लिक्विड स्टॉक क्या है | Liquid Stock Kya Hota hai

लिक्विड स्टॉक क्या है

नमस्कार डियर पाठक आज के इस लेख में हम जानेंगे कि लिक्विड स्टॉक क्या है क्योंकि अक्सर स्टॉक मार्केट में हमेशा से लिक्विड वाले स्टॉक को खरीदने और बेचने के लिए कहा जाता है।‌ क्योंकि शेयर मार्केट एक्सपर्ट हमेशा लिक्विड वाले स्टॉक खरीदने की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि वर्तमान टाइम में जो नए-नए ट्रेडर्स शेयर मार्केट में आते हैं, वह ट्रेडिंग में पैसा कमाना चाहते हैं तो उनके लिए शेयर मार्केट बेसिक जानना बेहद आवश्यक है इसलिए liquidity का मतलब जानना बहुत जरूरी है।

खासकर उन लोगों को जो नॉन कॉमर्स बैकग्राउंड से हैं,‌ साथ ही जिस स्टॉक में लिक्विडिटी नहीं होती है उसे क्यों नहीं खरीदना चाहिए।‌ स्टॉक्स की लिक्विडिटी क्यों महत्वपूर्ण होती है? ‌ अच्छे लिक्विड स्टॉक को कैसे ढूंढे? स्टॉक्स की लिक्विडिटी कैसे पता करें? और आदि कई सवालों के जवाब जानेंगे हम इस आर्टिकल के माध्यम से।

लायबिलिटीज क्या है

फेस वैल्यू क्या है

Liquidity क्या है?

लिक्विडिटी (Liquidity) या तरलता उस एफिशिएंसी या सहजता को संदर्भित करती है जिसके साथ किसी एसेट या सिक्योरिटी को बिना उसके मार्केट प्राइस को प्रभावित किए रेडी कैश में कन्वर्ट किया जा सकता है। सबसे ज्यादा लिक्विड एसेट खुद नकदी ही है। लिक्विडिटी के दो मुख्य प्रकारों में मार्केट लिक्विडिटी और अकाउंटिंग लिक्विडिटी शामिल हैं।

Liquid Stock क्या है? What is Liquid Stock

लिक्विड स्टॉक क्या है – लिक्विड स्टॉक का मतलब होता है, कि किसी शेयर को कितनी आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है, बिना शेयर की प्राइस को इंपैक्ट किए। कहने का मतलब जिन शेयर्स में बहुत सारे Buyers (खरीददार) और सेलर्स दिलचस्पी लेते हैं। उन्हें लिक्विडिटी स्टॉक्स कहते हैं। या High Liquidity stocks कहते हैं। वहीं अगर किसी स्टॉक में लिक्विडिटी नहीं है तो उसे खरीदना और बेचना मुश्किल हो जाता है।

मार्केट में कई बार नए ट्रेडर्स जानकारी नहीं होने की वजह से illiquid stock में ट्रेड या निवेश कर देते हैं, जिस वजह से उन्हें बाद में उस स्टॉक को बेचने में प्रॉब्लम आती है क्योंकि उसको खरीदने वाला उस समय कोई होता नहीं है।‌ इसीलिए एक्सपर्ट ट्रेडर्स और निवेशक सलाह देते हैं कि ऐसे स्टॉक में ट्रेड और निवेश नहीं करें ताकि आपको बाद में बेचने में प्रॉब्लम नहीं आए।

आपको बता दें कि लिक्विड स्टॉक्स के चार्ट्स हमेशा बिल्कुल स्मूथली चलते हैं, कहने का मतलब ग्राफ के मूवमेंट के बीच में बहुत अधिक स्पेस नहीं होता है, और शेयर मार्केट में इसी प्रकार के स्टॉक्स बहुत ज्यादा ट्रेड किए जाते हैं।

वहीं अगर कोई स्टॉक लिक्विड नहीं है तो उसके प्राइस मूवमेंट वाले चार्ट में बहुत ज्यादा अप डाउन दिखेंगे जाने की चार्ट कभी एकदम सुपर तो कभी एकदम से नीचे दिखेगा। चार्ट में बहुत ज्यादा अस्थिरता होगी।

लेकिन हर बार केवल लिक्विड स्टॉक होना ही जरूरी नहीं है, अब एमआरएफ का शेयर हैं उसके प्राइस ज्यादा है तो उसमें खरीदने बेचने वाले कम होंगे इसलिए उसकी लिक्विडिटी भी कम होगी लेकिन ऐसा नहीं है कि एमआरएफ का स्टॉक सही नहीं है बल्कि वह इंडिया की टॉप कंपनी है।

Liquid Stocks को कैसे चुने?

लिक्विड स्टॉक को कैसे चुने – डियर पाठक स्टॉक की लिक्विडिटी पता करने के लिए वैसे तो कोई भी ऑफिशियल मेजरमेंट नहीं है, जिसे देखकर हम कह सकते हैं कि इस स्टॉक की लिक्विडिटी ज्यादा है और इसकी कम। और कैसा भी नहीं कह सकते हैं कि किसी स्टॉक की वॉल्यूम निश्चित हो तभी वह लिक्विड होगा।

आपको बता दें कि स्टॉक की लिक्विडिटी काफी चीजों पर डिपेंड होती है जैसे कि मार्केट केपीटलाइजेशन, Trading volume, price charts, spreads इन जानकारियों को देखकर निवेशक पता कर सकते हैं कि कोई स्टॉक लिक्विड है या इलिक्विड। चलिए इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं।

1⃣ market capitalization को देखकर

स्टॉक की market capitalization को देखकर- मार्केट केपीटलाइजेशन यानी कंपनी की टोटल मार्केट वैल्यू निवेशक को बताती है कि कंपनी कितनी बड़ी है। जितना बड़ा कंपनी का मार्केट कैप होगा, उसके स्टॉक की लिक्विडिटी उतनी ही ज्यादा होगी।
यानी कि High मार्केट कैप = High लिक्विडिटी।

आपको बता दें कि मार्केट के भी तीन प्रकार का होता है। आप मार्केट केपीटलाइजेशन का यह लेख पढ़ सकते हैं।

  1. Large Cap.
  2. Mid Cap.
  3. Small Cap.

2⃣ Spreads को चेक करके

Spreads – Bid/Ask प्राइस में कम अंतर होने का मतलब यह कि Buyers कितने प्राइस पर खरीदने को तैयार है और Seller कितने प्राइस पर बेचने को तैयार है इन दोनों के बीच जो अंतर है उसे ही Spreads कहां जाता है।

ज्यादा लिक्विड स्टॉक में Spreads काफी कम होते हैं और कम लिक्विडिटी स्टॉक में Spreads काफी wider होते हैं।

3⃣ Intraday Chart को देखकर

ज्यादा लिक्विडिटी वाले स्टॉक के चार्ट्स पर प्राइस लहर की तरह बहता है मतलब आगे बढ़ता है यानी कि बीच में कोई बाधा नहीं होगी उदाहरण के लिए आप एचडीएफसी बैंक के इस चार्ट में देख सकते हैं।

4⃣ किस प्रकार की ट्रेडिंग कर रहे हैं

डियर पाठक जैसा कि आपको पता है Equity या Cash Segment में सबसे ज्यादा लिक्विडिटी होती है। उसके बाद Futures में उससे कम लिक्विडिटी होती है और फिर Options में सबसे कम लिक्विडिटी होती है।

हालांकि के ऑप्शन फ्यूचर में भी कई ऐसी कंपनियां हैं जिनकी लिक्विडिटी हाई है। उदाहरण के लिए टाटा कंसल्टेंसी रिलायंस निफ़्टी बैंक निफ़्टी आदि।

ट्रेडिंग के लिए लिक्विड स्टॉक्स क्यों महत्वपूर्ण हैं?

आपको बता दें कि लिक्विड स्टॉक्स का सबसे बड़ा बेनिफिट यह है कि यहां पर निवेशक या ट्रेडर्स आसानी से एंटर और एग्जिट कर सकते हैं। वहीं अगर हम इलिक्विड स्टॉक्स को देखकर तो उनमें आसानी से एंट्री और एग्जिट होना नहीं हो पाता है।

  1. मूल्य प्रसार (Price Spread) – लिक्विड स्टॉक खरीद प्राइस और बिक्री प्राइस के बीच में आने वाले गैप को कम करने की कोशिश करता है। यानी कि लिक्विड स्टॉक में low price spread होता है। वहीं अगर हम देखे तो इलिक्विड स्टॉक में खरीद प्राइस और बिक्री प्राइस के बीच में आने वाला गैप बहुत अधिक होता है। यानी कि illiquid स्टॉक में high price spread होता है। इसलिए illiquid स्टॉक में किसी भी शेयर को खरीदना और बेचना मुश्किल हो जाता है।
  2. Slippage – Slippage का हिंदी मे मतलब होता है फिसलन या गिरावट। वहीं ट्रेडिंग में स्लीप पेज का मतलब एक्सपेक्टेड प्राइस और उस कीमत के बीच का अंतर जो ट्रेड एग्जीक्यूटेड हो चुका है, मार्केट में स्टॉक के प्राइस में तेजी और उतार-चढ़ाव होता है इसलिए स्लीपपेज किसी भी समय हो सकता है लेकिन यह ज्यादा होने के चांस तभी है जब टॉक में ज्यादा वोलैटिलटी हो, लेकिन आपको बता दें कि लिक्विड स्टॉक में इलिक्विड स्टॉक के मुकाबले गिरावट कम होती है।
  3. Slippage को हम दो प्रकार में भिवाजित कर सकते हैं। एक सकारात्मक गिरावट और दूसरा नकारात्मक गिरावट है। सकारात्मक गिरावट तब होती है जब लॉन्ग ट्रेड में ask price का कम होना और शॉर्ट ट्रेड में bid price का बढ़ना होता है। वहीं नकारात्मक गिरावट तब होती है जब लॉन्ग ट्रेड में ask price का बढ़ना होना और शॉर्ट ट्रेड में bid price का कम होना होता है।

निष्कर्ष : लिक्विड स्टॉक क्या है

डियर पाठक आज के समय में शेयर मार्केट में बहुत सारे नए ट्रेडर्स हैं, जो कि स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करके फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट होना चाहते हैं। इसलिए उनको स्टॉक मार्केट की हर बारीकी को समझने की जरूरत है ठीक उसी प्रकार लिक्विडिटी को समझना भी नहीं ट्रेडर्स के लिए बहुत जरूरी है और कोई अगर पुराना ट्रेडर स्ट्रगल कर रहा है तो उसे भी इसे जानना बेहद आवश्यक है।

आज के लेख लिक्विड स्टॉक क्या है में हमने लिक्विडिटी के बारे में समझा आशा करते हैं कि आपको लिक्विडिटी के बारे में अच्छे से जानकारी मिल गई होगी अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अवश्य शेयर करें।

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