक कुछ ऐसे शेयर को चुनना होता है जिनको आप कम में खरीद के ज्यादा में बेच दे और इस प्रोसेस के बीच का जो प्रॉफिट होता है,

वह आप निकाल लेते हैं ट्रेडिंग का हिंदी में मतलब व्यापार होता है भारत में ज्यादातर ट्रेडर्स इक्विटी में ट्रेड करते हैं लेकिन कई लोग फ्यूचर और ऑप्शन में भी ट्रेडिंग करते हैं ट्रेडिंग को शेयर मार्केट का सबसे रिस्की फील्ड माना जाता है

ट्रेडिंग कैसे करेंhow to trade

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इस डिमैट अकाउंट के माध्यम से ही आप मार्केट के अंदर ट्रेड कर सकते हैं इसके बाद आप ट्रेडिंग से संबंधित पूरी शिक्षा प्राप्त कर लेवे उसके बाद आप शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग करना शुरू कर सकते हैं,

ट्रेडिंग की शुरुआत करते समय आप हमेशा थोड़े कम पैसों के साथ में ट्रेडिंग करें और जब आपको अच्छा ट्रेडिंग से संबंधित एक्सपीरियंस हो जाए तो आप ज्यादा पैसे से शुरू कर सकते हैं।

ट्रेडिंग कैसे सीखेhow to learn trading

आपके लिए ट्रेडिंग सीखने का सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म यूट्यूब है यहां पर आप ट्रेडिंग से संबंधित काफी कुछ सीख सकते हैं उसके बाद आप एक अच्छे गुरु की सहायता से ट्रेडिंग को और ज्यादा अच्छे से सीख सकते हैं

आपको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मैं कई सारे लोग कोर्स भी भेजते हैं लेकिन आपको इनसे बचना है इनके अलावा आपको एक ऐसे गुरु की तलाश करनी है जो आपको अच्छे से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रेडिंग के बारे में बहुत कुछ सिखा सके लेकिन आप बेसिक लर्निंग यूट्यूब से भी सीख सकते हैं

ट्रेडिंग अकाउंट क्या हैwhat is trading account

जिस तरह से बैंक में अपने बचत खाते को चालू रखने के लिए उसमें थोड़ा बहुत पैसा रखना अनिवार्य होता है वैसे ही आपको एक ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के लिए उसमें ट्रेड करना जरूरी होता है ट्रेडिंग अकाउंट आपका डिमैट अकाउंट के साथ में ही खुलता है जहां पर आप ट्रेड करते है जब आप डीमैट खाते के साथ ट्रेडिंग अकाउंट पर खोलते है

तो आपका ब्रोकर आपको मार्जिन की सुविधा देता है जिसका इस्तेमाल करके आप कम पैसों में भी ज्यादा पैसों की ट्रेडिंग कर सकते हो और इसमें जो फायदा होता है उसका कुछ हिस्सा फिर आपका ब्रोकर भी लेता है

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती हैWhat are the types of trading

ट्रेडिंग को आप मुख्यतः तीन भागों में कर सकते हैं इस तरह से ट्रेडिंग की तीन श्रेणियां है

  • इंट्राडे ट्रेडिंग
  • स्विंग ट्रेडिंग
  • स्कैल्प इन ट्रेडिंग

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है – What is intraday trading 2023

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हो और उससे अच्छा रिटर्न मिलने के बाद बेच देते है लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग का एक ऐसा जरिया है जिसमें आपको ज्यादा दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आप एक ही दिन में मार्केट से प्रॉफिट निकाल सकते है इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको एक ही दिन मे किसी कंपनी के शेयर को खरीदना है और उसी दिन बेच देना है इसे ही इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं अब चलिए मैं आपको बताता हूं की इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए

शेयर मार्केट का गणित

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है – what is intraday trading

यह शेयर मार्केट से पैसे कमाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें आपको सप्ताह, महीना और सालों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आपको एक ही दिन में प्रॉफिट मिल जाता है दोस्तों आप भी इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसा कमाना शुरू कर सकते हैं

लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए वरना आपका पैसा डूब भी सकता है वह कौन से महत्वपूर्ण पहलू है जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए चलिए मैं आपको बताता हूं लेकिन इससे पहले जानते हैं कि इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें – how to do intraday trading

Intraday Day Trading करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इसी के ऊपर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले हैं इसके साथ ही आपके पास एक लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूटर होना आवश्यक है जिसके ऊपर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉक को एनालिसिस करना पड़ता है वैसे यह काम आप मोबाइल से भी कर सकते हैं लेकिन कंप्यूटर या लैपटॉप हो तो सोने पर सुहागा हो जाएगा,

इसके अलावा आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना आवश्यक है अब आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए 9:15 से 3:30 तक का समय मिलता है इसी समय के अंदर आपको किसी एक कंपनी के स्टॉक को खरीदना और बेचना होता है,

इंट्राडे शेयर कैसे खरीदें – how to buy intraday shares

यह तो समझ लिया की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है, अब जानते हैं कि आपको इंट्राडे के लिए शेयर खरीदने के 1 दिन पहले कुछ शेयर का चुनाव करना होता है,

अब आपको इन चुने गए शेयर को एनालिसिस करना होता है जैसे कि टेक्निकल एनालिसिस जिसमें यह शेयर कहां पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस ले रहा है कहां पर शेयर की ट्रेंडलाइन टूट रही है आदि ऐसी कई सारी बातें टेक्निकल एनालिसिस के अंदर आती हैं यह एनालिसिस आपको इंट्राडे के लिए शेयर का चुनाव करते समय करना होता है

आप न्यूज़ पढ़ कर जैसे कि कौन सी कंपनी को अच्छा प्रॉफिट हुआ है या किसी कंपनी से संबंधित कोई अच्छी न्यूज़ आती है ऐसे शेयर को आप अपनी वॉच लिस्ट में ऐड कर सकते हैं इन बातों का ध्यान रखकर आप इंट्राडे ट्रेनिंग के लिए शेयर का चुनाव कर सकते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

यहां से आप रोज पैसा कमा सकते है

No Risk

इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर जब मार्केट बंद हो जाता है उसके बाद आप को नुकसान नहीं हो सकता क्योंकि मार्केट के बंद होने से पहले यदि आप अपनी शेर को बेच देते हैं या फिर नहीं भी बेचते हैं तो भी आपका शेयर ऑटोमेटिक बिक जाता है जिससे आपको बाद में कोई भी नुकसान नहीं हो सकता है

डे ट्रेडिंग के अंदर आपको बहुत ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि यहां पर आप एक ही दिन में शेयर को खरीदते और बेच भी देते है हैं और उसी दिन अपना मुनाफा मार्केट से निकाल लेते हैं

आप इंट्राडे ट्रेडिंग की कम पैसों के साथ भी शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि यहां पर आपको ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान – Advantages of intraday trading

  • आपको बिना सीखें इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए क्योंकि यहां पर आपके पैसे के डूबने का खतरा बना रहता है
  • इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय आपको अपने खुद पर कंट्रोल करना भी आना चाहिए क्योंकि यहां पर जब आपके टारगेट से ऊपर शेयर की प्राइस जाती है तो वहां पर ऑटोमेटिक लालच आ जाता है जिसके कारण आप उस शेयर से नहीं निकल पाते है
  • आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अच्छे शेयर का चुनाव करना आना चाहिए वरना आप किसी गलत कंपनी के शेयर में फंस सकते हैं
  • दूसरों की टिप्स पर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए वरना आपको काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम – intraday trading rules

ट्रेडिंग प्लान

इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास 1 दिन पहले ही एक ट्रेडिंग प्लान होना आवश्यक है जिसके अंदर आपको उन शेर की लिस्ट बनानी होती है जो आप दूसरे दिन ट्रेड करने वाले है इसके साथ ही आप उन शेयर के अंदर कब एंट्री लेने वाले हैं और कब निकलने वाले हैं यह सारा कुछ लिखा हुआ होना चाहिए

प्रॉफिट निकालना

आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय एक बार प्रोफिट होने के बाद उसे निकालना आना चाहिए क्योंकि कई सारे लोग एक बार प्रोफिट होने के बाद भी लालच के कारण उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं और उनको नुकसान हो जाता है इसलिए हमेशा जो प्रॉफिट हो रहा है उसे लेना सीखें

स्टॉप लॉस

आप अपना ट्रेंनिंग प्लान बनाते समय जिन शेयर का चुनाव करते हैं उन शेयर का एक निश्चिंत स्टॉपलॉस भी डिसाइड करें क्योंकि यदि वह शेयर आप के बनाए हुए प्लान के अनुसार नहीं चला तो आपका स्टॉप लॉस आपको ज्यादा नुकसान होने से बचा लेगा

ओवरट्रेडिंग

जब आपको एक बार इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय प्रॉफिट हो जाता है तो आप ज्यादा ट्रेड नहीं करें क्योंकि इससे आपका कमाया हुआ पैसा भी आपके हाथ से निकल जाता है और कई बार तो कमाए हुए के साथ आपकी कैपिटल का भी पैसा लॉस में कन्वर्ट हो जाता है इसलिए आप ज्यादा ओवरट्रेडिंग नहीं करें

अपने आप पर काबू

दोस्तों अधिकांश लोगों के साथ इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय खुद पर कंट्रोल नहीं रह पाता है क्योंकि जब उनको किसी शेयर की कीमत बढ़ती हुई नजर आती है तो वह सोचते हैं कि यह और ऊपर जाएगा जिसके कारण वह उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं इसके बाद अचानक वह शेयर नीचे गिर जाता है और उनको नुकसान हो जाता है

ऐसे ही जब कोई शेयर नीचे गिरता है तो वह लोग सोचते हैं कि यह इससे ज्यादा नीचे नहीं जाएगा जिसके कारण रहे अपना स्टॉप लॉस लगाने के बाद भी उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं और वह शहर और नीचे चला जाता है जिसके कारण उनको काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है तो आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय सबसे ज्यादा खुद पर काबू पाना आना चाहिए

स्विंग ट्रेडिंग क्या है | What is swing trading

स्विंग ट्रेडिंग क्या है- शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग करने की कई सारी स्टाइल है लेकिन इनमें से सबसे लोकप्रिय स्विंग ट्रेडिंग को कहा जाता है स्विंग ट्रेडिंग क्या है यह ट्रेडिंग करने के लिए ऐसी रणनीति है जिसमें किसी शेयर को खरीदने के 1 दिन बाद या फिर कुछ दिनों के भीतर भी बेच दिया जाता है इसे स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं ।

यदि आप शेयर मार्केट में मैं नए है और ट्रेडिंग करने का मन बना रहे हैं तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग की बजाए स्विंग ट्रेडिंग का रास्ता अपना सकते हैं इस लेख में आपको स्विंग ट्रेडिंग क्या है, स्विंग ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करें, इंट्राडे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग में क्या अंतर है और स्विंग ट्रेडिंग के क्या फायदे और नुकसान है आदि ऐसे कई सारे सवालों के ऊपर बात करने वाले हैं तो कृपया करके आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े ताकि आपकी स्विंग ट्रेडिंग के प्रति भावना क्लियर हो जाए

स्विंग ट्रेडिंग क्या है – what is swing trading

जब आप किसी कंपनी के शेयर को 24 घंटे या फिर इससे ज्यादा के लिए होल्ड करके रखते हैं उसे स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं शेयर मार्केट में काम करने वाले कई सारे लोग इंट्राडे ट्रेडिंग और लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट से ज्यादा स्विंग ट्रेडिंग को पसंद करते हैं क्योंकि यहां पर व्यक्ति को मैं तो कम फोड़ने ही ज्यादा समय का इंतजार करना पड़ता है स्विंग ट्रेडिंग के अंदर व्यक्ति को 24 घंटे या कुछ दिनों के भीतर ही 10% से 15% या इससे ज्यादा का रिटर्न देखने को मिल जाता है

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें – how to do swing trading

शेयर मार्केट मैं किसी भी तरह की ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना अति आवश्यक है क्योंकि यहीं पर आपके द्वारा खरीदे गए शेयर को रखा जाता है इसके बाद आप नीचे दिए गए तरीकों को अपनाकर स्विंग ट्रेडिंग की शुरुआत कर सकते हैं

(1) टेक्निकल एनालिसिस – technical analysis

आपको यह पता लगाना होगा कि कौन सा शेयर किस जगह से सपोर्ट और रजिस्टेंस ले रहा है इसके अलावा कौन सा शेयर ट्रेंड लाइन को तोड़ रहा है या फिर उसको टच कर रहा है आदि ऐसे सभी टेक्निकल एनालिसिस के फैक्टर आपको अपना कर देखने हैं

(2) फंडामेंटल एनालिसिस

यदि आप चाहो तो जिस शेयर का आप टेक्निकल एनालिसिस कर रहे हो उसका फंडामेंटल एनालिसिस भी कर लेना चाहिए क्योंकि इससे पता चल जाता है कि कंपनी का अगला रिजल्ट कैसा होगा कंपनी कितना grow कर रही है इसके अलावा वह कंपनी की नई रणनीतियों के ऊपर कार्य कर रही है आदि देसी कई सारी बातें आपको फंडामेंटल एनालिसिस के अंदर देखने की आवश्यकता होती है

इनके साथ ही आप स्विंग ट्रेडिंग के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस के साथ चैनल, फिबोनाची रिट्रेसमेंट, मूविंग एवरेज और बॉलिंगर बैड जैसे कई सारे टेक्निकल एनालिसिस के तरीके अपनाकर एक अच्छे शेयर का चुनाव कर सकते हैं

इन सभी तरीकों के साथ आप न्यूज़ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जानिए कैसे जब मार्केट के अंदर कोई किसी कंपनी से संबंधित न्यूज़ आती है तो आपको यह देखना है कि इस न्यूज़ का असर उस शेयर के ऊपर क्या होने वाला है क्या वह शेयर नीचे जाएगा या ऊपर आदि ऐसे कारणों के ऊपर आप एनालिसिस करके उस शेयर के अंदर अपना स्विंग ट्रेड बना सकते हैं

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुने – How to choose stocks for swing trading

SWING Trading करते समय आपको उन शेयर का चुनाव करना चाहिए जो फंडामेंटली अच्छे हो और जिनके अंदर ज्यादा लिक्विडिटी हो ताकि अगर वह शेर आपकी एनालिसिस के अगेंस्ट भी चला जाए तो भी आपको ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा इसके अलावा आप स्विंग ट्रेडिंग करते समय स्विंग ट्रेडिंग के लिए नीचे दिए गए नियमों का इस्तेमाल करके स्टॉक का चुनाव कर सकते हैं

  • स्विंग ट्रेडिंग के लिए आप उन शेयर का चुनाव करें जिनके अंदर ज्यादा लिक्विडिटी होती है
  • हमने आपको जो ऊपर टेक्निकल और फंडामेंटल से संबंधित नियम बताइए आप इनका इस्तेमाल करके मार्केट से एक अच्छे शेयर का चुनाव करने की कोशिश करें
  • स्विंग ट्रेडिंग करते समय आपको भारतीय बाजार के साथ विदेशी बाजार के ऊपर भी नजर रखनी चाहिए जिससे आपको पता चलता रहे कि विश्व में किस वस्तु की डिमांड बढ़ रही है और किसकी घट रही है यह आपको न्यूज़ पढ़ने से भी पता चलेगा
  • किसी भी कंपनी का तिमाही रिजल्ट अच्छा आएगा या बुरा इसका एनालिसिस करके आप उस कंपनी के अंदर अपनी पोजीशन बना सकते हैं
  • स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आपका सबसे ज्यादा साथ टेक्निकल एनालिसिस देता है इसलिए आप जिन स्टॉक का चुनाव करते हैं उनका अच्छे से टेक्निकल एनालिसिस करना चाहिए

स्विंग ट्रेडिंग के लाभ – Benefits of swing trading

(1) स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आपको यह फायदा मिलता है कि यदि किसी स्टॉक के अंदर आपको प्रोफिट नहीं मिल रहा है तो आप उसको 24 घंटे या इससे ज्यादा समय के लिए रोक कर रख सकते हैं

(2) स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि यहां पर आप 24 घंटे या कुछ सप्ताह के लिए स्विंग ट्रेडिंग को करते हो और इसी समय के बीच में अपने प्रोफिट को निकाल लेते हैं

(3) स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आप 6 से 7 महीनों के भीतर मिलने वाले प्रॉफिट को सिर्फ कुछ दिनों के भीतर ही निकाल सकते हैं

(4) स्विंग ट्रेडिंग के जरिए आप हर महीने अपने पैसों के ऊपर 15% से 20% तक का रिटर्न कमा सकते

(5) इंट्राडे ट्रेडिंग करने की वजह आप स्विंग ट्रेडिंग करते हैं तो आपको नुकसान कम होने के चांस रहते हैं और प्रॉफिट ज्यादा होने के चांस होते हैं

स्विंग ट्रेडिंग के नियम – swing trading rules

(1) स्विंग ट्रेडिंग करते समय आप पहले से ही अपना एंट्री, एग्जिट और स्टॉप लॉस को प्लान करके रखें

(2) स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक का क चुनाव करते समय स्टॉक को प्रत्येक दिशा से देखने की कोशिश करें

(3) आपको हमेशा स्विंग ट्रेडिंग 10% से 15% तक के रिटर्न के लिए ही करनी चाहिए

(4) यदि आपको किसी स्विंग ट्रेड के अंदर 24 घंटे या एक-दो दिन के भीतर ही 5% से 10% का रिटर्न मिल जाता है तो आपको बिना भावनाओं में बह अपना प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए

(5) स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको भारतीय बाजार के साथ विश्व के सभी बाजार के ऊपर नजर रखनी चाहिए और इन से संबंधित न्यूज़ को पढ़ते रहना चाहिए

निष्कर्ष: स्विंग ट्रेडिंग क्या है

डियर पाठक आज के इस लेख में हमने स्विंग ट्रेडिंग के बारे में जाना आशा करते हैं आज का लेख स्विंग ट्रेडिंग क्या है आपको पसंद आया होगा पसंद आया है तो ऐसा अपने सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करें

सेंसेक्स क्या है | What is Sensex

आपको शेयर बाजार के बारे में कुछ भी नहीं पता है तो भी आपने न्यूज़पेपर या टीवी चैनल पर सेंसेक्स का नाम जरूर सुना होगा कि आज सेंसेक्स इतना पॉइंट ऊपर गया आज सेंसेक्स इतना पॉइंट नीचे आ गया आदि सेंसेक्स का हिंदी में अनुवाद संवेदी सूचकांक होता है भारत के दो प्रमुख नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज प्रमुख सूचकांक है इन सूचकांक पर भारत की लगभग 5000 से ज्यादा कंपनियों शामिल है तो चलिए जानते हैं की सेंसेक्स क्या है

यह कैसे कार्य करता है सेंसेक्स के अंदर भारत के किन कंपनियों को शामिल किया गया है आदि महत्वपूर्ण विषयों के ऊपर हम इस लेख में चर्चा करते हैं तो कृपा करके आप ही से अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आपको सेंसेक्स क्या है के साथ इससे संबंधित सारी जानकारी प्राप्त हो जाए

सेंसेक्स क्या है What is sensex

भारत देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाली बड़ी से बड़ी कंपनियां सेंसेक्स पर लिस्ट होती है और इनकी संख्या 5000 से भी ज्यादा है शेयर मार्केट में लिस्ट इन सभी कंपनियों की कीमत में तेजी और मंदी बताने वाले सूचकांक को सेंसेक्स कहते हैं सेंसेक्स में मार्केट केपीटलाइजेशन के हिसाब से देश की 30 प्रमुख कंपनियां को जोड़ा जाता है शेयर मार्केट का सेंसेक्स एक BenchMark index है जहां पर Bse मैं लिस्टेड कंपनियों की तेजी और मंदी को देखा जाता है

सेंसेक्स का इतिहास – History of Sensex

भारत में सेंसेक्स की शुरुआत 1 जनवरी 1986 को हुई थी जिसके बाद सेंसेक्स Bse मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा बन गया था सेंसेक्स के अंदर भारत की 30 प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया था और बाकी कि 5000 से ज्यादा कंपनियां भी इसी में शामिल थी

सेंसेक्स और निफ्टी में क्या फर्क है – What is the difference between Sensex and Nifty

1). सेंसेक्स – इसके अंदर भारत की प्रमुख तीस कंपनियों को मार्केट केपीटलाइजेशन के हिसाब से शामिल किया जाता है सेंसेक्स मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख हिस्सा है

2). निफ़्टी – निफ़्टी के अंदर भारत की प्रमुख 50 कंपनियों को शामिल किया गया है इसके साथ ही निफ़्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख हिस्सा है

इस तरीके से सेंसेक्स और निफ्टी में क्या फर्क है यह आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा

सेंसेक्स मैं शामिल प्रमुख 30 कंपनियों की लिस्ट

  1. Infosys
  2. Hindustan Unilever
  3. ICICI Bank
  4. HDFC
  5. Bharti Airtel
  6. SBI
  7. Bajaj Finance
  8. Kotak Mahindra Bank
  9. Asian Paints
  10. HCL Tech
  11. ITC
  12. Bajaj Finserv
  13. Larsen & Toubro
  14. Maruti Suzuki
  15. Ultratech Cement
  16. Titan
  17. Axis Bank
  18. Nestle
  19. ONGC
  20. Sun Pharma Inds
  21. Tech Mahindra
  22. Power Grid Corp
  23. Tata Steel
  24. NTPC
  25. Tech Mahindra
  26. Power Grid Corp
  27. Tata Steel
  28. NTPC
  29. Mahindra & Mahindra
  30. Bajaj Auto
  31. Indusind Bank
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