IPO क्या है | आईपीओ कैसे खरीदें | A to Z जानकारी

Ipo kya hai

नमस्कार प्रिय पाठक स्वागत है आपका आज के इस लेख में, क्या आपको नहीं पता कि आईपीओ क्या होता है, इसका मतलब है कि आप शेयर मार्केट में नए है तो चलिए आज के इस लेख में हम आपको आईपीओ क्या है, आईपीओ कैसे खरीदे और बेचे, आईपीओ के फायदे और नुकसान और आईपीओ से संबंधित सारी जानकारी आपको आज इस लेख में हम देने वाले हैं तो कृपया आप इस लेख को अंत तक जरूर करें

IPO क्या है

जब भी किसी कंपनी को अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए पैसों की आवश्यकता पड़ती है तो वह सबसे पहले बड़े बड़े निवेशकों के पास जाती है लेकिन फिर भी कंपनी को और पैसों की आवश्यकता पड़ती है तो वह शेयर मार्केट में अपना आईपीओ लेकर आती है आईपीओ का मतलब होता है ( Initial public offering )

आईपीओ के माध्यम से कंपनी शेयर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी को बेचती है और इसके बदले जो भी पैसा आता है उस पैसे से अपने बिजनेस को आगे बढ़ाती है

जब कोई कंपनी शेयर मार्केट में आईपीओ के माध्यम से जो हिस्सेदारी बेचती है है है उसे बड़े-बड़े इंस्टिट्यूट, म्यूचल फंड और रिटेल इन्वेस्टर खरीदते हैं

स्टॉक मार्केट कैसे सीखे ?

Ipo कैसे खरीदें और बेचे जाते हैं

जब कोई भी कंपनी अपना आईपीओ लेकर आती है तो लोगों का इसको खरीदने का समय 3 दिन का होता है इस आईपीओ को आप अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमेट अकाउंट का इस्तेमाल करके खरीद सकते हैं आपको किसी भी कंपनी के आईपीओ में एक बोली लगानी पड़ती है

जो कि इतनी मुश्किल नहीं है जितना आप सोच रहे हैं अब आपको अगले 7 दिन के भीतर एक उस कंपनी के माध्यम से अलॉटमेंट का नोटिफिकेशन मिल जाएगा कि क्या कंपनी ने आपको शेयर अलॉट किए हैं या नहीं अगर किए हैं

तो यह शेयर कंपनी की लिस्टिंग के दिन आपके डीमेट अकाउंट में आ जाएंगे और अगर नहीं मिले हैं तो आपके अकाउंट से जो भी पैसा ब्लॉक हुआ था वह वापस आपके अकाउंट में अनब्लॉक हो जाएगा

आईपीओ कैसे काम करता है

जब कोई कंपनी शेयर मार्केट में आने के लिए अपना आईपीओ लेकर आती है तो इस पूरे प्रोसेस को पूरा होने में 10 दिन का समय लगता है

पहले 3 दिनों तक सभी बड़े और छोटे निवेशकों को इस कंपनी में पैसा लगाने का मौका मिलता है 3 दिन बाद आप इस कंपनी के अंदर पैसा नहीं लगा सकते हैं फिर अगले 7 दिनों के भीतर कंपनी यह डिसाइड करती है कि किस व्यक्ति को शेयर देने हैं और किसको नहीं देने हैं

क्योंकि प्रिय पाठक ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आपने जिस कंपनी के आईपीओ को खरीदा है वह आपको मिलेगा ही मिलेगा ऐसा नहीं होता है अब 7 दिन के अंदर आपको पता चल जाता है कि कंपनी ने आप को शेयर दिए हैं या नहीं दिए हैं अगर आपको शेयर मिल गया है

तो अगले 3 दिनों के अंदर मतलब दसवे दिन कंपनी शेयर मार्केट के एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाएगी अब आप यहां से अपने शहर को दे सकते हैं इस तरीके से आईटीओ काम करता है

आईपीओ के फायदे और नुकसान

आईपीओ के फायदे

यदि आपने किसी अच्छी कंपनी के आईपीओ में निवेश किया है तो कई बार यह है आशा बनी रहती है कि वह कंपनी जिस दिन शेयर मार्केट में लिस्ट होगी तब अच्छे दामों पर लिस्ट होती है

जिसके कारण आपको बहुत कम समय में बहुत ज्यादा मुनाफा देखने को मिल सकता है

आप आईपीओ के माध्यम से कम समय में अपने पैसे को डबल कर सकते हैं

आईपीओ के नुकसान

प्रिय पाठक पाठक कई बार ऐसा होता है कि आप जिस कंपनी के आईपीओ को खरीदते हैं अरे कंपनी जिस दिन शेयर मार्केट में लिस्ट होती है

उस दिन वह जिस प्राइस पर आप ने खरीदा उससे नीचे लिस्ट होती है जिसके कारण आपको नुकसान उठाना पड़ता कता है

आईपीओ के अंदर कम समय में पैसे बनाने के चक्कर में कई बार लोगों को बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है

निष्कर्ष – Conclusion

आज के इस लेख में आपने सीखा कि आईपीओ क्या है आईपीओ को कैसे खरीदा और बेचा जाता है आईपीओ खरीदते समय आपको क्या फायदे व नुकसान हो सकते हैं इसके साथ ही हमने आईपीओ से संबंधित आपको संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है

यदि आपका इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल यह सुझाव है तो आप में हमारे साथ कमेंट बॉक्स में साझा कर सकते हैं इस लेख को अंतत पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

पेपर ट्रेडिंग कैसे करें | बेस्ट प्लेटफॉर्म 2022

paper-trading-kaise-kare

जब कोई व्यक्ति स्टॉक मार्केट में नया आता है तो वह अपनी ट्रेडिंग की शुरुआत पेपर ट्रेडिंग करके करता है क्योंकि यहां पर जो आपको पैसे मिलते हैं वह वर्चुअल पैसे होते हैं जिनका इस्तेमाल आप ट्रेडिंग करने के लिए कर सकते हैं जब आपको अच्छे से अपने ऊपर विश्वास हो जाए तब आप रियल मनी के साथ में कैद कर सकते हैं तो चलिए आज के इस लेख में आप जानने वाले हैं की पेपर ट्रेडिंग कैसे करें और पेपर ट्रेडिंग करने के लिए बेस्ट प्लेटफार्म कौन सा है

पेपर ट्रेडिंग कैसे करें

पेपर ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक ऐसा वर्चुअल सॉफ्टवेयर होना जरूरी होता है जो आपको एक वर्चुअल पैसा दे सके जिसके माध्यम से आप मार्केट में ट्रेडिंग कर सकते हैं पेपर ट्रेडिंग के लिए कौन सा प्लेटफार्म सही है इसके बारे में मैंने आपको नीचे और ज्यादा विस्तार से बता रखा है अब इसके साथ ही पेपर ट्रेडिंग के फायदे और पेपर ट्रेडिंग के नुकसान के बारे में भी बता रखा है

Paper Trading Software क्या है

पेपर ट्रेडिंग जिसे वर्चुअल ट्रेडिंग भी कहा जाता है एक नए ट्रेडर को बाजार में अनुभव करने के लिए पेपर ट्रेडिंग करने की सलाह दी जाती है क्योंकि पेपर ट्रेडिंग के अंदर आपके पास Real money से ट्रेडिग नहीं होती है

जिसके कारण आपको अगर नुकसान भी होता है तो उससे आपको कोई नुकसान नहीं होता है पेपर ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर एक प्रकार का ऐसा प्लेटफार्म होता है जहां पर कोई भी व्यक्ति अपना खाता बनाकर वर्चुअल पैसों के साथ में ट्रेडिग करना शुरू कर सकता है

भारत के सबसे बड़े ब्रोकर के साथ लिमिट अकाउंट खोलें

Paper Trading App

Trading View – आपको यह प्ले स्टोर पर मिल जाएगा इसके माध्यम से आप विश्व के किसी भी मार्केट में आसानी से पेपर ट्रेडिंग कर सकते हैं ट्रेडिंगव्यू ऐप के अंदर आपको $100000 का वर्चुअल करेंसी मिलता है जिससे आप आसानी से अपने शेयर मार्केट के अनुभव को बढ़ा सकते हैं

Neostox – यह एक वेबसाइट है जहां पर जाकर आपको अपना एक खाता बनाने की आवश्यकता पढ़ती है यहां पर आप भारतीय शेयर मार्केट के अंदर लाइव ट्रेडिंग कर सकते हैं इसके साथ ही आप यहां पर ऑप्शन ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग भी कर सकते हैं शेयर मार्केट में आने वाले नए लोगों के लिए यह वेबसाइट सबसे अच्छा पेपर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है

Paper Trading protfolio क्या है

यदि आप का स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग ना करके निवेश करना चाहते हैं तो भी आप पेपर ट्रेडिंग के माध्यम से निवेश कर सकते हैं इसमें आपका पैसा नहीं लगेगा और अगर कभी घाटा हुआ तो मैं भी आपकी जेब से नहीं जाएगा पेपर ट्रेडिंग का इस्तेमाल करके आप निवेश करना सीख सकते हैं

paper trading क्या है

पेपर ट्रेडिंग एक प्रकार की सॉफ्टवेयर ट्रेडिंग होती है जो शेयर मार्केट में नए लोगों को खुद के पैसे लगाए बिना ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग सीखने समझने में मदद करता है ऑनलाइन पेपर ट्रेडिंग करवाने वाली वेबसाइट और सॉफ्टवेयर आपको बिल्कुल वैसा ही अनुभव देते हैं जैसा कि आप किसी प्रकार के साथ में ट्रेडिंग करते हैं

पेपर ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

जब आप पेपर ट्रेडिंग करते हैं तो आपको पैसा खोने का डर नहीं रहता है क्योंकि वहां पर आपके जेब से पैसे नहीं लगे हुए रहते हैं जिसके कारण आप वहां पर कोई भी फैसला लेने से पहले बिल्कुल भी नहीं सोचते हैं

वहीं अगर आप रियल मार्केट में कैद करते हैं तो वहां पर आपको हमेशा अपने पैसे खोने का डर बना रहता है साथ ही आप वहां पर डर और लालच के हिसाब से अपने फैसले लेते हैं

कोई भी व्यक्ति पेपर ट्रेडिंग करके अपने आपको एक अच्छा ट्रेडर नहीं मान सकता है क्योंकि पेपर ट्रेडिंग में और रियल ट्रेडिंग में बहुत बड़ा फर्क होता है ट्रेडिंग का असली अनुभव आपको खुद के पैसे लगाकर ट्रेनिंग करने पर ही आता है

निष्कर्ष – Conclusion

आज के इस लेख में आपने सीखा की पेपर ट्रेडिंग कैसे करें पेपर ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान और साथ ही पेपर ट्रेडिंग करने के लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म कौन सा है यदि आपको इसलिए संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव देना है तो आप वह कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं इस लेख पेपर ट्रेडिंग कैसे करें को अंतत पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Market Cap in Hindi, मार्केट कैप क्या होता है Market Capitalization

Market Cap in Hindi

नमस्कार डियर पाठक स्वागत है, आपका स्टॉक पत्रिका परिवार में आज हम जानने वाले हैं की मार्केट कैप क्या होता है? Market Cap in Hindi क्योंकि कई सारे निवेशक जब नए-नए मार्केट में आते हैं तो उन्हें नहीं पता होता है कि मार्केट कैप क्या होता है तो आज के इस आर्टिकल में हम बिल्कुल सरल तरीके से जानेंगे कि मार्केट के होता क्या है और मार्केट के कैसे काम करता है साथ ही यह भी जानेंगे कि मार्केट कैप की गणना कैसे करते हैं?

Market Cap in Hindi, डियर पाठक अगर आप भी एक ट्रेडर है या इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं, या फिर आप भी शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको एक शब्द का सामना अवश्य करना पड़ा होगा या करना पड़ेगा वह है मार्केट केपीटलाइजेशन (Market Capitalization) यानी कि बाजार पूंजीकरण और इसे शॉर्ट फॉर्म में मार्केट कैप (Market Cap) कहते हैं स्टॉक मार्केट में मार्केट के उतार-चढ़ाव में मार्केट कैप का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसलिए अगर आप एक नए ट्रेडर है तो आपको यह जानना अति आवश्यक है कि Market Capitalization Kya Hai? (What is Market Cap in Hindi) चलिए आगे बढ़ते हैं।

शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझें

शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाए

मार्केट कैप क्या है? What is Market cap in hindi (Market Cap in Hindi)

Capitalization Meaning in Hindi मार्केट कैपिटलाइज़ेशन दो शब्दों का कॉम्बिनेशन है : मार्केट (बाजार) और कैपिटलाइज़ेशन (पूंजीकरण) अगर मार्केट कैप को सिंपल भाषा में समझने का प्रयास करें तो मार्केट कैप का मतलब होता है किसी भी कंपनी के आउटस्टैंडिंग (बकाया) शेयरों की टोटल मार्केट वैल्यू , मार्केट कैप को समझने के लिए आपको पहले इन दो महत्वपूर्ण शब्दों का अध्ययन करना होगा जिससे कि आपको मार्केट कैप का अर्थ आसानी से समझ में आए

  1. मार्केट वैल्यू (Market Value)
  2. आउटस्टैंडिंग शेयर (Outstanding Share)

मार्केट वैल्यू (Market Value) :-

मार्केट वैल्यू कंपनी के प्रत्येक शेयर का प्राइस है, आपको बता दें कि मार्केट मार्केट वैल्यू शेयरों की मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होता है, क्योंकि अगर आपूर्ति की तुलना में मांग अत्यधिक है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू बढ़ जाती है। वहीं अगर मांग की तुलना में आपूर्ति अत्यधिक है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू कम हो जाती है और आपको बता दे की मार्केट वैल्यू में अप डाउन होता रहता है इसीलिए कंपनी का मार्केट कैप समय के साथ परिवर्तनशील होता है कहने का मतलब कम ज्यादा होता रहता है।

आउटस्टैंडिंग शेयर (Outstanding Share in Hindi) :-

आउटस्टैंडिंग शेयर यानी कि बकाया शेयर यह वह शेयर होते हैं जो पब्लिक को जारी किए जाते हैं, और ट्रेड के लिए अवेलेबल शेयरों की संख्या अवेलेबिलिटी दिखाते हैं और डियर पाठक कंपनी के बकाया शेयर यानी की आउटस्टैंडिंग शेयर और कुल शेयर अलग हो सकते हैं क्योंकि आपको बता दे की कंपनी जब शेयर कैपिटल तैयार करती है तो वह सभी शेयर पब्लिक को जारी नहीं कर सकते

चलिए एक उदाहरण के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं, जैसे कि कोई XYZ कंपनी है जिसके पास 50,000 शेयर कैपिटल है और वह पब्लिक को ट्रेड करने के लिए केवल 40,000 शेयर जारी कर सकती है बाकी बचे 10,000 शेयर कंपनी अपने प्रमोटरों और फाउंडर के पास रह जाते हैं या रख सकते हैं।

इसलिए बकाया (Outstanding) शेयरों पर विचार करते समय कंपनी द्वारा एक्चुअल में जारी किए गए शेयरों पर विचार किया जाएगा। जैसा कि ऊपर बताए गए उदाहरण में विदित हैं है कि बकाया शेयर 40,000 होंगे और इन्हीं शेयरों की मार्केट वैल्यू का उपयोग करके मार्केट केपीटलाइजेशन का कैलकुलेशन किया जाएगा

Calculation of Market Cap in Hindi, बाजार पूंजीकरण की गणना 

डियर पाठक अब आपके दिमाग में एक सवाल आ रहा होगा कि आखिर मार्केट कैप की कैलकुलेशन कैसे करें (how to calculate market cap) चलिए आपको सिंपल भाषा में फार्मूला बताते हैं जो किसी भी कंपनी के मार्केट कैप की गणना करता है यह फार्मूला कुछ इस प्रकार है :-

मार्केट कैप की गणना स्टॉक की कीमत (Stock Price) को उसके बकाया शेयरों (Outstanding Shares) की कुल संख्या से गुणा करके की जाती है।

Market Capitalization = Current Stock Price × Number of outstanding shares

चलिए जानते हैं कि यह फॉर्मूला कैसे काम करता है, चलि एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं-

मान लीजिए कोई XYZ कंपनी जनता को 1 लाख शेयर जारी करती है। प्रत्येक शेयर की मार्केट प्राइस 300 रुपये है। इस मामले में XYZ कंपनी का Market Capitalization 1 लाख रुपये × 300 रुपये = 3 करोड़ रुपये होगा।

मार्केट कैप क्यों महत्वपूर्ण है ?

(Market Cap) मार्केट कैप इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह निवेशकों को एक कंपनी की वैल्यूएशन करने में हेल्प करता है। जिससे कि इनवेस्टर एक कंपनी का कंपैरिजन दूसरी कंपनी से कर सकता है, और आपको बता दे की मार्केट कैप के माध्यम से हम यह भी पता लगा सकते हैं, कि कंपनी की ओपन मार्केट में क्या रेट है साथ ही हम यह भी पता लगा सकते हैं, कि कंपनी भविष्य में मार्केट के अंदर कैसे परफॉर्म करेगी और मार्केट कैप के माध्यम से ही पता लगता है, कि निवेशक स्टॉक खरीदने के लिए क्या भुगतान कर रहा है।

मार्केट केपीटलाइजेशन के आधार पर वर्गीकरण 

Market Cap in Hindi:- आपको बता दें कि SEBI कैपिटल मार्केट को नियंत्रित करता है और सेबी ने स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों को उनके मार्केट कैप के हिसाब से तीन भागों में वर्गीकृत किया है लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप चलिए सेबी के इस वर्गीकरण को विस्तार से समझते हैं।

लार्ज-कैप कंपनियां (Large Cap Companies)

ये ऐसे स्टॉक होते हैं जिनका Market Cap सबसे अधिक होता है। लार्ज कैप कंपनियों का Market Capitalization ₹ 15000 करोड़ रूपये से अधिक होता और स्टॉक एक्सचेंज में 1 और 100 के बीच हाई मार्केट केपीटलाइजेशन (High Market Capitalization) रैंकिंग वाली लिस्टेड कंपनियों को लार्ज-कैप कंपनियां कहा जाता है।

लार्ज कैप वाली कंपनियां क्वालिटी सर्विस और प्रोडक्ट के साथ लोकप्रिय ब्रांड के रूप में जानी जाती है। और आपको बता दें कि यह कंपनियां रेगुलर डिविडेंड के साथ-साथ स्टेबल ग्रोथ भी दर्शाती है और आखिर नतीजा ही होता है। कि लार्ज कैप शेयर (Large Cap Share) में इन्वेस्टमेंट को (Mid Cap) मिड कैप या (Small Cap) स्मॉल कैप शेयरों की तुलना में अधिक डिफेंसिव माना जाता है, क्योंकि लार्ज कैप शेयर में रिस्क कम होता है और रिटर्न भी स्थिर मिलता है इसलिए (Large Cap Companies) लार्ज कैप कंपनियों को लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा माना जाता है:- उदाहरण के लिए रिलायंस, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं।

मिड कैप कंपनियां (Mid Cap Companies)

(Mid Cap) मिड कैप कंपनियों में Market Cap ₹ 7000 करोड़ तक होता है। और यह सेबी के सूची अनुसार 101 से 250 के बीच रैंक करती है वह मिड कैप कंपनियां कहलाती है। और यह इंडस्ट्री में स्टेबल कंपनियां होती है, और यहां तक सफर करने पर इनके पास तेजी से विकास पावर आ जाती है ।और इनके स्टॉक को देखकर हम यह पता लगा सकते हैं कि यह कंपनी मार्केट में अपनी जगह बना चुकी है ,

लेकिन फिर भी मिडकैप में ऐसा माना जाता है कि यहां पर इन्वेस्ट करना रिस्की है लेकिन यहां पर रिटर्न की बात करें तो लार्ज कैप स्टॉक बेहतर मिलता है। उदाहरण के लिए मिड कैप वाली कंपनियां:- जिंदल स्टील एंड पावर, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), एमआरएफ, गोदरेज प्रॉपर्टीज और अदानी पावर जैसी कंपनी मिड कैप में शामिल हैं।

अदानी पावर टारगेट प्राइस 2023 से 2030 बंपर कमाई

स्मॉल-कैप कंपनियां (Small Cap Companies)

Small Cap Companies स्मॉल कैप में शामिल कंपनियों की मार्केट प्राइस और मार्केट कैप दोनों कम होते हैं, इनका मार्केट कैप ₹5000 करोड़ तक होता है, SEBI के सूची अनुसार स्टॉक एक्सचेंज में 251 या उससे अधिक Market Cap वाली कंपनियां हैं, उन्हें स्मॉल-कैप कंपनियां कहा जाता है। इन सभी स्टॉक को सबसे ज्यादा रिस्की माना जाता है, ऐसा इसलिए कि यह कंपनियां अभी खुद को मार्केट में स्टेबल करने में लगी हुई है, और यही कारण है कि इन्हें अत्यधिक रिस्की स्टॉक कहते हैं।

मार्केट कैप से इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी कैसे बनाई जाती है?

Market Cap in Hindi :- कंपनियों द्वारा जारी किए गए शेयरों को मार्केट कैप के अनुसार बांटा जाता है जैसे :- लार्ज कैप कंपनियां लार्ज कैप स्टॉक जारी करती है, वहीं मिड कैप कंपनियां मिड कैप स्टॉक्स जारी करती है, और इसी प्रकार स्मॉल कैप कंपनियां स्मॉल कैप स्टॉक्स जारी करती है, यह सब अलग-अलग मार्केट कैपिटल सेगमेंट के शेयरों के आधार पर अलग-अलग रिस्क एंड रिटर्न प्रोफाइल होते हैं। चलिए इनको थोड़ा डिटेल में जानते हैं

लार्ज-कैप स्टॉक (Large Cap Stocks)

डियर पाठक लार्ज कैप स्टॉक उन कंपनियों के हैं, जो मार्केट में खुद को स्टेबल कर चुकी है इन कंपनियों के पास मजबूत एंपायर होता है, और यह कंपनियां अर्थव्यवस्था के मामले में बेहतरीन प्लेयर होती है, मार्केट में मंदी की स्थिति में भी लार्ज कैप कंपनियां स्थिरता को दूर करने में सक्षम होती है, लार्ज कैप स्टॉप को गुणवत्ता वाला स्टॉप या फिर ब्लू चिप स्टॉक कहते हैं। इनकी लॉस एंड रिटर्न प्रोफाइल फिक्स होती है।

मिड कैप स्टॉक (Mid Cap Stocks)

मिड कैप स्टॉक उन कंपनियों के हैं जो अभी विकासशील है, कहने का मतलब यह भी अपने आप को स्टेबल करने में लगी हुई है मिड कैप शेयरों में लार्ज कैप शेयरों की तुलना में अधिक लॉस एंड रिटर्न प्रोफाइल होता है।

स्मॉल-कैप स्टॉक (Small Cap Stocks)

स्मॉल कैप स्टॉक उन कंपनियों के हैं जिन्होंने मार्केट में खुद को अभी ज्यादा विस्तारित नहीं किया है वह स्मॉल कैप कैटेगरी में आती है यह प्रगतिशील होने के कारण इनके शेयरों में अधिक वृद्धि की संभावना रहती है लेकिन डाउनस्विंग में ज्यादातर स्टॉक फिक्स नहीं रहते हैं और इनमें में ज्यादा वोलैटिलीटि होती है इसलिए इन कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान होता है स्मॉल कैप स्टॉक में हाई लॉस रिटर्न प्रोफाइल होता है

निष्कर्ष Market Cap in Hindi,

डियर पाठक आज के इस लेख‌ Market Cap in Hindi में हमने आपको मार्केट किए की पूरी जानकारी दीजिए साथ ही यह भी बताया है कि market cap का कैलकुलेशन कैसे करें आशा करते हैं कि आपको मार्केट कैप के बारे में सारी बातें समझ में आ गई होगी आज के इस आर्टिकल को यहीं समाप्त करते हैं अगर आपका फिर भी कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में बेइज्जत पूछ सकते हैं

What is nifty 2022 निफ़्टी 50 क्या है

Nifty-क्या-है

भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज nse नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है nsc के प्रमुख इंडेक्स को निफ़्टी कहा जाता है इनमें से सबसे ज्यादा प्रमुख इंडेक्स निफ़्टी फिफ्टी है इसके अंदर भारत की50 सबसे बड़ी कंपनियों को शामिल किया गया है चलिए अब मैं आपको बताता हूं कि निफ्टी क्या है निफ्टी मैं कौन …

Read more

Trading Kya Hai (ट्रेडिंग क्या है) What is trading

Trading-Kya-Hai

Trading Kya Hai शेयर मार्केट में पैसे कमाने का एक सबसे सरल और आसान तरीका ट्रेडिंग है लेकिन जितना आसानी है लगता है उतना ही जोखिम भरा भी है यहां पर यदि कोई व्यक्ति बिना कुछ सीखें ही एंट्री ले लेता है तो उसे काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है शेयर बाजार में ट्रेडिंग के माध्यम से आप रोज पैसा कमा सकते हैं लेकिन इससे पहले आपको बहुत कुछ ट्रेडिंग से संबंधित लर्निंग सीखना आवश्यक है तभी आप यहां से पैसा कमा सकते हैं तो चलिए विस्तार से जानते हैं की ट्रेडिंग क्या है ट्रेडिंग कैसे करते हैं और ट्रेडिंग करते समय किन-किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए

Trading Kya Hai? (what is trading)

Trading शेयर बाजार से पैसा कमाने का एक ऐसा तरीका है यहां पर आप रोज 9:15 से 3:30 तक कुछ ऐसे शेयर को चुनना होता है जिनको आप कम में खरीद के ज्यादा में बेच दे और इस प्रोसेस के बीच का जो प्रॉफिट होता है,

वह आप निकाल लेते हैं ट्रेडिंग का हिंदी में मतलब व्यापार होता है भारत में ज्यादातर ट्रेडर्स इक्विटी में ट्रेड करते हैं लेकिन कई लोग फ्यूचर और ऑप्शन में भी ट्रेडिंग करते हैं ट्रेडिंग को शेयर मार्केट का सबसे रिस्की फील्ड माना जाता है

ट्रेडिंग कैसे करेंhow to trade

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इस डिमैट अकाउंट के माध्यम से ही आप मार्केट के अंदर ट्रेड कर सकते हैं इसके बाद आप ट्रेडिंग से संबंधित पूरी शिक्षा प्राप्त कर लेवे उसके बाद आप शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग करना शुरू कर सकते हैं,

ट्रेडिंग की शुरुआत करते समय आप हमेशा थोड़े कम पैसों के साथ में ट्रेडिंग करें और जब आपको अच्छा ट्रेडिंग से संबंधित एक्सपीरियंस हो जाए तो आप ज्यादा पैसे से शुरू कर सकते हैं।

ट्रेडिंग कैसे सीखेhow to learn trading

आपके लिए ट्रेडिंग सीखने का सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म यूट्यूब है यहां पर आप ट्रेडिंग से संबंधित काफी कुछ सीख सकते हैं उसके बाद आप एक अच्छे गुरु की सहायता से ट्रेडिंग को और ज्यादा अच्छे से सीख सकते हैं

आपको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मैं कई सारे लोग कोर्स भी भेजते हैं लेकिन आपको इनसे बचना है इनके अलावा आपको एक ऐसे गुरु की तलाश करनी है जो आपको अच्छे से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रेडिंग के बारे में बहुत कुछ सिखा सके लेकिन आप बेसिक लर्निंग यूट्यूब से भी सीख सकते हैं

ट्रेडिंग अकाउंट क्या हैwhat is trading account

जिस तरह से बैंक में अपने बचत खाते को चालू रखने के लिए उसमें थोड़ा बहुत पैसा रखना अनिवार्य होता है वैसे ही आपको एक ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के लिए उसमें ट्रेड करना जरूरी होता है ट्रेडिंग अकाउंट आपका डिमैट अकाउंट के साथ में ही खुलता है जहां पर आप ट्रेड करते है जब आप डीमैट खाते के साथ ट्रेडिंग अकाउंट पर खोलते है

तो आपका ब्रोकर आपको मार्जिन की सुविधा देता है जिसका इस्तेमाल करके आप कम पैसों में भी ज्यादा पैसों की ट्रेडिंग कर सकते हो और इसमें जो फायदा होता है उसका कुछ हिस्सा फिर आपका ब्रोकर भी लेता है

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती हैWhat are the types of trading

ट्रेडिंग को आप मुख्यतः तीन भागों में कर सकते हैं इस तरह से ट्रेडिंग की तीन श्रेणियां है

  • इंट्राडे ट्रेडिंग
  • स्विंग ट्रेडिंग
  • स्कैल्प इन ट्रेडिंग

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है – What is intraday trading 2022

इंट्राडे-ट्रेडिंग-क्या-है

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हो और उससे अच्छा रिटर्न मिलने के बाद बेच देते है लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग का एक ऐसा जरिया है जिसमें आपको ज्यादा दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आप एक ही दिन में मार्केट से प्रॉफिट निकाल सकते है इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको एक ही दिन मे किसी कंपनी के शेयर को खरीदना है और उसी दिन बेच देना है इसे ही इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं अब चलिए मैं आपको बताता हूं की इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए

शेयर मार्केट का गणित

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है – what is intraday trading

यह शेयर मार्केट से पैसे कमाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें आपको सप्ताह, महीना और सालों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आपको एक ही दिन में प्रॉफिट मिल जाता है दोस्तों आप भी इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसा कमाना शुरू कर सकते हैं

लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए वरना आपका पैसा डूब भी सकता है वह कौन से महत्वपूर्ण पहलू है जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए चलिए मैं आपको बताता हूं लेकिन इससे पहले जानते हैं कि इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें – how to do intraday trading

Intraday Day Trading करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इसी के ऊपर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले हैं इसके साथ ही आपके पास एक लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूटर होना आवश्यक है जिसके ऊपर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉक को एनालिसिस करना पड़ता है वैसे यह काम आप मोबाइल से भी कर सकते हैं लेकिन कंप्यूटर या लैपटॉप हो तो सोने पर सुहागा हो जाएगा,

इसके अलावा आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना आवश्यक है अब आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए 9:15 से 3:30 तक का समय मिलता है इसी समय के अंदर आपको किसी एक कंपनी के स्टॉक को खरीदना और बेचना होता है,

इंट्राडे शेयर कैसे खरीदें – how to buy intraday shares

यह तो समझ लिया की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है, अब जानते हैं कि आपको इंट्राडे के लिए शेयर खरीदने के 1 दिन पहले कुछ शेयर का चुनाव करना होता है,

अब आपको इन चुने गए शेयर को एनालिसिस करना होता है जैसे कि टेक्निकल एनालिसिस जिसमें यह शेयर कहां पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस ले रहा है कहां पर शेयर की ट्रेंडलाइन टूट रही है आदि ऐसी कई सारी बातें टेक्निकल एनालिसिस के अंदर आती हैं यह एनालिसिस आपको इंट्राडे के लिए शेयर का चुनाव करते समय करना होता है

आप न्यूज़ पढ़ कर जैसे कि कौन सी कंपनी को अच्छा प्रॉफिट हुआ है या किसी कंपनी से संबंधित कोई अच्छी न्यूज़ आती है ऐसे शेयर को आप अपनी वॉच लिस्ट में ऐड कर सकते हैं इन बातों का ध्यान रखकर आप इंट्राडे ट्रेनिंग के लिए शेयर का चुनाव कर सकते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

यहां से आप रोज पैसा कमा सकते है

No Risk

इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर जब मार्केट बंद हो जाता है उसके बाद आप को नुकसान नहीं हो सकता क्योंकि मार्केट के बंद होने से पहले यदि आप अपनी शेर को बेच देते हैं या फिर नहीं भी बेचते हैं तो भी आपका शेयर ऑटोमेटिक बिक जाता है जिससे आपको बाद में कोई भी नुकसान नहीं हो सकता है

डे ट्रेडिंग के अंदर आपको बहुत ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि यहां पर आप एक ही दिन में शेयर को खरीदते और बेच भी देते है हैं और उसी दिन अपना मुनाफा मार्केट से निकाल लेते हैं

आप इंट्राडे ट्रेडिंग की कम पैसों के साथ भी शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि यहां पर आपको ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान – Advantages of intraday trading

  • आपको बिना सीखें इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए क्योंकि यहां पर आपके पैसे के डूबने का खतरा बना रहता है
  • इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय आपको अपने खुद पर कंट्रोल करना भी आना चाहिए क्योंकि यहां पर जब आपके टारगेट से ऊपर शेयर की प्राइस जाती है तो वहां पर ऑटोमेटिक लालच आ जाता है जिसके कारण आप उस शेयर से नहीं निकल पाते है
  • आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अच्छे शेयर का चुनाव करना आना चाहिए वरना आप किसी गलत कंपनी के शेयर में फंस सकते हैं
  • दूसरों की टिप्स पर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए वरना आपको काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम – intraday trading rules

ट्रेडिंग प्लान

इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास 1 दिन पहले ही एक ट्रेडिंग प्लान होना आवश्यक है जिसके अंदर आपको उन शेर की लिस्ट बनानी होती है जो आप दूसरे दिन ट्रेड करने वाले है इसके साथ ही आप उन शेयर के अंदर कब एंट्री लेने वाले हैं और कब निकलने वाले हैं यह सारा कुछ लिखा हुआ होना चाहिए

प्रॉफिट निकालना

आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय एक बार प्रोफिट होने के बाद उसे निकालना आना चाहिए क्योंकि कई सारे लोग एक बार प्रोफिट होने के बाद भी लालच के कारण उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं और उनको नुकसान हो जाता है इसलिए हमेशा जो प्रॉफिट हो रहा है उसे लेना सीखें

स्टॉप लॉस

आप अपना ट्रेंनिंग प्लान बनाते समय जिन शेयर का चुनाव करते हैं उन शेयर का एक निश्चिंत स्टॉपलॉस भी डिसाइड करें क्योंकि यदि वह शेयर आप के बनाए हुए प्लान के अनुसार नहीं चला तो आपका स्टॉप लॉस आपको ज्यादा नुकसान होने से बचा लेगा

ओवरट्रेडिंग

जब आपको एक बार इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय प्रॉफिट हो जाता है तो आप ज्यादा ट्रेड नहीं करें क्योंकि इससे आपका कमाया हुआ पैसा भी आपके हाथ से निकल जाता है और कई बार तो कमाए हुए के साथ आपकी कैपिटल का भी पैसा लॉस में कन्वर्ट हो जाता है इसलिए आप ज्यादा ओवरट्रेडिंग नहीं करें

अपने आप पर काबू

दोस्तों अधिकांश लोगों के साथ इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय खुद पर कंट्रोल नहीं रह पाता है क्योंकि जब उनको किसी शेयर की कीमत बढ़ती हुई नजर आती है तो वह सोचते हैं कि यह और ऊपर जाएगा जिसके कारण वह उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं इसके बाद अचानक वह शेयर नीचे गिर जाता है और उनको नुकसान हो जाता है

ऐसे ही जब कोई शेयर नीचे गिरता है तो वह लोग सोचते हैं कि यह इससे ज्यादा नीचे नहीं जाएगा जिसके कारण रहे अपना स्टॉप लॉस लगाने के बाद भी उस शेयर से नहीं निकल पाते हैं और वह शहर और नीचे चला जाता है जिसके कारण उनको काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है तो आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय सबसे ज्यादा खुद पर काबू पाना आना चाहिए

स्विंग ट्रेडिंग क्या है | What is swing trading

what-is-swing-trading

स्विंग ट्रेडिंग क्या है- शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग करने की कई सारी स्टाइल है लेकिन इनमें से सबसे लोकप्रिय स्विंग ट्रेडिंग को कहा जाता है स्विंग ट्रेडिंग क्या है यह ट्रेडिंग करने के लिए ऐसी रणनीति है जिसमें किसी शेयर को खरीदने के 1 दिन बाद या फिर कुछ दिनों के भीतर भी बेच दिया जाता है इसे स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं ।

यदि आप शेयर मार्केट में मैं नए है और ट्रेडिंग करने का मन बना रहे हैं तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग की बजाए स्विंग ट्रेडिंग का रास्ता अपना सकते हैं इस लेख में आपको स्विंग ट्रेडिंग क्या है, स्विंग ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करें, इंट्राडे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग में क्या अंतर है और स्विंग ट्रेडिंग के क्या फायदे और नुकसान है आदि ऐसे कई सारे सवालों के ऊपर बात करने वाले हैं तो कृपया करके आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े ताकि आपकी स्विंग ट्रेडिंग के प्रति भावना क्लियर हो जाए

स्विंग ट्रेडिंग क्या है – what is swing trading

जब आप किसी कंपनी के शेयर को 24 घंटे या फिर इससे ज्यादा के लिए होल्ड करके रखते हैं उसे स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं शेयर मार्केट में काम करने वाले कई सारे लोग इंट्राडे ट्रेडिंग और लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट से ज्यादा स्विंग ट्रेडिंग को पसंद करते हैं क्योंकि यहां पर व्यक्ति को मैं तो कम फोड़ने ही ज्यादा समय का इंतजार करना पड़ता है स्विंग ट्रेडिंग के अंदर व्यक्ति को 24 घंटे या कुछ दिनों के भीतर ही 10% से 15% या इससे ज्यादा का रिटर्न देखने को मिल जाता है

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें – how to do swing trading

शेयर मार्केट मैं किसी भी तरह की ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना अति आवश्यक है क्योंकि यहीं पर आपके द्वारा खरीदे गए शेयर को रखा जाता है इसके बाद आप नीचे दिए गए तरीकों को अपनाकर स्विंग ट्रेडिंग की शुरुआत कर सकते हैं

(1) टेक्निकल एनालिसिस – technical analysis

आपको यह पता लगाना होगा कि कौन सा शेयर किस जगह से सपोर्ट और रजिस्टेंस ले रहा है इसके अलावा कौन सा शेयर ट्रेंड लाइन को तोड़ रहा है या फिर उसको टच कर रहा है आदि ऐसे सभी टेक्निकल एनालिसिस के फैक्टर आपको अपना कर देखने हैं

(2) फंडामेंटल एनालिसिस

यदि आप चाहो तो जिस शेयर का आप टेक्निकल एनालिसिस कर रहे हो उसका फंडामेंटल एनालिसिस भी कर लेना चाहिए क्योंकि इससे पता चल जाता है कि कंपनी का अगला रिजल्ट कैसा होगा कंपनी कितना grow कर रही है इसके अलावा वह कंपनी की नई रणनीतियों के ऊपर कार्य कर रही है आदि देसी कई सारी बातें आपको फंडामेंटल एनालिसिस के अंदर देखने की आवश्यकता होती है

इनके साथ ही आप स्विंग ट्रेडिंग के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस के साथ चैनल, फिबोनाची रिट्रेसमेंट, मूविंग एवरेज और बॉलिंगर बैड जैसे कई सारे टेक्निकल एनालिसिस के तरीके अपनाकर एक अच्छे शेयर का चुनाव कर सकते हैं

इन सभी तरीकों के साथ आप न्यूज़ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जानिए कैसे जब मार्केट के अंदर कोई किसी कंपनी से संबंधित न्यूज़ आती है तो आपको यह देखना है कि इस न्यूज़ का असर उस शेयर के ऊपर क्या होने वाला है क्या वह शेयर नीचे जाएगा या ऊपर आदि ऐसे कारणों के ऊपर आप एनालिसिस करके उस शेयर के अंदर अपना स्विंग ट्रेड बना सकते हैं

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुने – How to choose stocks for swing trading

SWING Trading करते समय आपको उन शेयर का चुनाव करना चाहिए जो फंडामेंटली अच्छे हो और जिनके अंदर ज्यादा लिक्विडिटी हो ताकि अगर वह शेर आपकी एनालिसिस के अगेंस्ट भी चला जाए तो भी आपको ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा इसके अलावा आप स्विंग ट्रेडिंग करते समय स्विंग ट्रेडिंग के लिए नीचे दिए गए नियमों का इस्तेमाल करके स्टॉक का चुनाव कर सकते हैं

  • स्विंग ट्रेडिंग के लिए आप उन शेयर का चुनाव करें जिनके अंदर ज्यादा लिक्विडिटी होती है
  • हमने आपको जो ऊपर टेक्निकल और फंडामेंटल से संबंधित नियम बताइए आप इनका इस्तेमाल करके मार्केट से एक अच्छे शेयर का चुनाव करने की कोशिश करें
  • स्विंग ट्रेडिंग करते समय आपको भारतीय बाजार के साथ विदेशी बाजार के ऊपर भी नजर रखनी चाहिए जिससे आपको पता चलता रहे कि विश्व में किस वस्तु की डिमांड बढ़ रही है और किसकी घट रही है यह आपको न्यूज़ पढ़ने से भी पता चलेगा
  • किसी भी कंपनी का तिमाही रिजल्ट अच्छा आएगा या बुरा इसका एनालिसिस करके आप उस कंपनी के अंदर अपनी पोजीशन बना सकते हैं
  • स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आपका सबसे ज्यादा साथ टेक्निकल एनालिसिस देता है इसलिए आप जिन स्टॉक का चुनाव करते हैं उनका अच्छे से टेक्निकल एनालिसिस करना चाहिए

स्विंग ट्रेडिंग के लाभ – Benefits of swing trading

(1) स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आपको यह फायदा मिलता है कि यदि किसी स्टॉक के अंदर आपको प्रोफिट नहीं मिल रहा है तो आप उसको 24 घंटे या इससे ज्यादा समय के लिए रोक कर रख सकते हैं

(2) स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि यहां पर आप 24 घंटे या कुछ सप्ताह के लिए स्विंग ट्रेडिंग को करते हो और इसी समय के बीच में अपने प्रोफिट को निकाल लेते हैं

(3) स्विंग ट्रेडिंग के अंदर आप 6 से 7 महीनों के भीतर मिलने वाले प्रॉफिट को सिर्फ कुछ दिनों के भीतर ही निकाल सकते हैं

(4) स्विंग ट्रेडिंग के जरिए आप हर महीने अपने पैसों के ऊपर 15% से 20% तक का रिटर्न कमा सकते

(5) इंट्राडे ट्रेडिंग करने की वजह आप स्विंग ट्रेडिंग करते हैं तो आपको नुकसान कम होने के चांस रहते हैं और प्रॉफिट ज्यादा होने के चांस होते हैं

स्विंग ट्रेडिंग के नियम – swing trading rules

(1) स्विंग ट्रेडिंग करते समय आप पहले से ही अपना एंट्री, एग्जिट और स्टॉप लॉस को प्लान करके रखें

(2) स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक का क चुनाव करते समय स्टॉक को प्रत्येक दिशा से देखने की कोशिश करें

(3) आपको हमेशा स्विंग ट्रेडिंग 10% से 15% तक के रिटर्न के लिए ही करनी चाहिए

(4) यदि आपको किसी स्विंग ट्रेड के अंदर 24 घंटे या एक-दो दिन के भीतर ही 5% से 10% का रिटर्न मिल जाता है तो आपको बिना भावनाओं में बह अपना प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए

(5) स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको भारतीय बाजार के साथ विश्व के सभी बाजार के ऊपर नजर रखनी चाहिए और इन से संबंधित न्यूज़ को पढ़ते रहना चाहिए

निष्कर्ष: स्विंग ट्रेडिंग क्या है

डियर पाठक आज के इस लेख में हमने स्विंग ट्रेडिंग के बारे में जाना आशा करते हैं आज का लेख स्विंग ट्रेडिंग क्या है आपको पसंद आया होगा पसंद आया है तो ऐसा अपने सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करें

error: Content is protected !!