स्टॉप लॉस क्या है और कैसे लगाएं

stoploss kya hai

जब आप शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग या इनस्टमेंट कुछ भी करते हो तो स्टॉप लॉस आपको नुकसान होने से बचाता है जानिए कैसे जब आप शेयर बाजार में एक शेयर का चुनाव करते है इसके बाद उसमें आप अपना सौदा बना लेते हैं लेकिन मान लेते हैं कि आपका यह सौदा आपकी एनालिसिस के हिसाब से नहीं चला और आपको घाटा होने लगा तो यहां पर आपको एक स्टॉपलॉस बचाएगा इसीलिए कहते हैं कि जब किसी भी शेयर का चुनाव करते हैं तो हमें उसमें पहले से ही कितना टारगेट और कितना लॉस होने वाला है यह प्लान कर लेना चाहिए ताकि हमें ज्यादा नुकसान ना हो इस तरह से व्यक्ति को एक स्टॉप लॉस ज्यादा नुकसान होने से बचाता है

स्टॉप लॉस क्या है

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए स्टॉप लॉस का उपयोग किया जाता है इसको एक निश्चिंत कीमत पर सेट कर दिया जाता है और जब इस कीमत पर वह शेयर आता है तो आपको नोटिफिकेशन आ जाता है कि आपका स्टॉप लॉस ट्रिगर हो गया है और

आप जाकर उस शहर से बाहर निकल सकते हो इस तरह से स्टॉपलॉस आपके नुकसान से बचाने का काम करता है शेयर बाजार में नुकसान से बचने का यह एक सबसे अच्छा तरीका है

स्टॉप लॉस कैसे लगाएं

जब आप अपने डीमेट अकाउंट में ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग करते समय किस शेयर को खरीदते हैं तो खरीद समय कहां पर आपको स्टॉप लॉस की सुविधा भी दी जाती है जहां पर आप एक निश्चित कीमत को प्लान कर सकते हैं इस तरह से आपका डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट किसी भी ब्रोकर के पास हो वहां पर आपको स्टॉप लॉस की सुविधा जरूर दी जाती है

इस तरह से आप स्टॉपलॉस लगा सकते हैं स्टॉप लॉस लगाते समय आपको उस शेयर के चार्ट को भी देख लेना चाहिए और वहीं पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए जहां पर वह शेयर सपोर्ट या रजिस्टेंस ले रहा है

Stop-loss meaning in Share Market

स्टॉप लॉस का सबसे सिंपल मतलब यह है कि यह आपको नुकसान होने से बचाता है साथ ही है आपके इमोशन पर कंट्रोल रखने में भी मदद करता है क्योंकि जब आप किसी शेयर को खरीदते है और आपने अपनी स्टॉपलॉस को पहले से ही प्लान कर रखा है

तो जैसे ही वहां पर उस शेयर की कीमत आती है आप उससे फिर से बाहर निकल जाते हो और अपना ज्यादा नुकसान होने से खुद को बचा लेते हैं इस तरह से डॉक्टर साहब को हमेशा नुकसान से बचा कर रखता है

शेयर बढ़ने पर स्टॉप लॉस से लगाएं

जब आप किसी शेयर को खरीदते या बेचते हैं और वह शेयर उसी दिशा में जहां तक आपका टारगेट है उसी दिशा में जा रहा है तो वहां पर आपको अपने स्टॉपलॉस को ट्रायल करना पड़ता है इसका मतलब ऐसा होता है कि यदि आप का स्टॉपलॉस ₹50 पर है और अब वह ₹55 पर चला गया है तो आप अपने स्टॉप लॉस को ₹54 पर ले जाकर रख देते हो जिसके कारण यदि में शेयर वापिस नीचे आता है

तो भी आप फायदे में ही रहते हैं इस तरह से आप बढ़ते हुए शेयर पर भी स्टॉपलॉस लगा सकते हैं

सेबी [SEBI] क्या है- सेबी की पूरी जानकारी हिंदी में

sebi kya hai

भारतीय शेयर बाजार की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए सेबी की स्थापना की गई है बाजार में काम करने वाले निवेशकों और कंपनियों के हित में कार्य करने के लिए sebi भी काम करता है सेबी छोटे और बड़े निवेशसको के द्वारा किए गए निवेश और इंसाइडर ट्रेडिंग जैसी कई सारी गतिविधियों के ऊपर हमेशा अपनी नजर बनाए रखता है जिस तरीके से भारत में किसी भी व्यक्ति के द्वारा इनलीगल कार्य करने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती हैं वैसे ही शेयर बाजार में इल्लीगल कार्य करने पर से भी sebi तुरंत कार्रवाई करती है चलिए अब आगे हम विस्तार से जानते हैं कि सेबी क्या है साथ ही सेबी के वह महत्वपूर्ण अंग जिनके बारे में जानना आपको अत्यावश्यक है

सेबी क्या है

सरकार के द्वारा बनाई गई sebi एक ऐसी संस्था है जो शेयर बाजार की गतिविधियों के ऊपर नजर रखता है सीबी देश के लिए प्रतिभूति बाजार नियामक के रूप में कार्य करता है

सेबी की स्थापना कब और क्यों की गई थी ?

भारत सरकार के द्वारा 31 जनवरी 1993 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की स्थापना की गई थी सेबी की स्थापना करने के पीछे शेयर बाजार को सेव और सिक्योर बनाना था क्योंकि सेबी की स्थापना से पहले शेयर बाजार में बहुत सारे फ्रॉड होना आम बात थी लेकिन सेबी की स्थापना के बाद शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां और निवेशक के अलावा शेयर बाजार से संबंधित सभी कार्यों के ऊपर सेबी की नजर रहती है

सेबी का इतिहास

भारतीय शेयर बाजार को नियंत्रण करने के लिए सेबी से पहले कंट्रोलर of कैपिटल इश्यूज संचालित कर रही थी लेकिन बाद में 12 अप्रैल 1988 के समय सेबी के नियम रख दी गई थी लेकिन इसके बावजूद सेबी भारत सरकार के द्वारा मान्यता 1 जनवरी 1992 को मिली थी और तबसे से भी आज तक भारतीय शेयर बाजार के लिए कार्य कर रहा है

Sebi का फुल फॉर्म

सेबी का फुल फॉर्म {Securities and Exchange Board of India} है सेबी का फुल फॉर्म हिंदी में [भारतीय प्रतिभूति और विनयम बोर्ड] है

सेबी का मुख्यालय कहां पर है

Sebi का मुख्यालय मुंबई में स्थापित है इसके अलावा देश के सभी हिस्सों से कार्य करने के लिए सेबी के देश में कई जगह पर कार्यालय भी स्थापित है भारत में कोलकाता, अहमदाबाद, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई, कोची, जयपुर, बेंगलुरु, नई दिल्ली और शिमला मैं प्रमुख कार्यालय स्थित है

सेबी का वर्तमान चेयरमैन

वर्तमान समय में सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी है सेबी के चेयरमैन का चुनाव केंद्र सरकार के द्वारा किया जाता है

सेबी अध्यक्ष का कार्यकाल

Sebi के अध्यक्ष का कार्यकाल मुख्यतः 5 वर्ष का होता है लेकिन सरकार ने इस को 3 वर्ष का कर दिया सेबी के अध्यक्ष की आयु 65 वर्ष से कम होनी चाहिए इससे ज्यादा आयु वाला व्यक्ति सेबी का चेयरमैन नहीं बन सकता है

Sebi Offical website

www.sebi.gov.in – *Click

दोस्तों आपको सेबी [SEBI] क्या है और इससे संबंधित जानकारी कैसी लगी है कमेंट करके हमें जरूर बताएं हम आपको हमेशा की तरह मुश्किल जानकारी को आसान शब्दों में समझाने की कोशिश करते हैं हमें आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा यदि इस लेख में कुछ त्रुटि है तो आप हमें वह बता सकते हैं सेबी [SEBI] क्या है लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद भी🙏🙏

Mutual Fund क्या है – What is Mutual Fund

Mutual Fund kya hai

दोस्तों आपने टीवी और अपने मोबाइल फोन के अंदर कई बार म्यूचल फंड के बारे में कोई ना कोई ऐड जरूर देखा होगा और आपके मन में यह जिज्ञासा जगी होगी कि आखिरकार यह म्यूचल फंड क्या है तभी आप इस लेख तक पहुंच पाए हैं मैं आपको बता देती हूं कि म्यूचल फंड आज के समय में निवेश करने का सबसे अच्छा और लोकप्रिय तरीका है तो चलिए मैं आपको बताती हो की Mutual Fund क्या है साथ ही Mutual Fund के बारे में विस्तार से A to Z जानकारी देती हूं

Mutual Fund क्या है ( What is Mutual Fund )

आज के आधुनिक समय के साथ बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण लोग अपने पैसों को कहीं पर निवेश करना बेहतर समझते हैं और यह बात लगभग हर एक व्यक्ति जानता है कि समय के साथ उसके पैसे की वैल्यू घटती जा रही है निवेश के लिए लोग म्यूचल फंड का सहारा लेते हैं

म्यूचल फंड के अंदर किसी एक व्यक्ति का पैसा निवेश नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे लोगों के एक समूह के द्वारा इकट्ठा किया गया पैसा share बाजार के स्टॉक, गोल्ड और बॉन्ड में निवेश किया जाता है यह सारा पैसा म्यूचल फंड इकट्ठा करता है

इसके बाद म्यूचल फंड अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न कमा कर देता है

Mutual Funds मैं निवेश कैसे करें ( How to Invest in Mutual Funds )

1). म्यूचल फंड में निवेश करने के लिए आपको किसी म्यूचल फंड कंपनी के पास अपना अकाउंट खुलवाना होता है लेकिन यदि आपके पास डीमेट ट्रेडिंग अकाउंट है तो आप वहां पर भी म्यूचल फंड की सेवा प्रदान कर सकते हैं

2). दूसरा तरीका यह है कि आप सीधे किसी भी म्यूचल फंड की वेबसाइट पर जाकर तुरंत निवेश की शुरुआत कर सकते हैं ले

किन म्यूचल फंड में निवेश करने से पहले आपको एक सही म्यूचल फंड का चुनाव करना आवश्यक है

3). आपको कई सारी म्यूचल फंड कंपनियां एक फाइनेंसियल एडवाइजर की सेवा देती हैं

जिनसे आप सलाह मशवरा करके उस म्यूचल फंड के रेगुलर प्लान में अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं

4) यदि आप म्यूचल फंड की शुरुआत बिना किसी की मदद लिए करते हो तो आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ता है लेकिन यदि आप किसी म्यूचल फंड की एडवाइजर सेवा प्रदान करते हो तो आपको इसके लिए चार्ज देना पड़ सकता है

5). आप म्यूचल फंड की शुरुआत घर बैठे आसानी से अपने मोबाइल पर दस्तावेज जमा करके कर सकते हैं

6). किसी भी म्यूचल फंड कंपनी का आप रेगुलर प्लान में निवेश की शुरुआत करते हो तो आपको इसके लिए कमीशन देना पड़ता है

7). म्यूचल फंड के डायरेक्ट प्लान से आप निवेश की शुरुआत करते हो तो इसके लिए आपको चार्ज नहीं देना पड़ता है और बहुत सारे कमीशन बच जाते हैहैं जिसके कारण आपको निवेश किए गए पैसों पर अच्छा मुनाफा होता है

Mutual Fund के प्रकार ( Types of Mutual Funds )

म्यूचल फंड के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं

(1) Asset Class

(2) Structure

1). Asset Class

(i) Equity – इस प्रकार के म्यूचल फंड अलग-अलग कंपनियों की हिस्सेदार के अंदर निवेश करते हैं

(ii) म्यूचल फंड के द्वारा ली गई Equity समय के साथ में अधिक पूंजी का निर्माण करती हैं जिससे म्यूचल फंड को फायदा होता है

(iii) म्यूचल फंड के द्वारा इक्विटी के अंदर किया गया निवेश लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है

(iv) इक्विटी मार्केट के अंदर म्यूच्यूअल फंड और भी अलग-अलग तरीकों से पैसों का निवेश करता है

Ex. इक्विटी मार्केट के अंदर बहुत सारे अलग-अलग फंड होते हैं जैसे कि स्मॉल कैप फंड, मल्टी कैप फंड, सेक्टर, लार्ज कैप फंड और मिड कैप फंड आदि.

लार्ज कैप फंड – इस सेक्टर के अंदर वह कंपनी आती है जिनका मार्केट कैप काफी बड़ा है इस सेक्टर की कंपनियां धीरे-धीरे ग्रो करती है लेकिन इनके अंदर रिस्क थोड़ा कम हो जाता है लार्ज कैप फंड के स्टॉक को ब्लू चिप स्टॉक भी कहा जाता है

मिड कैप फंड – दोस्तों इस फंड में आने वाली कंपनियां लार्ज कैप थे थोड़ी छोटी होती है इसमें मुख्यता मध्यम वर्ग की कंपनी आती है

मिडकैप में आने वाली कंपनियां बहुत ज्यादा मुनाफा दे भी सकती हैं और नहीं भी

स्मॉल कैप फंड – यह काफी छोटी कंपनियां होती है स्मॉल कैप की कंपनियों का मार्केट कैप और व्यवसाय बहुत ही कम फैला हुआ होता है

इस सेक्टर की कंपनियों के अंदर बहुत ज्यादा मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावना बनी रहती है

2). Structure

(i) Bond – म्यूचल फंड के द्वारा सारा पैसा किसी एक ही जगह पर ना लगा कर अलग-अलग जगह पर इन्वेस्ट किया जाता है और इनमें से एक है Bond इसके अंदर सरकारी संपत्ति या मनी मार्केट जैसे कार्य होते हैं जब इन bond या सरकारी संपत्तियों में निवेश की आवश्यकता होती है तो इनमें म्यूचल फंड के द्वारा निवेश किया जाता है

(ii) इसके अंदर म्यूचल फंड के द्वारा निवेश करने का सबसे अच्छा फायदा यह होता है

की इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है यहां पर म्यूचल फंड को हानि होने का रिस्क बहुत कम या ना के बराबर होता है

म्यूचल फंड का इतिहास ( History of Mutual Funds)

म्यूचल फंड का इतिहास थोड़ा अलग है शुरुआती समय में म्यूचल फंड को भारत सरकार के द्वारा शुरू किया गया था म्यूचल फंड को 1963 मैं UTI ( यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के माध्यम से लोगों के बीच में लाया गया था इसके अलावा इस म्यूच्यूअल फंड को भारत कि रिजर्व बैंक RBI ( रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के अधीन रखा गया था 1978 के बाद आरबीआई ने म्यूचल फंड को चलाने का दायित्व कई सारी बैंकों को दे दिया और आज के समय में लगभग हर एक बैंक और कई सारी अलग-अलग कंपनियों के पास अपना एक अलग म्यूचल फंड मौजूद है

क्या म्यूचल फंड सही है ( What Mutual Fund Right )

आप अपने पैसे को बाजार में कहीं पर निवेश करना चाहते हैं तो म्यूचल फंड आपके लिए सच में सही है क्योंकि आप यदि शेयर बाजार में सीधे निवेश करते हैं तो वहां पर आपका रिस्क काफी बढ़ जाता है लेकिन यदि आप म्यूचल फंड में थोड़ा थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो आपको लंबे समय के बाद अच्छा रिटर्न देखने को मिल सकता है लेकिन इसके अलावा यदि आप म्यूचल फंड मैं निवेश करने से पहले अच्छे से उसके बारे में नॉलेज लेते हैं तो आपको नुकसान होने के चांस कई गुना कम हो जाते हैं

म्यूचल फंड के फायदे ( Benefits of Mutual Funds )

एक सामान्य व्यक्ति को म्यूचल फंड के अंदर निवेश करते समय कई सारे फायदे होते हैं जैसे

1). अच्छी कंपनी (Good Company) – म्यूचल फंड में आए लोगों के पैसों को उस म्यूचल फंड के बड़े बड़े अधिकारी और प्रोफ़ेसर के द्वारा एक अच्छी और सही कंपनी का चुनाव करके इन्वेस्ट किया जाता है जिससे भविष्य में अच्छा फायदा होता है

2). छोटा निवेश (Small Investment) – एक सामान्य व्यक्ति म्यूचल फंड के माध्यम से निवेश की शुरुआत एक बहुत छोटी राशि से भी कर सकता है वरना उसे बाकी किसी दूसरी जगह पर ऐसी कोई भी सुविधा नहीं मिलती है

3). लिक्विडिटी (liquidity) – म्यूचल फंड के अंदर व्यक्ति अपने पैसों को किसी भी समय निवेश कर सकता है साथ ही वह अपने पैसों को आसानी से निकाल भी सकता है उसका पैसा किसी निश्चित समय के लिए डॉग लॉक नहीं रहता है

4). घर बैठे निवेश (Investing From Home) – एक सामान्य व्यक्ति घर बैठे म्यूच्यूअल फंड के अंदर आसानी से निवेश की शुरुआत कर सकता है व्यक्ति अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं ऑनलाइन किसी भी प्लेटफार्म पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों का इस्तेमाल करके म्यूचल फंड अकाउंट खोल सकता है

5). Long Ran Good Return – म्यूचल फंड में निवेश करने वाले व्यक्ति को लंबे समय तक इंतजार करने के बाद निवेश किए गए पैसों के ऊपर एक बहुत ही अच्छा रिटर्न देखने को मिलता है

म्यूचल फंड के नुकसान ( Disadvantages of Mutual Funds )

सही से निवेश नहीं करने पर कई बार म्यूचल फंड के अंदर सामान्य लोगों को नुकसान का सामना भी करना पड़ता है जैसे

1). गलत म्यूचल फंड (Wrong Mutual Fund) – कई बार लोगों के द्वारा एक सही म्यूचल फंड का चुनाव नहीं करना भी नुकसान का सौदा साबित हो जाता है क्योंकि यदि म्यूचल फंड आपके पैसे को सही जगह पर निवेश नहीं करता है तो उसका नुकसान आपको उठाना पड़ता है

2). लंबा टाइम ( Long Trem ) – म्यूचल फंड के अंदर निवेश करने वाले लोगों को अपने पैसों के ऊपर मुनाफा कमाने में काफी लंबे समय का इंतजार करना पड़ता है

3). गारंटीड रिटर्न (Guaranteed return) – कोई भी म्यूचल फंड यह गारंटी नहीं लेता है कि आपके पैसे के ऊपर एक गारंटीड रिटर्न ही मिलेगा जैसा की एफडी मैं होता है म्यूचल फंड के अंदर जब म्यूचल फंड मुनाफा कमाता है तभी आपको फायदा हो पता है

4). कम टाइम (Less Time) – किसी व्यक्ति के द्वारा म्यूचल फंड में निवेश किए गए पैसों को कम समय में निकाल लेने पर बहुत ही कम या नहीं के बराबर रिटर्न मिलता है

5). अवरुद्धता अवधि (Lock in period) – इसके अंदर व्यक्ति जरूरत पड़ने पर अपने पैसों को म्यूचल फंड से बाहर नहीं निकाल पाता है

उसका पैसा इस फंड से तभी बाहर निकल पाता है जब लॉक इन पीरियड कंप्लीट होता है यह पीरियड 5 साल या 10 साल इससे ज्यादा का भी हो सकता है

लोगों के द्वारा म्यूचल फंड से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ?

Q. म्यूचल फंड में कितना रिटर्न मिलता है ?

Ans. म्यूचल फंड एक ऐसी जगह है कहां पर Fd की तरह कोई फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है यहां पर व्यक्ति को किसी साल 20% से 25% तक का रिटर्न मिल जाएगा तो किसी साल 5% से 10% रिटर्न नहीं मिल पाएगा अंत म्यूचल फंड का रिटर्न कभी भी फिक्स नहीं होता है

Q. सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है ?

Ans. दोस्तों मार्केट के अंदर आज के समय बहुत सारे म्यूचल फंड मौजूद है लेकिन सबसे कठिनाई की बात यह है कि इनमें से सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है

म्यूचल फंड का चुनाव करते समय आपको उस म्यूचल फंड को सही से एनालाइज करना आना चाहिए उसमें आपको यह देखना चाहिए कि जिस म्यूचल फंड को आप अपना पैसा दे रहे हो वह म्यूचल फंड प्रति वर्ष कितना रिटर्न पिछले कई वर्षों से देता आ रहा है

ऐसे और भी कई सारे फैक्टर मौजूद है जिन का पता लगाना आवश्यक हो जाता है तो जो म्यूचल फंड पिछले कई सालों से अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न दे रहा है वह म्यूचल फंड सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड है

Q. म्यूचल फंड का रेगुलेटर कौन है ?

Ans. जब बात निवेश की आती है दो लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा sebi आगे आता है जो चाहे शेयर मार्केट हो या फिर म्यूचल फंड सभी के ऊपर नजर रखता है और इन को अपने कंट्रोल में रखता है इसी वजह से लोगों को धोखाधड़ी का डर नहीं रहता है जिसके फलस्वरूप वह म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करते हैं

Q. म्यूचल फंड को कौन मैनेज करता है ?

Ans. म्यूचल फंड को फंड मैनेजर के द्वारा मैंने दिया जाता है यह किसी एक व्यक्ति विशेष के द्वारा संचालित नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे पढ़े लिखें लोग और मैनेजर का समूह इसे संचालित करता है

Q. कितने पैसों से म्यूचल फंड में निवेश किया जाता है

Ans. म्यूचल फंड में निवेश करने के लिए व्यक्ति के पास हजारों रुपए होना आवश्यक नहीं है बल्कि वह आसानी से अपने मोबाइल फोन के माध्यम से म्यूचल फंड मैं खाता खोलकर मात्र ₹100 से शुरुआत कर सकता है

निष्कर्ष ( conclusion)

आज के इस लेख Mutual Fund क्या है के अंदर आपने यह सीखा की Mutual Fund क्या है और म्यूचल फंड की शुरुआत कैसे कर सकते हैं साथ ही आपने यह भी जाना कि म्यूचल फंड को कैसे शुरू किया जाता है और म्यूचल फंड मैं आपको क्या लाभ और हानि हो सकते हैं इनके अलावा और आपने कई सारी म्यूचल फंड से संबंधित बातें सीखी होगी. अंते यदि आपको हमारा यह Mutual Fund क्या है लेख को समझाने का तरीका पसंद आया हो या आपको इसमें कुछ कमी लगी हो तो वह हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि हम जल्द से जल्द उसे ठीक कर सके बताती हूं

crypto currency latest news in india [hindi]

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भारत सरकार के द्वारा क्रिप्टो करेंसी के ऊपर अब टैक्स लगाया जाएगा जैसा कि आप स्टॉक मार्केट से रिटर्न कमाते हो तब जो उसके ऊपर जो टैक्स लगता है वैसा ही टैक्स आपको क्रिप्टोकरंसी के रिटर्न पर भी देना होग फिलहाल सरकार इसके ऊपर काम कर रही है और जल्द ही ऐसा कोई कानून आने की उम्मीद की जा रही है

Crypto Currency latest news in india – क्रिप्टो करेंसी न्यूज़

भारत सरकार के द्वारा क्रिप्टोकरसी के ऊपर लगने वाले टैक्स के कानून को अगले वर्ष आने वाला बजट के समय लाया जा सकता है वैसे अभी भी कई सारे लोग क्रिप्टोकरंसी के ऊपर मिलने वाले रिटर्न के ऊपर इनकम टैक्स दे रहे हैं लेकिन अधिकांश लोगों के द्वारा क्रिप्टो करेंसी के प्रति बढ़ते निवेश के कारण सरकार को इसके ऊपर सोचने की जरूरत पड़ रही है इसके अलावा भी भारत सरकार के द्वारा क्रिप्टोकरंसी से संबंधित और काफी कानून लाए जा सकते हैं ऐसा रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने बताया है

क्या क्रिप्टोकरंसी पर जीएसटी लगेगा – (Will there be GST on Cryptocurrencies)

देश में कई सारे टैक्स को खत्म करके सिर्फ एक टैक्स लागू है जिसका नाम है जीएसटी और इससे कोई भी नहीं बच सकता है यदि भविष्य में सरकार क्रिप्टो करेंसी के ऊपर कोई कानून बनाती है तो यह तय है कि उसके ऊपर लगने वाले टैक्स को जीएसटी के अंतर्गत लगाया जाएगा

क्रिप्टो करेंसी की चिंताएं ( crypto currency concerns )

मैं आपको बता दूं कि भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कई बार क्रिप्टोकरंसी को लेकर कई प्रकार की चिंता जताई है इसमें उन्होंने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी जैसे कई का सारे कारणों के ऊपर चर्चा की है शक्तिकांत दास ने लोगों को कई बार क्रिप्टो करेंसी को लेकर सजग भी किया है शक्तिकांत दास का मानना है की क्रिप्टो करेंसी के अंदर लोगों के द्वारा किए गए निवेश के ऊपर बहुत ज्यादा खतरा है

आपके सामने बहुत जल्द क्रिप्टो करेंसी से संबंधित एक बिल आ सकता है जिसके अंदर क्रिप्टो करेंसी के ऊपर लगने वाले रेगुलेटरी स्टेप देखने को मिल सकते हैं इसके अलावा कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी क्रिप्टो करेंसी को लेकर अधिकारियों के साथ में एक मीटिंग की थी जिसमें उन्होंने क्रिप्टोकरंसी से संबंधित मजबूत स्टेप उठाने के लिए कहा था

क्रिप्टो करेंसी किसे कहते हैं ( what is crypto currency)

यह एक प्रकार की डिजिटल करेंसी होती है क्रिप्टो करेंसी के अंदर बिटकॉइन और एथेरियम जैसे कई सारे करेंसी आते हैं क्रिप्टो करेंसी को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है क्योंकि इसे ब्लॉकचेन के माध्यम से माइन किया जाता है यह एक ऐसी डिजिटल करेंसी है जिसे कोई भी व्यक्ति महसूस और छू नहीं सकता है क्रिप्टो करेंसी क्या है के बारे में विस्तार से जानने के लिए यह पढ़ें

क्रिप्टो करेंसी में निवेश कैसे करें (How to invest in crypto currency)

क्रिप्टो करेंसी के अंदर निवेश करने के लिए आपको एक डीमेट और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की जरूरत होती है भारत में क्रिप्टोकरंसी के अंदर इन्वेस्ट करने के लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म कौन सा है इसके बारे में जानने के लिए आप हमारे द्वारा लिखा गया यह ब्लॉग पढ़ सकते हैं जहां पर हमने भारत का बेस्ट क्रिप्टोकरंसी ट्रेडिंग एप बता रखा है

Which is The Best Crypto Exchange in India – 5 बेस्ट क्रिप्टो ऐप

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आज के समय मैं क्रिप्टो coin लोगों के द्वारा निवेश करने का सबसे पसंदीदा तरीका बन गया है वर्तमान में नए निवेशकों के द्वारा क्रिप्टो कॉइन को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है लेकिन जब बात भारत की आती है तो भारत में क्रिप्टो कॉइन के ऊपर कई प्रकार के कानून लगे हुए हैं ऐसे में लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यह आता है कि इसमें निवेश कैसे करें तो मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इंडिया में सिर्फ क्रिप्टो कॉइन के लेनदेन पर पाबंदी है बाकी इसमें निवेश करने के ऊपर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है तो आप बेझिझक इसमें निवेश कर सकते हैं लेकिन अब वह आती है आती है की which is the best crypto exchange in india तो चलिए इस ब्लॉग में मैं आपको विस्तार से प्रत्येक ऐप ऐ के बारे में जानकारी प्रदान करता हूं

Which is The Best Crypto Exchange in India

भारत में वैसे तो कई सारे क्रिप्टो एक्सचेंज है लेकिन जब बात सही क्रिप्टो एक्सचेंज की आती है तो हम कंफ्यूज हो जाते हैं लेकिन अब मैं आपके सारे कंफ्यूजन इस लेख के माध्यम से दूर करने वाला हूं और अंत में आपको यह बताऊंगा कि भारत में क्रिप्टो कॉइन के अंदर निवेश करने का सबसे बेस्ट प्लेटफॉर्म कौन सा है

Top 5 Crypto Currency App in india – भारत के पांच क्रिप्टोकरसी ऐप

जब बिटकॉइन और एथेरियम के अंदर इन्वेस्ट करने की बात आती है तो सबसे पहले हमें यह डर सताता है कि कौन सी ऐप बिटकॉइन को खरीदने के लिए सही रहेगी और किस एप के ऊपर विश्वास किया जाए इनके अलावा कोई ऐसी ऐप हो जो आपसे ज्यादा कुछ फीस चार्ज नहीं करें इन सभी के बारे में हम आगे विस्तार से जानने वाले हैं लेकिन इससे पहले मैं आपको बता दूं कि

भारत में क्रिप्टो करेंसी के अंदर इन्वेस्ट करने के लिए 5 सबसे बेस्ट प्लेटफॉर्म यह है

1). CoinDcx

2). Coin-Switch-Kuber

3). Wazirx

4). Binance

5). Zebpay

अब मैं आपको इन सभी ऐप की कमियां और अच्छाइयां दोनों बताने वाला हूं इसके बाद आपको यह डिसाइड करना है कि आपके लिए क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने के लिए सबसे अच्छा ऐप कौन सा रहेगा साथ ही लास्ट में मैं आपको यह भी बताने वाला हूं कि यदि आप क्रिप्टो करेंसी में नए है तो आपके लिए सबसे बेस्ट प्लेटफार्म कौन सा रहेगा तो

चलिए शुरू करते हैं which is the best crypto exchange in india

1). CoinDcx – कॉइनडीसीएक्स एक्सचेंज

  • यह एक ऐसा एक्सचेंज जो आपके द्वारा Deposit किए गए पैसों के ऊपर बिल्कुल ₹0 चार्ज करता है
  • coindcx आपके पैसों को withdrawal करने पर 0.0005 बिटकॉइन चार्ज करता है
  • यदि हम coindcx की Maker और Taker फीस की बात करें तो यह लगभग बराबर 0.10% लगती है
  • इसके अलावा इस क्रिप्टोकरसी एक्सचेंज का और कोई भी hidden चार्ज नहीं होता है
  • इस ऐप के प्ले स्टोर पर 5 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड है

What is Maker Fees in Crypto Currency

जब आप अपने खरीदे हुए बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टो करेंसी को ऑर्डर देकर तुरंत बेच देते हैं तब आपसे Maker fees चार्ज की जाती है

What is Taker Fees in Crypto Currency

जब आप अपने बिटकॉइन को ऑर्डर देकर छोड़ देते हैं और वह 2 या 3 दिन के अंदर ऑटोमेटिक बिक जाता है तब आपसे Taker fees चार्ज की जाती है

2). Coin-Switch-Kuber – कॉइन स्विच कुबेर एक्सचेंज

  • क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज कॉइन स्विच कुबेर आपके द्वारा Deposit किए गए पैसों के ऊपर मात्र ₹0 चार्ज करता है
  • इसके अलावा coin swith kuber आपसे पैसों को withdrawal करते समय भी मात्र ₹0 चार्ज करता है
  • कॉइन स्विच कुबेर आपसे maker और taker फीस के लिए मात्र 0% चार्ज करता है
  • लेकिन यह आपके द्वारा ट्रांजैक्शन किए गए पैसों के ऊपर 1% से 2% तक चार्ज करता है जिसे हम एक hidden चार्ज भी कह सकते हैं

3).Wazirx – वजीरएक्स क्रिप्टो एक्सचेंज

  • आपके द्वारा wazirx मैं पैसों को Deposit करते समय यह आपसे ₹4 से ₹6 तक चार्ज करता है और यह चार्ज अलग-अलग पेमेंट मॉड जैसे Upi, Net banking, Neft के ऊपर डिपेंड करता है कि कौन सा पेमेंट मोड आप यूज कर रहे हो
  • wazirx आपसे पैसे को withdrawal करने पर 0 .0006 बिटकॉइन चार्ज करता है
  • wazirx आपसे maker और taker लगभग बराबर 0.20% चार्ज करता है
  • लेकिन इसके अलावा wazirx का और कोई भी Hidden चार्ज नहीं है

4). Binance – बाइनेंस एक्सचेंज

  • यह एक विदेशी ऐप है लेकिन binance आपके द्वारा डिपॉजिट किए गए पैसों के ऊपर ₹0 चार्ज करता है
  • binance आपके पैसे को withdrawal करने पर 0.0005 बिटकॉइन चार्ज करता है
  • यह एक Foreigner क्रिप्टोकरसी एक्सचेंज है जिसके कारण इसकी Maker और Taker Fees तो मात्र 0.10% लगती है
  • लेकिन क्योंकि यह एक Foreigner एक्सचेंज है जिसके कारण आपको रुपए को डॉलर ( INR To USD ) में कन्वर्ट करना होता है
  • जिसके कारण आपसे कुछ चार्ज लिया जाता है बाकी इसका कोई भी hidden चार्ज नहीं होता है

5). Zebpay – ज़ेबपे एक्सचेंज

  • यह क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज अपने ग्राहकों के द्वारा डिपॉजिट किए गए पैसों के ऊपर ₹5 से ₹15 तक चार्ज करता है और यह चार्ज आपके पेमेंट मोड़ पर डिपेंड करता है
  • आपके पैसे को Withdrawal करने के लिए zebpay 0.0006 बिटकॉइन चार्ज करता है
  • इस एक्सचेंज की fees बहुत ज्यादा होते हैं zebpay की maker Fees 0.15% और taker Fees 0.25% तक होती है जो कि बहुत ज्यादा है
  • इसके अलावा zebpay मैं आपसे hidden चार्ज के रूप में 0.0001 बिटकॉइन चार्ज करता है
  • लेकिन यदि आप हर महीने कम से कम एक ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपसे यह फीस नहीं ली जाती है

अब आपके दिमाग Crypto Currency App से संबंधित सारे doubt क्लियर हो गए होंगे लेकिन जब बात बिटकॉइन और other cryptocurrency खरीदने की आती है तो आपको इन सभी ऐप के ऊपर अलग-अलग बिटकॉइन की price देखने को मिल सकती है मैंने आपको नीचे विस्तार से बता रखा है कि

आपको सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी कहां पर मिलेगी और सबसे महंगी क्रिप्टोकरंसी कहां पर मिलेगी

क्योंकि सभी क्रिप्टो करेंसी ऐप के ऊपर बिटकॉइन और अन्य करेंसी की अलग-अलग प्राइस देखने को मिलती है

How to Bay Bitcoin in India

दोस्तों यदि हम इंडिया में बिटकॉइन और अन्य करेंसी को खरीदने की बात करें तो यह हमें सबसे सस्ता Binance एप पर मिलता है

Binance से थोड़ा बहुत ज्यादा महंगा बिटकॉइन और अन्य करेंसी आपको Zebpay पर मिलता है

Zebpay से और ज्यादा महंगा बिटकॉइन और अन्य करेंसी आपको Wazirx पर देखने को मिल सकती है

Wazirx और zebpay से भी ज्यादा महंगा बिटकॉइन आपको coindcx पर देखने को मिल सकता है

Binance, Zebpay, wazirx और coindcx इन सभी से ज्यादा महंगा बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी आपको Coin Swith kuber पर मिलती है

यहां पर आपको दूसरे प्लेटफार्म के मुकाबले 5% से 6% तक का डिफरेंस देखने को मिल सकता है

How to Bay Bitcoin in Beginner

यदि आप बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरंसी को खरीदने की शुरुआत करना चाहते हैं और इस फील्ड में आप बिल्कुल नए हैं तो मैं आपको यह Suggest करूंगा कि आपको Coin Swith Kuber app के साथ में शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि beginner के लिए यह काफी अच्छा ऐप है

इन सबके अलावा कॉइन स्विच कुबेर का इंटरफ़ेस बहुत अच्छा है और यह एक यूजर फ्रेंडली app है

यदि आपको किसी क्रिप्टो एक्सचेंज को ज्यादा कुछ चार्ज नहीं देना है साथ ही फालतू के लगने वाले hidden चार्ज के पैसे बचाना चाहते हैं तो मैं आपको suggest करूंगा कि आप Binance पर क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत करें क्योंकि सबसे पहली बात तो यहां पर अदर एक्सचेंज के मुकाबले बिटकॉइन का प्राइस कम रहता है इसके साथ ही यह आपसे ज्यादा कुछ चार्ज भी नहीं करता है

binance पर आपको बस रुपए को डॉलर के अंदर कन्वर्ट करना होता है

लोगों के द्वारा बिटकॉइन और क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ?

Q. Best cryptocurrency app for beginners ?

Ans. दोस्तों नए लोगों के लिए क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा ऐप coin swith kuber और coindcx है

Q. Best crypto exchange in India with low fees ?

Ans. भारत में Crypto Currency की trading से शुरुआत करने के लिए सबसे कम फीस लेने वाला एक्सचेंज Binance और zebpay है

Q. Coindcx vs coin swith kuber कौन सा अच्छा है ?

Ans. यदि दोस्तों आप अपनी बिटकॉइन के एक्सपीरियंस को अच्छा रखना चाहते हैं और आप इस जर्नी मैं नए है तो आपके लिए सबसे बेस्ट कॉइन स्विच कुबेर एप होगा

निष्कर्ष Conclusion

आज के इस ब्लॉग आपने क्रिप्टो करेंसी जैसे बिटकॉइन और एथेरियम के अंदर इन्वेस्ट करने के लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म कौन सा रहेगा यह जानना है साथ ही आपने यह भी जाना कि कौन सा क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म आप सबसे ज्यादा चार्ज करता है अब आपको हमारे द्वारा ऊपर बताए गए जितने भी प्लेटफार्म के अंदर जो प्लेटफार्म सबसे अच्छा लगता है आप वहां से अपनी क्रिप्टो करेंसी मैं इन्वेस्ट करने की शुरुआत कर सकते हैं

आपको हमारा यह प्रयास कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं

आज के इस लेख which is the best crypto exchange in india को संपूर्ण अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏🙏

हम आपके लिए आगे भी ऐसे ही अच्छी जानकारी से भरपूर लेख आते रहेंगे