शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे – स्टॉक के चार्ट कैसे पढ़े

Share Market Chart in Hindi

नमस्कार स्वागत है आपका स्टॉक पत्रिका परिवार में आज के इस लेख के माध्यम से हम जाने वाले हैं कि शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे ? Share Market Chart in Hindi आप जब भी मार्केट में आते हो ना तो सबसे पहला पड़ाव ही यही होता है की चार्ट को कैसे समझें कई लोगों को तो चार्ट का बेसिक तक नहीं आता है और फिर तो आपको पता ही है

कि आप कभी भी अच्छे ट्रेडर नहीं बन पाओगे शेयर मार्केट में अगर मुनाफा कमाना है तो आपको चार्ट समझना होगा और यह भी जानना होगा कि शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझें और चार्ट कैसे देखा जाता है।

क्योंकि चार्ट के माध्यम से आप यह पता लगा सकते हैं कि मार्केट का फ्यूचर क्या है और मार्केट क्या कहना चाहता है और ऑप्शन ट्रेडर के लिए तो चार्ट ही सब कुछ होता है

अगर उसको चार्ट समझ में आ गया कि कहां पर उसे अट्रैक्ट किया जाता है और किस जगह आपको शेयर खरीदना चाहिए

क्योंकि कई बार फेक मूवमेंट भी बन जाते हैं जिसे कई लोग पकड़ नहीं पाते हैं इसलिए आप जितना हो सके उतनी प्रैक्टिस कीजिए चार्ट देखने की और जितना आपका एक्सपीरियंस होगा उतना ही आपका फ्यूचर ब्राइट होगा चलिए

हम आपको बताते हैं बेसिक से एडवांस कि आखिर शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे Share Market Chart in Hindi

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शेयर मार्केट चार्ट क्या है और शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे? (Share Market Chart in Hindi)

Share Market Chart Meaning in Hindi डियर पाठक एक ट्रेडर मुख्य रूप से चार्ट की हेल्प से मार्केट के ट्रेंड को पकड़ने की कोशिश करता है। और आपको बता दें कि ये ट्रेंड मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है

जैसे अपवर्ड, डाउनवर्ड और साइड-वे, आप चाहे कोई सा भी चार्ट उठा सकते हैं उसमें ट्रेडर इन्हीं तीन ट्रेंड को फॉलो कर मार्केट के बिहेवियर! को समझने का प्रयास करता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि शेयर मार्केट चार्ट एक स्पेसिफिक फॉर्मेशन होता ,है जो की ग्राफिक्स के माध्यम से फ्यूचर की प्राइस मूवमेंट और ट्रेडिंग ट्रेंड को दर्शाता है।

आपको बता दें कि चार्ट के माध्यम से ट्रेडर करंट ट्रेंड और रिवर्सल ट्रेंड की पहचान कर सकता है और चार्ट के माध्यम से ट्रेडर को निर्णय लेने में आसानी होती है।

चार्ट को के सरल लैंग्वेज में बताए तो चार्ट एक निश्चित समय अंतराल में हुए स्टॉक के कीमत और उसके वॉल्यूम में हुए बदलाव को दर्शाता है।

ग्राफिकल चार्ट में, X-axis समय अंतराल को दर्शाता है और Y-axis स्टॉक कीमत के बदलाव को दर्शाता है।

यह एक खास समय अंतराल के लिए देखा जा सकता है जो 1 दिन से एक साल या फिर 5 साल तक का हो सकता है। जिसे इंग्लिश में टाइम फ्रेम भी कहते हैं

आप इस भी तरह का ट्रेड (इंट्राडे, स्विंग, पोजीशन) कर रहे है उसके अनुसार आप इस टाइम फ्रेम का चयन कर सकते है।

शेयर मार्केट में ट्रेंड को समझने के लिए चार्ट सबसे अच्छा माध्यम माना जाता है और यह नए और अनुभवी दोनों के लिए इसे समझना जरूरी होता है।

अगर आप चार्ट एनालिसिस करना ठीक है ना तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता

शेयर मार्केट चार्ट के प्रकार? Types of stock market charts?

स्टॉक मार्केट में चार्ट उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना कि रोटी के साथ सब्जी क्योंकि आप केवल रोटी को सुखा नहीं खा सकते उसके साथ सब्जी की जरूरत पड़ती है

उसी तरह मार्केट में आप ऐसे ही प्रॉफिट नहीं निकाल सकते आपको चार्ट एनालिसिस करना आना चाहिए

आपको बता दें कि स्टॉक मार्केट में टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए ट्रेडर विभिन्न प्रकार के चार्ट का इस्तेमाल करते हैं।

आसान भाषा में समझने का प्रयास करे तो स्टॉक मार्केट चार्ट, टेक्निकल एनालिसिस की नींव (foundation) है, और चार्ट को समझना और सही तरह से इस्तेमाल करना एक ट्रेडर के लिए अति महत्वपूर्ण है।

चार्ट को समझने के लिए टेक्निकल एनालिसिस से जुड़ी किताबों का अध्ययन कर सकते हैं या फिर ऐसी कई इंटरनेट पर वीडियो मौजूद है

जिससे आप धीरे-धीरे चार्ट एनालिसिस करना सीख सकते हैं और कुछ ही समय में स्टॉक पत्रिका आपके लिए यूट्यूब पर टेक्निकल एनालिसिस वीडियो लेकर आने वाला है

वैसे तो स्टॉक मार्केट में कई प्रकार के चार्ट है लेकिन आज हम पॉपुलर चार्ट का अध्ययन करेंगे अब बात करते है उन 5 तरीके के चार्ट की जो आपको स्टॉक मार्केट को समझने में मदद करते है :-

  1. लाइन चार्ट (Line Chart)
  2. बार चार्ट (Bars Chart)
  3. एरिया चार्ट (Area Chart)
  4. कैंडलस्टिक चार्ट (Candles Chart)
  5. हेकिन आशी चार्ट (Heikin Ashi Chart)

अगर आप इन चार्ट के पैटर्न को समझकर स्टॉक मार्केट के ट्रेंड और आने वाली मूवमेंट को भलीभांति समझ कर ट्रेड कर सकते है ।

चलिए अब बारी बारी से इन चार्ट पेटर्न को समझते हैं- How to read stock market chart

1. Line Chart in Hindi, How Read Line Chart

डियर पाठक लाइन चार्ट सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाला चार्ट हैं। लाइन चार्ट या लाइन ग्राफ एक टाइम बेस्ड चार्ट होता है

जो चुने गए विशिष्ठ समय अंतराल में मार्केट के क्लोजिंग प्राइस को दर्शाता है। और आपको बता दें कि लाइन चार्ट प्राइस में हुए बदलाव को बताता है।

लाइन चार्ट के माध्यम से आप स्टॉक के एक दिन पहले के क्लोजिंग प्राइस को देख सकते हैं और इसका एनालिसिस कर ट्रेडिंग में सही स्टॉक चुन सकते हैं।

लाइन चार्ट की मदद से हम हम एक दिन से लेकर महीनों के ट्रेंड को देख सकते लाइन चार्ट चार्ट बाकी चार्ट्स की तुलना में आसान तो होती है,

लेकिन लाइन चार्ट केवल ट्रेडर को क्लोजिंग प्राइस दिखाने के अलावा कोई खास जानकारी नहीं दे पाता है पर हां कोई निवेशक लॉन्ग – टर्म के लिए किसी स्टॉक में निवेश करना चाहा रहा हो उसके लिए ये चार्ट काफी उपयोगी साबित होता है।

लाइन चार्ट में आप स्टॉक के हाई और लॉ प्राइस का पता लगाना मुश्किल होता है इसलिए इस तरह के चार्ट शार्ट – टर्म ट्रेड जैसे की स्विंग और इंट्राडे के लिए लाभदायक नहीं होते।

2. Bars Chart in Hindi

बार चार्ट लाइन चार्ट की तुलना में ज्यादा सूचना प्रदान करता है। बार चार्ट में हर एक पॉइंट को वर्टिकल लाइन द्वारा दर्शाया जाता है। हर एक वर्टिकल लाइन से दो हॉरिजॉन्टल लाइन जुड़ी होती हैं‌।

Bar Chart in hindi

इस बार चार्ट में बाहर की वर्टिकल लाइन का सबसे ऊपर का पार्ट स्टॉक के दिन भर की सबसे ज्यादा कीमत दर्शाता है ठीक उसी तरह वर्टिकल लाइन का सबसे निचला हिस्सा स्टॉक के पूरे दिन की सबसे कम कीमत को दर्शाता है

होरिजेंटल लाइन की लेफ्ट एक्सटेंशन (Left Extension) स्टॉक की ओपनिंग प्राइस को दर्शाती है ठीक उसी प्रकार होरिजेंटल लाइन की राइट एक्सटेंशन (Right Extension) क्लोजिंग प्राइस को दर्शाती है

बार चार्ट की हेल्प से आप स्टॉक के हाई, लो और ओपनिंग प्राइस वे क्लोजिंग प्राइस का पता लगा सकते हैं

बार चार्ट की मदद से एक एक निवेशक किसी विशिष्ट स्टॉक के बारे में 4 ट्रेंड को भिन्न-भिन्न समय अंतराल के भीतर टेक्निकल एनालिसिस कर सकते हैं

जो की शेयर मार्केट के बिहेव को समझने में काफी मददगार साबित होता है

3. एरिया चार्ट Area Chart in Hindi

डियर पाठक एरिया चार्ट लाइन चार्ट और बार चार्ट का ही मिश्रण होता है। एरिया चार्ट शेयर मार्केट के ट्रेंड की कंपैरेटिव और एक बिग इमेज के रूप में दिखाता है

आपको बता दें कि यह चार्ट उन लोगों के लिए ज्यादा बेस्ट हैं जोकि पहली बार किसी चार्ट को समझने का प्रयास कर रहे हैं

उनके लिए एरिया चार्ट सबसे अच्छा माना जाता है साथ ही लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर ट्रेंड को पकड़ने के लिए एरिया चार्ट का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Area Chart in hindi

ऐसा इसलिए क्योंकि एरिया चार्ट को किसी भी बिगनर के लिए समझना और समझाना इजी होता है,

इसलिए ज्यादातर ट्रेडर शुरुआत के समय इसी चार्ट का इस्तेमाल करते हैं इस चार्ट में ज्यादा तो कुछ उपयोगी नहीं है।

इसे ऑप्शन ट्रेडर या फिर यूं कह लो इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले या स्विंग ट्रेडिंग करने वाले इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, क्योंकि यह इस तरह के इन्वेस्टमेंट में कारगर साबित नहीं होता है।

4. कैंडलस्टिक चार्ट Candles Chart in Hindi

डियर पाठक टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए कैंडलेस्टिक चार्ट को सबसे लोकप्रिय चार्टों में से एक माना जाता है कैंडलेस्टिक चार्ट स्टॉक मार्केट में स्टॉक को चुनने के लिए सटीक तरीके से जानकारी प्रोवाइड करवाता है।

जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है के स्टॉक के मूवमेंट को कैंडल के आकार में प्रदर्शित करता है इसलिए इस चार्ट को कैंडलेस्टिक चार्ट कहा जाता है

और आपको बता दें कि कैंडलेस्टिक चार्ट बार चार्ट की तरह हैं स्टॉक के बारे में 4 तरह के पॉइंट दर्शाता है,

हाई (High) , लो (Low) , ओपनिंग (Opening) और क्लोजिंग (Closing) प्राइस को दर्शाता कैंडलेस्टिक चार्ट मार्केट की वोलैटिलिटी के साथ ही ट्रेंड और प्राइस पैटर्न को समझने में ज्यादा हेल्पफुल होता है।

Candlestick Chart in Hindi

यहां पर एक बॉडी बनती है जिसके ऊपर नीचे विक भी बनते हैं और कभी नहीं भी बनते हैं बार चार्ट में शॉर्ट टाइम के लिए ये ट्रेंड होती है

लेकिन कैंडलस्टिक चार्ट में लॉन्ग टर्म के लिए होती है। कैंडलेस्टिक चार्ट को समझना आसान होता है क्योंकि इसकी कैंडल दो अलग – अलग रंगों में दर्शायी जाती है।

गिरावट वाली कैंडलस्टिक को आमतौर पर लाल रंग द्वारा दर्शाया गया है वही बढ़ते हुए कैंडलस्टिक को हरे या उजले रंग द्वारा द्वारा दर्शाया जाता है।

हरी और लाल कैसे बनती है वह आपको बताते हैं यदि कैंडल में क्लोजिंग प्राइस , ओपनिंग प्राइस से ज्यादा है

तो कैंडल का रंग हरा जबकि इसके उलट ओपनिंग प्राइस , क्लोजिंग प्राइस से ज्यादा है तो कैंडल लाल रंग की दिखाई देती है

साथ ही आप कैंडलेस्टिक चार्ट इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस को भी जान सकते हैं।

5. हैकिन आशी चार्ट Heikin Ashi Chart in Hindi

डियर पाठक हैकिन आशी चार्ट कैंडलेस्टिक चार्ट का ही अपडेटड वर्जन है और यह चार्ट जापान में सबसे लोकप्रिय चार्ट है जापानी में हैकिन आशी का मतलब एवरेज बार होता है

इसका उपयोग स्टॉक के फ्यूचर प्राइस का पहले से अनुमान लगाने के लिए किया जाता है

हैकिन आशी चार्ट कैंडलेस्टिक चार्ट से अपडेट होने के बाद इसे पढ़ना और भी इजी हो गया है और यह पढ़ने में आकर्षक लगता है

डियर पाठक आपको बता दें कि हैकिन आशी चार्ट की हेल्प से मार्केट के अपट्रेंड और डाउनट्रेंड को आसानी से पढ़ा जा सकता है

कैंडलेस्टिक चार्ट की तरह इस चार्ट को भी समझना बेहद आसान है

अब काम की बात करते हैं कि इस चार्ट को समझें कैसे यदि चार्ट में बिना किसी कम छाया के AHA हैंडल जो कैंडल के जैसा दिखता है

वह अगर लगातार हरा होता है तो स्टॉक के ट्रेंड को अपट्रेंड दिखाता है और यदि एचए हैंडल बिना हाई शेडो के लगातार रेड होता है तो यह मार्केट ट्रेंड को नीचे डाउनट्रेंड में दिखाता है।

How to Read Stock Market Chart in Hindi

डियर पाठक आपको यहां पर बताना चाहते हैं कि अलग-अलग चार्ट अलग अलग पैटर्न के हिसाब से मार्केट के ट्रेंड को भिन्न-भिन्न तरीकों से दिखाते हैं

इसलिए आपको इन चार्ट को समझना और पढ़ना आना चाहिए कि कौन सा चार्ट मार्केट के बारे में क्या बोलना चाह रहा है

यदि आपको यह चार्ट पढ़ना और समझना आ गया ना तो आप स्टॉक मार्केट में आसानी से पैसे कमा सकते हो

क्योंकि पैसों का राज इन्हीं चार्ट में छुपा होता है इसलिए जितनी हो सके उतनी प्रैक्टिस कीजिए और चार्ट को एनालिसिस करना सीखिए

क्योंकि आप चार्ट के माध्यम से ही मार्केट के व्यवहार को आसानी से समझ पाओगे इसलिए आपको चार्ट का होमवर्क करना अति आवश्यक है मानते हैं

आज का आर्टिकल थोड़ा बड़ा है लेकिन आप इसे पूरा जरूर पढ़ें आपका चार्ट का कांसेप्ट यही क्लियर हो जाएगा

  1. डियर पाठक शेयर मार्केट चार्ट को जानने के लिए सबसे पहले आपको अच्छे चार्ट का चयन करना है
  2. इसके बाद आप टाइम पीरियड और टाइम फ्रेम का चयन करें टाइम पीरियड का मतलब एक महीना 1 साल 5 साल वो टाइम फ्रेम का मतलब 1 मिनट 5 मिनट 15 मिनट एक दिन इस तरह देख सकते हैं यदि आप इंट्राडे ट्रेडर है तो 5 मिनट और 1 मिनट का टाइम फ्रेम ले सकते हैं
  3. यहां पर बार स्टॉक की डिमांड एंड सप्लाई को दर्शाते हैं जैसे कि अगर बायर ज्यादा है तो वॉल्यूम बार हरि होगी और यदि सेलर ज्यादा है तो वॉल्यूम बार रेड होगी इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि आपको कहां पर एंट्री लेनी है और कहां पर है एग्जिट होना है इसके अलावा आप इंडिकेटर को भी चुन सकते हैं चार्ट में हजारों प्रकार के इंडिकेटर मौजूद है

निष्कर्ष Share Market Chart in Hindi

आशा करते हैं कि आपको Share Market Chart in Hindi आर्टिकल समझ में आया होगा और आपका यह सवाल भी क्लियर हो गया होगा कि शेयर मार्केट में चार्ट कैसे देखते हैं और How to Read Share Market Chart in Hindi

आपको कुछ पॉपुलर चार्ट के माध्यम से समझाने का भी प्रयास किया है आशा है कि आप शेयर मार्केट में नई बुलंदियों को हासिल करेंगे स्टॉक पत्रिका की शुभकामनाएं आपके साथ है

इसी के साथ आज के आर्टिकल Share Market Chart in Hindi को यहीं समाप्त करते हैं मिलते हैं एक और नई जानकारी के साथ

शेयर मार्केट में कितने चार्ट पेटर्न होते हैं

वैसे तो हमने आपको ऊपर कई प्रकार के अलग-अलग चाहट पैटर्न के बारे में बताया लेकिन टेक्निकल एनालिसिस मैं जापान का सबसे पुराना चार्ट पेटर्न एनालिसिस हेकिन आशी है

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखें

यदि आपको किसी भी स्टॉक का चार्ट देखना है तो आप tradingview.com वेबसाइट पर जाकर देख सकते हो और यदि आप इसे मोबाइल फोन में देखना चाहते हैं तो आप इसका एप्लीकेशन भी डाउनलोड कर सकते हैं

स्टॉक का चार्ट आकलन करना कैसे सीखे

यदि आपको और ज्यादा डिटेल में स्टॉक मार्केट के चार्ट को पढ़ना सीखना है तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते हैं हम आपके लिए इस टॉपिक पर और अच्छे ब्लॉग लिख सकते हैं

शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे PDF

आप इस लिंक पर क्लिक करके शेयर मार्केट चार्ट की कई सारी पीडीएफ को डाउनलोड करके शेयर मार्केट चार्ट को और ज्यादा आसानी से समझ सकते हैं

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नमस्कार दोस्तों आज आपको हम एक ऐसी कंपनी बताने जा रहे हैं जो आपको 1 शेयर के बदले 9 शेयर दे रही है इस कंपनी ने हाल ही में मीडिया के सामने यह कहां है कि आने वाले दिनों में अपने निवेशकों को बंपर मुनाफा कराने वाली है

Alstone Textiles Share

जिस कंपनी की हम बात करने जा रहे हैं उसका नाम एलस्टोन टेक्सटाइल कंपनी है यह एक स्मॉलकैप शेयर है एलस्टोन टैक्सटाइल कंपनी ने अपने निवेशकों को एक के बदले 9 शेयर देने का फैसला किया है यानी कि कंपनी 9:1 बोनस देने वाली है बोनस शेयर को स्टॉक मार्केट की भाषा में स्टॉक स्प्लिट कहते हैं इस कंपनी में यदि आप भी बोनस शेयर का फायदा उठाना चाहते हो तो आपको 3 दिसंबर से पहले इस कंपनी के शेयर का हिस्सा बनना पड़ेगा 3 दिसंबर के बाद में आपके पास जितने भी इस कंपनी के शेयर रहेंगे उन शेयर के बदले आपको प्रत्येक एक शेयर पर नो शेयर का बोनस मिलेगा

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इस कंपनी ने पिछले 1 साल के अंदर अपने निवेशकों को 1300% से ज्यादा का रिटर्न दिया है जहां पर इस कंपनी का शेयर पिछले साल ₹15 पर ट्रेड कर रहा था वहीं पर आज इस कंपनी का शेयर आपको ₹235 पर ट्रेड होता हुआ दिख रहा है इस कंपनी का शेयर अभी के समय में आपको all-time हाई पर आया हुआ दिखेगा लेकिन यदि अभी के समय में इस कंपनी में long-term के लिए निवेश करना सही नहीं है जब भी आपको यह शेयर डिस्काउंट पर मिले तब आपको इसमें निवेश करने का मन बनाना चाहिए

अगले 30 दिनों में यह 10 स्टॉक करेंगे मालामाल

Top 10 stock for November

नमस्कार, आप भी अगर ऐसे स्टॉक ढूंढ रहे हैं जो बहुत कम समय में आपको ज्यादा से ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि इस लेख में हम आपको 10 ऐसे स्टॉक बताने वाले हैं जो आने वाले कुछ दिनों के भीतर आपको अच्छे रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं

इससे पहले कि हम इस लेख को और आगे बढ़ाएं हमारा आपसे यह एक सवाल है कि आप शेयर मार्केट से कितने पर्सेंट रिटर्न की उम्मीद रखते हैं जैसे कि 2%, 5% या 7% लेकिन आपको इस लेख में जो स्टॉक हम बताने वाले हैं वह आपको आने वाले कुछ दिनों के भीतर 10% से भी ज्यादा का रिटर्न देने की काबिलियत रखते हैं इसलिए आप इस लेख को अच्छे से पढ़े ताकि आपको सब कुछ समझ में आ जाए तो चलिए शुरू करते हैं

Top Trading Ideas

आपको जो नीचे स्टॉक बताए गए हैं उसे आप स्विंग ट्रेडिंग या लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए खरीद सकते हैं लेकिन दोस्तों यह स्टॉक हम आपको हमारी रिसर्च और एजुकेशन परपज से बता रहे हैं तो इसमें हम गलत भी हो सकते हैं इसलिए स्टॉक पत्रिका टीम आपको हमेशा यह सलाह देती है कि किसी भी स्टॉक को खरीदते समय अपनी खुद की रिसर्च जरूर करें और जब आपको लगे कि हां यह इन्वेस्ट करने लाइक शेयर है तभी आपको उसमें इन्वेस्ट करना चाहिए

Technical Analysis in Hindi | टेक्निकल एनालिसिस क्या है

HDFC

एचडीएफसी का शेयर जब आपको ₹2400 पर मिले तभी आपको इसे खरीदना है इस शेयर का आपको टारगेट ₹2450 रखना है और आपको इस शेयर के लिए स्टॉपलॉस ₹2350 रखना है इस शेयर से आपको आने वाले कुछ दिनों के भीतर 6% का रिटर्न मिल सकता है

Cummins India

आपको यदि इस शेयर को खरीदना है तो आप इसे ₹1293 के पास खरीद सकते हैं इस स्टॉक के अंदर आपको ₹1495 का टारगेट रखना है आपको इस शेयर के लिए स्टॉप लॉस ₹1193 फॉलो करना है इस शेयर से आपको आने वाले कुछ हफ्तों के अंदर 16% तक का रिटर्न देखने को मिल सकता है

Power Finance Corporation

यदि आप इस शेयर को खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपको इस शेयर को सिर्फ ₹114 के भाव पर ही खरीदना है इस शेयर का टारगेट आप ₹128 के आसपास रख सकते हैं इसके अलावा यदि आपको इस शेयर का स्टॉपलॉस लगाना है तो आप स्टॉपलॉस ₹106 के पास लगा सकते हैं इस स्टॉक का अंदर आपको आने वाले 1 महीने के भीतर 12% से लेकर 14% तक का रिटर्न देखने की उम्मीद रख सकते हैं

JSW Steel

आपको यदि जेएसडब्ल्यू स्टील खरीदना है तो आप इस स्टॉक को ₹670 पर खरीद सकते हैं इस स्टॉक के लिए आपको स्टॉपलॉस ₹634 फॉलो करना है और यदि टारगेट की बात की जाए तो आप इस शेयर मैं ₹790 का टारगेट रखा जा सकता है इस शहर के अंदर आपको आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में 20% का रिटर्न मिलने की संभावना है

Spare

इस स्टॉक को आप ₹251 पर खरीद सकते हैं इस शेयर के लिए आपका स्टॉप लॉस ₹235 होना चाहिए और यदि टारगेट की बात की जाए तो आपको इस शेयर के लिए टारगेट ₹278 का रखना है इस शेयर से आपको 11% रिटर्न मिलने की उम्मीद है

Max Health Care Institute

यह स्टॉक फार्मा इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है तो आप इस शेयर को ₹431 के भाव पर खरीदने का प्लान बना सकते हैं इस शेयर के लिए आपको स्टॉप लॉस ₹390 का फॉलो करना है और टारगेट की बात की जाए तो आप इसका टारगेट ₹500 रख सकते हैं इस शेर से आपको आने वाले दिनों के अंदर 16% का रिटर्न मिलने की संभावना है फोन कर पूछ लो न

L & T Finance Holding

इस स्टॉक को आप ₹75 से ₹80 के बीच में खरीद सकते हैं इस स्टॉक से आने वाले कुछ दिनों के भीतर आपको ₹88 का टारगेट देखने को मिल सकता है और इस स्टॉक में आपका स्टॉपलॉस ₹70 होना चाहिए शेयर से आपको आने वाले कुछ दिनों के भीतर 10% का रिटर्न मिल सकता है

Top 10 swing Trading share Conclusion

इस लेख के अंदर हमने आपको कुछ ऐसे शेयर बताए हैं जो आपको आने वाले कुछ हफ्तों या महीने के भीतर अच्छे रिटर्न देने की काबिलियत रखते हैं हमारे द्वारा बताए गए स्टॉक के ऊपर आप अपने खुद के रिसर्च करके अपने खुद के रिस्क पर इन्वेस्ट कर सकते हैं यदि आप स्टॉक मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो आपको हमेशा 20% से ज्यादा पैसा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए यदि

आपको ऐसे ही लेख और चाहिए तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं इसके अलावा यदि आपको फ्री में शेयर मार्केट सीखने के लिए आप नीचे दिया गया बेल आइकन दबाकर Stockpatrika.com को सब्सक्राइब कर सकते हैं

स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है?

स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है

नमस्कार डियर पाठक आज के इस लेख में हम जाने वाले हैं, कि स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है? अगर आपको सिंपल भाषा में बताए तो, स्क्वायर ऑफ का मतलब हिंदी में। यदि एक लाइन में कहें, अपनी इंट्राडे की “पोजीशन को बंद करना” या चुकता करना होता है। चलिए आपको इससे और अच्छी तरह से समझाते हैं, क्योंकि यह बेसिक जानकारी हर ट्रेडर को मालूम रहनी चाहिए।

Square off Meaning in Trading in Hindi

डियर पाठक सुबह प्री ओपनिंग सेशन से मार्केट बंद होने तक। किसी भी स्टॉक को खरीद कर बेचने को स्क्वायर ऑफ कहा जा सकता है।

वहीं आपको बता दें कि इसमें शॉर्ट सेलिंग भी हो सकती है। कहने का मतलब इस शेर को पहले बेच कर बाद में खरीदा जाए।

चलिए कोई बात नहीं, लगता है आपको ठीक से समझ नहीं आया, आइए फिर इसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

शेयर मार्केट का गणित समझे बिल्कुल आसान भाषा में

स्क्वायर ऑफ का मतलब

चलिए उदाहरण के माध्यम से समझते हैं, स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब :-

उदा. 1 यदि आपने सुबह रिलायंस के 20 शेयर खरीदे। फिर आपने शाम को उन्हें बेच दिया, शाम को शेयर बेचने का मतलब है कि आपने अपनी पोजीशन को बंद कर दिया,‌ शाम को शेयर बेचना ऐसा नहीं है, आप पूरे दिन में शेयर कभी भी बेच सकते हैं। यह आपके ऊपर डिपेंड करता है।

उदा. 2 दूसरे उदाहरण में वही बात है इसमें आप शॉर्ट सेल करते हैं, जैसे कि आपने सुबह इंफोसिस के 40 शेयर शॉर्ट सेल कियें। बाद में आपने वापस खरीद लिए, इसमें भी सेम ही बात है कि आपने मार्केट बंद होने से पहले अपनी पोजीशन को क्लोज कर दी।

इसका अर्थ यह है कि आप सुबह ट्रेडिंग शुरू होने पर शेयर खरीदते है और आपको उसी दिन एक्सचेंज के बंद होने से पहले अपने सभी पोजीशन को स्क्वायर ऑफ करना होता है, यानी कि बंद करना होता है‌।

डीमैट अकाउंट कैसे खोलें

स्क्वायर ऑफ शब्द का प्रयोग कहां होता है।

डियर पाठक, स्क्वायर ऑफ शब्द का प्रयोग अक्सर इंट्राडे ट्रेडिंग में होता है। और आपको बता दें कि इस बेसिक जानकारी का पता हर ट्रेडर को होना चाहिए।

स्क्वायर ऑफ वर्ड को समझने से पहले, आपको इंट्राडे समझना जरूरी है इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं, ‌ इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? चलिए आपको शॉर्ट में समझाते हैं कि इंट्राडे ट्रेडिंग क्या होती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग दो शब्दों से जुड़कर बना है। पहला ‘इंट्रा’ और दूसरा डे, इसका मतलब एक ही दिन के भीतर। यदि कोई इन्वेस्टर शेयर यह सिक्योरिटी की खरीददारी और बिक्री एक ही दिन के अंदर कर देता है, तो यह ट्रेड इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाता है।

आप शॉर्ट सेलिंग के बारे में भी यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं, शॉर्ट सेलिंग क्या है? शॉर्ट सेलिंग में आप शेयर को आप पहले बेचते हैं।

अगर आप ऑफलाइन यह चीज करते हैं तब भी आपको इसी कंडीशन का सामना करना पड़ेगा

कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

  1. डियर पाठक, स्टॉक मार्केट में प्री ओपनिंग सेशन सुबह 9:00 बजे से लेकर 9:15 तक होता है।
  2. और आपको बता दें कि स्क्वायर ऑफ टाइम सभी ब्रोकर के लिए सेम नहीं होता है, यह सभी ब्रोकर पर अलग-अलग टाइम में उपलब्ध है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए टेबल की जांच कीजिए।
  3. और यह भी जान लीजिए यहां पर शेयर का प्रयोग हुआ है, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि केवल शेयर ही स्क्वायर ऑफ होता है। बल्कि इसमें मार्केट की हर सर्विस शामिल है़ जैसे अन्य कोई सिक्योरिटीज, डेरीवेटिव, कमोडिटी, करेंसी इत्यादि।

ऑटोमैटिक स्क्वायर ऑफ का समय, Auto Square off Meaning in Trading in Hindi

जैसे कि हमने ऊपर सीखा की इंट्राडे पोजीशन को हमें तो करना पड़ता है। और अगर आपने इंट्राडे ट्रेडिंग में जिस दिन पोजीशन ली उसी दिन सही टाइम पर पोजीशन को स्क्वायर ऑफ नहीं, की यानी कि एग्जिट नहीं हुए तो आपका जो ब्रोकर है। वह आपकी पोजीशन को ऑटोमेटिक स्क्वायर ऑफ कर देता है। इसी को Auto Square off Meaning in Trading in Hindi कहा जाता है।

डियर पाठक सभी ब्रोकर्स का अपना अपना ऑटो स्क्वायर ऑफ टाइम अलग-अलग होता है। जैसे कि हमने पहले बताया है कि आपने अपनी पोजीशन को एग्जिट नहीं किया है तो आपका ब्रोकर उसके टाइम के हिसाब से आप की पोजीशन को ऑटो स्क्वायर ऑफ कर देगा। साथ ही इसकी पेनल्टी भी लेगा। इसलिए अपनी सारी पोसिशन्स को निर्धारित समय से पहले स्क्वायर ऑफ कर देना चाहिए। 

आपको अपने ब्रोकर का स्क्वायर ऑफ टाइमिंग जानना जरूरी है के लिए आप ब्रोकर की ऑफिशल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं, टेबल से आप देख सकते हैं कि ब्रोकर कितने पेनल्टी लगाते हैं।

ब्रोकरऑटो स्क्वायर ऑफ टाइमऑटो स्क्वायर ऑफ शुल्क
जेरोधा3:15 से 3:20 PMरु 50 + 18% GST
आईसीआईसीआई डायरेक्ट3:30 PMरु 50 + 18% GST
HDFC सिक्योरिटीज3:00 PMरु 50 + 18% GST
अपस्टॉक्स3:15 PMरु 20 + 18% GST
5 पैसा3:15 PMरु 20 + 18% GST
एंजेल ब्रोकिंग3:15 PMरु 50 + 18% GST
SBIसिक्योरिटीज3:05 PMरु 50 + 18% GST
शेयरखान3:30रु 50 + 18% GST
कोटक सिक्योरिटीज3:10रु 50 + 18% GST

स्क्वायर ऑफ के प्रकार

डियर पाठक, स्क्वायर ऑफ 2 प्रकार का होता है :-

  1. ऑटो स्क्वायर ऑफ (Auto Square Off)
  2. मैनुअल स्क्वायर ऑफ (Manual Square Off)

ऑटो स्क्वायर ऑफ, डियर पाठक यह आपको पहले ही बता दिया कि ऑटो स्क्वायर ऑफ, ब्रोकर द्वारा किया जाता है, और यह ब्रोकर तब करता है जब किसी टेंडर की पोजीशन खुली रह जाती है तब ब्रोकर सिस्टम पोजीशन को ऑटोमेटिक स्क्वायर ऑफ कर देता है।

मैनुअल स्क्वायर ऑफ, का मतलब है। ट्रेडर अपनी पोजीशन खुद बंद करता है।

ऑटो स्क्वायर ऑफ के प्रकार

  1. टाइमर आधारित (Timer Based)
  2. MTM मार्केट टू मार्केट (Market to Market Base)

टाइमर आधारित स्क्वायर ऑफ :-

इसमें ट्रेडर की पोजीशन पहले से ही निर्धारित टाइम पर हो जाती है, हालांकि समय अलग-अलग ब्रोकर के हिसाब से तय होता है, बेसिकली यह टाइम 3:00 बज कर। वहीं दूसरी ओर किसी ब्रोकर का समय 3:25 हो सकता है।

टाइमर बेस ऑटो स्क्वायर ऑफ की विशेषताएँ 

  1. इक्विटी और फ्यूचर और ऑप्शन ( F & O ) में जितनी मार्जिन और इंट्राडे पोजीशन है वे सभी लिमिट / क्रेडिट होने के बावजूद भी स्क्वायर ऑफ हो जाएगी।
  2. प्री स्क्वायर ऑफ मोड में एक ग्राहक अपनी पोजीशन को स्क्वायर ऑफ कर सकता है, लेकिन वह नई पोजीशन नहीं बना सकता।
  3. इसके अलावा , सभी लंबित ऑर्डर ऑटो स्क्वायर ऑफ होने तक खुली रहती है । प्रोडक्ट टाइप डिलीवरी में नई पोजीशन तभी बन सकती है जब फंड / लिमिट विस्तार किये हो।
  4. प्रोडक्ट टाइप डिलीवरी में बदली हुई पोजीशन को स्क्वायर ऑफ नहीं किया जा सकता।

(MTM) मार्केट टू मार्केट स्क्वायर ऑफ

MTM में किसी ग्राहक की इक्विटी और फ्यूचर और ऑप्शन(F&O) में हुई एमटीएम लॉस की गणना करने के बाद स्क्वायर ऑफ हो जाएगा।

एमटीएम बेस स्क्वायर ऑफ की विशेषताएँ :-

  • प्री स्क्वायर ऑफ में 70 % और ऑटोस्क्वायर ऑफ में 80 % स्क्वायर ऑफ प्रतिशत सेट किया गया है ।
  • प्री – स्क्वायर मोड में, केवल डिलीवरी ऑर्डर के लिए उपलब्ध फंड की सीमा तक स्वीकार किया जाएगा और लंबित ऑर्डर तब – तक रहेंगे, जब तक की ऑटो स्क्वायर ऑफ ट्रिगर्स नहीं हो जाता है।
  • MTM को ऑटो स्क्वायर ऑफ को प्रतिशत में शुरू किया जाता है , तब सभी रुके हुए ऑर्डर्स रद्द कर दिए जाएँगे । और डिलीवरी के लिए कोई नया ऑर्डर प्लेस नहीं किया जा सकता है जो कि फंड में उपलब्ध है।
  • सेगमेंट के अलावा कैश या फ्यूचर में सभी ओपन पोजीशन को स्क्वायर ऑफ किया जा सकता है।

निष्कर्ष, स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है?

आज के इस लेख, स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है? के अंदर हमने जाना कि स्क्वायर ऑफ , ट्रेडिंग का एक ऐसा फीचर है जहाँ एक ट्रेडर लाभ अर्जित करने के लिए शेयर्स को खरीदता और बेचता है। यह डे – ट्रेडिंग का एक हिस्सा है, इसलिए ट्रेडर को उसी दिन ट्रेडिंग सेशन के अंत तक अपनी सभी पोजीशन को स्क्वायर ऑफ करना होता है।

आशा करते हैं कि आज का लेख स्टॉक मार्केट में स्क्वायर ऑफ का मतलब क्या होता है? आपको बहुत ही नॉलेजेबल लगा होगा हमारे बारे में अधिक जानने के लिए हमारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विजिट कर सकते हैं

How to Invest In Share Market Online In Hindi 2023

How-to-Invest-In-Share-Market-Online-In-Hindi-2022

नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में आप शेयर मार्केट में बहुत कम पैसों के साथ इन्वेस्ट करना सीखने वाले हैं आपको मैं बताऊंगा कि How to Invest In Share Market Online In Hindi 2023 साथ ही मैं आपको बताऊंगा कि गौर

आप कैसे मोबाइल फोन से पैसे इन्वेस्ट कर सकते है मैं आपको बता दूं कि शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना बहुत ही आसान है आज के इस लेट में शेयर मार्केट में कैसे निवेश करें शेयर मार्केट क्या होता है शेयर मार्केट में कितने पैसे निवेश करें, पहला शेयर कैसे खरीदें,

आप शेयर बाजार में कम से कम कितना पैसा लगा सकते हैं, शेयर मार्केट के फायदे व नुकसान, किस कंपनी का शेयर खरीदे, शेयर बाजार के नुकसान से बचने के टिप्स और शेयर मार्केट का पूरा गणित मैं आपको बताने वाला हूं तो आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें

शेयर मार्केट में ऑनलाइन निवेश कैसे करें हिंदी में 2023

दोस्तों किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए आपके पास सबसे पहले क्षेत्र का पूरा ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है अगर हम बिना नॉलेज के कोई कार्य करते हैं तो उसमें फेल होने की संभावना बनी रहती है और यही नियम शेयर मार्केट में भी लागू होता है यहां पर पैसों का निवेश करना बहुत ही आसान है

आप शेयर मार्केट में अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके कम से कम ₹100 से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं लेकिन इससे पहले मेरा आपको यह सुझाव रहेगा कि आप शेयर मार्केट की पूरी पकड़ जैसे शेयर मार्केट कैसे काम करता है भविष्य के लिए कौन सा स्टॉक सही है कौन सी कंपनी सही है अच्छे स्टॉक का चुनाव कैसे करें इन सब के बारे में जब आप अच्छे से सीख जाए तभी आप अपने पैसे को निवेश करें चाहे अब वह ₹100 हो या ₹100000

” First learn Then Earn 💰 “

शेयर मार्केट में पैसा कैसे निवेश करें

दोस्तों जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया की शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आपके पास सबसे पहले एक डीमैट खाता होना बहुत ही जरूरी है

और अब आपको शेयर मार्केट में एक ऐसी कंपनी का चुनाव करना होता है जिसमें आप पैसों का निवेश कर सके क्योंकि दोस्तों अगर आपने किसी गलत शेयर में निवेश कर दिया तो आपको इससे बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है

जिस भी कंपनी में आप पैसों का निवेश करते है उस कंपनी में निवेश करने से पहले आप उसके बैकग्राउंड के बारे में अच्छी तरह से जान ले जैसे कि यह कंपनी क्या करती है इसका बिजनेस मॉडल क्या है इसके क्या प्रोडक्ट है क्या यह कंपनी भविष्य में आगे बढ़ेगी आदि ऐसे कई चीजों के बारे में पता लगाकर ही आप निवेश कर सकते हैं

शेयर मार्केट का अकाउंट यहां से खोलें – 👉 डिमैट अकाउंट

शेयर मार्केट में कितना पैसा लगता है

जब कोई व्यक्ति शेयर मार्केट में नया नया आता है तो वह सोचता है कि शेयर मार्केट में पैसों का निवेश करने के लिए उसके पास बहुत ज्यादा पैसा होना आवश्यक है लेकिन दोस्तों यह सब बिल्कुल भी नहीं है चलिए मैं आपको समझाता हूं कैसे

आप जब शेयर मार्केट में पैसों का निवेश करने के लिए किसी अच्छी कंपनी का चुनाव करते हो तो उस कंपनी के शेयर की एक कीमत होती है तो जब आप इस कंपनी के शेयर को खरीद लेते हो

तो जैसे कि इस कंपनी के 1 शेयर की कीमत ₹100 है तो आप इस कंपनी का एक शेयर ₹100 में भी खरीद सकते हो शेयर मार्केट में बहुत सारी ऐसी कंपनियां भी है जिनका शेयर बिल्कुल एक रुपए या ₹2 या ₹50 या ₹500 या फिर ₹80000 तक भी है

इसलिए शेयर मार्केट में कितना पैसा लगता है यह सवाल बिल्कुल गलत है क्योंकि शेयर मार्केट में आप कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना भी पैसा लगा सकते है

अच्छे शेयरों की पहचान कैसे करें

शेयर मार्केट में निवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर यह सवाल हमेशा होता है कि अच्छे शेयर का चुनाव कैसे करें क्योंकि दोस्तों शेयर मार्केट में काफी लोग पैसों का निवेश तो कर देते हैं लेकिन वह किसी एक ऐसी कंपनी में निवेश कर देते हैं जो उन्हें बरबाद कर देती है तो इसलिए अच्छे शेयरों की पहचान करना बहुत ही आवश्यक है चलिए अब मैं आपको बताता हूं कि अच्छे शेयर की पहचान कैसे करें

क्या कंपनी के अच्छा फंडामेंटल है ?

जब भी आप किसी कंपनी में निवेश करते हो तो उससे पहले आप उसके फंडामेंटल एनालिसिस जरूर करें फंडामेंटल का मतलब होता है की कंपनी कितने सालों से मार्केट में है क्या इसका प्रति वर्ष फायदा बढ़ रहा है या नहीं क्या यह कंपनी भविष्य में टिक पाएगी कंपनी के बैलेंस शीट आदि

क्या यह कंपनी भविष्य में चलेगी ?

जब आप किसी कंपनी में निवेश करते है तो आप यह पता लगाने की कोशिश कीजिए कि क्या इस कंपनी का भविष्य अच्छा रहेगा या यह कंपनी भविष्य में डूब जाएगी अगर किसी कंपनी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल आने वाले 15 20 सालों में भी लोग करेंगे तो ऐसी कंपनी का अंदर आपको जरूर निवेश करना चाहिए

कंपनी पर कर्ज तो नहीं है ?

किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले आप यह भी पता लगाइए कि इस कंपनी के ऊपर कितना कर्ज है क्योंकि दोस्तों मार्केट में बहुत सारी ऐसी कंपनियां होती

है जिनका बिजनेस मॉडल भी बहुत अच्छा होता है जो बहुत अच्छा प्रॉफिट भी कमा रही होती है लेकिन फिर भी उनके ऊपर बहुत ज्यादा मात्रा में कर्ज होता है

हां थोड़ा बहुत कर दो हर एक कंपनी के ऊपर होता है लेकिन यदि यह बहुत ज्यादा मात्रा में है तो आपको ऐसी कंपनी के शेयर से दूर रहने की तक सकता है

सस्ते शेयर से दूर रहे ?

यह बहुत सारे लोगों के साथ होता है जब वह शेयर मार्केट में आते हैं तो वह सस्ते शेयर खरीदने लगते हैं क्योंकि सस्ते शेयर एक रुपए ₹2 या ₹5 में मिल जाते हैं और इनमें बहुत कम पैसों में ज्यादा मात्रा में शेयर आ जाते हैं लेकिन ऐसी कंपनियां हमेशा आपके पैसों का नुकसान करेगी इसलिए हमेशा छोटी कंपनियों के शेयर यानी पेनी स्टॉक से दूर रहे

कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है ?

किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले आप उस कंपनी को बनाने वाले फाउंडर और अभी इस कंपनी को कौन व्यक्ति हैंडल कर रहा है इसके बारे में भी पता लगाइए क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि अगर किसी कंपनी का अच्छा मैनेजमेंट नहीं होता है तो वह कंपनी बहुत जल्दी घाटे में आ जाती है इसलिए कंपनी का मैनेजमेंट भी अच्छा होना बहुत ही आवश्यक है

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स

जब भी आप किसी कंपनी में निवेश करते है तो उससे पहले ऊपर बताए गए सभी नियमों और शर्तों के ऊपर वह कंपनी खरी उतरने चाहिए उसके बाद ही आप उस कंपनी में निवेश करने का प्लान बनाइए

कभी भी किसी कंपनी में किसी न्यूज़ को देखकर या फिर किसी व्यक्ति के मुंह से सुनकर निवेश ना करें हमेशा कम से कम कंपनियों के अंदर निवेश करिए

इसके साथ ही कभी भी किसी एक कंपनी या एक ही सेक्टर के अंदर अपना पूरा पैसा निवेश ना करें और कभी भी डर और लालच में आकर अच्छे शेर से बाहर ना निकले

क्योंकि कई बार मार्केट ऊपर नीचे होने की वजह से कई सारे शेयर भी ऊपर नीचे होते हैं लेकिन आपको डर के मारे ऐसे अच्छे शेर से बाहर नहीं निकलना चाहिए

अंतिम शब्द – Conclusion

आज के इस लेख में आपने सीखा की How to Invest In Share Market Online In Hindi 2023 इसके साथ ही आपने जाना की अच्छे शेयर की पहचान कैसे करें, शेयर मार्केट में पैसा कैसे निवेश करें, शेयर मार्केट में कितना पैसा लगता है आदि

ऐसे कई सारे कारणों को हमने आपको विस्तार से बताया है यदि अब भी आपका इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल यह सुझाव है तो आप में है कमेंट बॉक्स में हमारे साथ साझा कर सकते हैं

इस लेख How to Invest In Share Market Online In Hindi 2023 को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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