शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे जानिए कुछ आसान तरीके। Share Market Chart in Hindi

नमस्कार स्वागत है आपका स्टॉक पत्रिका परिवार में आज के इस लेख के माध्यम से हम जाने वाले हैं कि शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे? Share Market Chart in Hindi आप जब भी मार्केट में आते हो ना तो सबसे पहला पड़ाव ही यही होता है की चार्ट को कैसे समझें कई लोगों को तो चार्ट का बेसिक तक नहीं आता है और फिर तो आपको पता ही है कि आप कभी भी अच्छे ट्रेडर नहीं बन पाओगे शेयर मार्केट में अगर मुनाफा कमाना है तो आपको चार्ट समझना होगा और यह भी जानना होगा कि शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझें और चार्ट कैसे देखा जाता है।

क्योंकि चार्ट के माध्यम से आप यह पता लगा सकते हैं कि मार्केट का फ्यूचर क्या है और मार्केट क्या कहना चाहता है और ऑप्शन ट्रेडर के लिए तो चार्ट ही सब कुछ होता है अगर उसको चार्ट समझ में आ गया कि कहां पर उसे अट्रैक्ट किया जाता है और किस जगह आपको शेयर खरीदना चाहिए

क्योंकि कई बार फेक मूवमेंट भी बन जाते हैं जिसे कई लोग पकड़ नहीं पाते हैं इसलिए आप जितना हो सके उतनी प्रैक्टिस कीजिए चार्ट देखने की और जितना आपका एक्सपीरियंस होगा उतना ही आपका फ्यूचर ब्राइट होगा चलिए हम आपको बताते हैं बेसिक से एडवांस कि आखिर शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे Share Market Chart in Hindi

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शेयर मार्केट चार्ट क्या है और शेयर मार्केट चार्ट कैसे समझे? (Share Market Chart in Hindi)

Share Market Chart Meaning in Hindi डियर पाठक एक ट्रेडर मुख्य रूप से चार्ट की हेल्प से मार्केट के ट्रेंड को पकड़ने की कोशिश करता है। और आपको बता दें कि ये ट्रेंड मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है जैसे अपवर्ड, डाउनवर्ड और साइड-वे, आप चाहे कोई सा भी चार्ट उठा सकते हैं उसमें ट्रेडर इन्हीं तीन ट्रेंड को फॉलो कर मार्केट के बिहेवियर! को समझने का प्रयास करता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि शेयर मार्केट चार्ट एक स्पेसिफिक फॉर्मेशन होता ,है जो की ग्राफिक्स के माध्यम से फ्यूचर की प्राइस मूवमेंट और ट्रेडिंग ट्रेंड को दर्शाता है। और आपको बता दें कि चार्ट के माध्यम से ट्रेडर करंट ट्रेंड और रिवर्सल ट्रेंड की पहचान कर सकता है और चार्ट के माध्यम से ट्रेडर को निर्णय लेने में आसानी होती है।

चार्ट को के सरल लैंग्वेज में बताए तो चार्ट एक निश्चित समय अंतराल में हुए स्टॉक के कीमत और उसके वॉल्यूम में हुए बदलाव को दर्शाता है। ग्राफिकल चार्ट में, X-axis समय अंतराल को दर्शाता है और Y-axis स्टॉक कीमत के बदलाव को दर्शाता है।

यह एक खास समय अंतराल के लिए देखा जा सकता है जो 1 दिन से एक साल या फिर 5 साल तक का हो सकता है। जिसे इंग्लिश में टाइम फ्रेम भी कहते हैं आप इस भी तरह का ट्रेड (इंट्राडे, स्विंग, पोजीशन) कर रहे है उसके अनुसार आप इस टाइम फ्रेम का चयन कर सकते है। शेयर मार्केट में ट्रेंड को समझने के लिए चार्ट सबसे अच्छा माध्यम माना जाता है और यह नए और अनुभवी दोनों के लिए इसे समझना जरूरी होता है। अगर आप चार्ट एनालिसिस करना ठीक है ना तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता

शेयर मार्केट चार्ट के प्रकार? Types of stock market charts?

स्टॉक मार्केट में चार्ट उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना कि रोटी के साथ सब्जी क्योंकि आप केवल रोटी को सुखा नहीं खा सकते उसके साथ सब्जी की जरूरत पड़ती है उसी तरह मार्केट में आप ऐसे ही प्रॉफिट नहीं निकाल सकते आपको चार्ट एनालिसिस करना आना चाहिए

आपको बता दें कि स्टॉक मार्केट में टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए ट्रेडर विभिन्न प्रकार के चार्ट का इस्तेमाल करते हैं। आसान भाषा में समझने का प्रयास करे तो स्टॉक मार्केट चार्ट, टेक्निकल एनालिसिस की नींव (foundation) है, और चार्ट को समझना और सही तरह से इस्तेमाल करना एक ट्रेडर के लिए अति महत्वपूर्ण है।

चार्ट को समझने के लिए टेक्निकल एनालिसिस से जुड़ी किताबों का अध्ययन कर सकते हैं या फिर ऐसी कई इंटरनेट पर वीडियो मौजूद है जिससे आप धीरे-धीरे चार्ट एनालिसिस करना सीख सकते हैं और कुछ ही समय में स्टॉक पत्रिका आपके लिए यूट्यूब पर टेक्निकल एनालिसिस वीडियो लेकर आने वाला है

वैसे तो स्टॉक मार्केट में कई प्रकार के चार्ट है लेकिन आज हम पॉपुलर चार्ट का अध्ययन करेंगे अब बात करते है उन 5 तरीके के चार्ट की जो आपको स्टॉक मार्केट को समझने में मदद करते है :-

  1. लाइन चार्ट (Line Chart)
  2. बार चार्ट (Bars Chart)
  3. एरिया चार्ट (Area Chart)
  4. कैंडलस्टिक चार्ट (Candles Chart)
  5. हेकिन आशी चार्ट (Heikin Ashi Chart)

अगर आप इन चार्ट के पैटर्न को समझकर स्टॉक मार्केट के ट्रेंड और आने वाली मूवमेंट को भलीभांति समझ कर ट्रेड कर सकते है । चलिए अब बारी बारी से इन चार्ट पेटर्न को समझते हैं- How to read stock market chart

1. Line Chart in Hindi, How Read Line Chart

डियर पाठक लाइन चार्ट सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाला चार्ट हैं। लाइन चार्ट या लाइन ग्राफ एक टाइम बेस्ड चार्ट होता है जो चुने गए विशिष्ठ समय अंतराल में मार्केट के क्लोजिंग प्राइस को दर्शाता है। और आपको बता दें कि लाइन चार्ट प्राइस में हुए बदलाव को बताता है। लाइन चार्ट के माध्यम से आप स्टॉक के एक दिन पहले के क्लोजिंग प्राइस को देख सकते हैं और इसका एनालिसिस कर ट्रेडिंग में सही स्टॉक चुन सकते हैं।

लाइन चार्ट की मदद से हम हम एक दिन से लेकर महीनों के ट्रेंड को देख सकते लाइन चार्ट चार्ट बाकी चार्ट्स की तुलना में आसान तो होती है, लेकिन लाइन चार्ट केवल ट्रेडर को क्लोजिंग प्राइस दिखाने के अलावा कोई खास जानकारी नहीं दे पाता है पर हां कोई निवेशक लॉन्ग – टर्म के लिए किसी स्टॉक में निवेश करना चाहा रहा हो उसके लिए ये चार्ट काफी उपयोगी साबित होता है।

लाइन चार्ट में आप स्टॉक के हाई और लॉ प्राइस का पता लगाना मुश्किल होता है इसलिए इस तरह के चार्ट शार्ट – टर्म ट्रेड जैसे की स्विंग और इंट्राडे के लिए लाभदायक नहीं होते।

2. Bars Chart in Hindi

बार चार्ट लाइन चार्ट की तुलना में ज्यादा सूचना प्रदान करता है। बार चार्ट में हर एक पॉइंट को वर्टिकल लाइन द्वारा दर्शाया जाता है। हर एक वर्टिकल लाइन से दो हॉरिजॉन्टल लाइन जुड़ी होती हैं‌।

Bar Chart in hindi

इस बार चार्ट में बाहर की वर्टिकल लाइन का सबसे ऊपर का पार्ट स्टॉक के दिन भर की सबसे ज्यादा कीमत दर्शाता है ठीक उसी तरह वर्टिकल लाइन का सबसे निचला हिस्सा स्टॉक के पूरे दिन की सबसे कम कीमत को दर्शाता है होरिजेंटल लाइन की लेफ्ट एक्सटेंशन (Left Extension) स्टॉक की ओपनिंग प्राइस को दर्शाती है ठीक उसी प्रकार होरिजेंटल लाइन की राइट एक्सटेंशन (Right Extension) क्लोजिंग प्राइस को दर्शाती है

बार चार्ट की हेल्प से आप स्टॉक के हाई, लो और ओपनिंग प्राइस वे क्लोजिंग प्राइस का पता लगा सकते हैं बार चार्ट की मदद से एक एक निवेशक किसी विशिष्ट स्टॉक के बारे में 4 ट्रेंड को भिन्न-भिन्न समय अंतराल के भीतर टेक्निकल एनालिसिस कर सकते हैं जो की शेयर मार्केट के बिहेव को समझने में काफी मददगार साबित होता है

3. एरिया चार्ट Area Chart in Hindi

डियर पाठक एरिया चार्ट लाइन चार्ट और बार चार्ट का ही मिश्रण होता है। एरिया चार्ट शेयर मार्केट के ट्रेंड की कंपैरेटिव और एक बिग इमेज के रूप में दिखाता है और आपको बता दें कि यह चार्ट उन लोगों के लिए ज्यादा बेस्ट हैं जोकि पहली बार किसी चार्ट को समझने का प्रयास कर रहे हैं उनके लिए एरिया चार्ट सबसे अच्छा माना जाता है साथ ही लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर ट्रेंड को पकड़ने के लिए एरिया चार्ट का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Area Chart in hindi

ऐसा इसलिए क्योंकि एरिया चार्ट को किसी भी बिगनर के लिए समझना और समझाना इजी होता है, इसलिए ज्यादातर ट्रेडर शुरुआत के समय इसी चार्ट का इस्तेमाल करते हैं इस चार्ट में ज्यादा तो कुछ उपयोगी नहीं है। और इसे ऑप्शन ट्रेडर या फिर यूं कह लो इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले या स्विंग ट्रेडिंग करने वाले इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, क्योंकि यह इस तरह के इन्वेस्टमेंट में कारगर साबित नहीं होता है।

4. कैंडलस्टिक चार्ट Candles Chart in Hindi

डियर पाठक टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए कैंडलेस्टिक चार्ट को सबसे लोकप्रिय चार्टों में से एक माना जाता है कैंडलेस्टिक चार्ट स्टॉक मार्केट में स्टॉक को चुनने के लिए सटीक तरीके से जानकारी प्रोवाइड करवाता है। जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है के स्टॉक के मूवमेंट को कैंडल के आकार में प्रदर्शित करता है इसलिए इस चार्ट को कैंडलेस्टिक चार्ट कहा जाता है

और आपको बता दें कि कैंडलेस्टिक चार्ट बार चार्ट की तरह हैं स्टॉक के बारे में 4 तरह के पॉइंट दर्शाता है, हाई (High) , लो (Low) , ओपनिंग (Opening) और क्लोजिंग (Closing) प्राइस को दर्शाता कैंडलेस्टिक चार्ट मार्केट की वोलैटिलिटी। के साथ ही ट्रेंड और प्राइस पैटर्न को समझने में ज्यादा हेल्पफुल होता है।

Candlestick Chart in Hindi

यहां पर एक बॉडी बनती है जिसके ऊपर नीचे विक भी बनते हैं और कभी नहीं भी बनते हैं बार चार्ट में शॉर्ट टाइम के लिए ये ट्रेंड होती है लेकिन कैंडलस्टिक चार्ट में लॉन्ग टर्म के लिए होती है। कैंडलेस्टिक चार्ट को समझना आसान होता है क्योंकि इसकी कैंडल दो अलग – अलग रंगों में दर्शायी जाती है।

गिरावट वाली कैंडलस्टिक को आमतौर पर लाल रंग द्वारा दर्शाया गया है वही बढ़ते हुए कैंडलस्टिक को हरे या उजले रंग द्वारा द्वारा दर्शाया जाता है। हरी और लाल कैसे बनती है वह आपको बताते हैं यदि कैंडल में क्लोजिंग प्राइस , ओपनिंग प्राइस से ज्यादा है तो कैंडल का रंग हरा जबकि इसके उलट ओपनिंग प्राइस , क्लोजिंग प्राइस से ज्यादा है तो कैंडल लाल रंग की दिखाई देती है साथ ही आप कैंडलेस्टिक चार्ट इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस को भी जान सकते हैं।

5. हैकिन आशी चार्ट Heikin Ashi Chart in Hindi

डियर पाठक हैकिन आशी चार्ट कैंडलेस्टिक चार्ट का ही अपडेटड वर्जन है और यह चार्ट जापान में सबसे लोकप्रिय चार्ट है जापानी में हैकिन आशी का मतलब एवरेज बार होता है और इसका उपयोग स्टॉक के फ्यूचर प्राइस का पहले से अनुमान लगाने के लिए किया जाता है

हैकिन आशी चार्ट कैंडलेस्टिक चार्ट से अपडेट होने के बाद इसे पढ़ना और भी इजी हो गया है और यह पढ़ने में आकर्षक लगता है और डियर पाठक आपको बता दें कि हैकिन आशी चार्ट की हेल्प से मार्केट के अपट्रेंड और डाउनट्रेंड को आसानी से पढ़ा जा सकता है कैंडलेस्टिक चार्ट की तरह इस चार्ट को भी समझना बेहद आसान है

अब काम की बात करते हैं कि इस चार्ट को समझें कैसे यदि चार्ट में बिना किसी कम छाया के AHA हैंडल जो कैंडल के जैसा दिखता है वह अगर लगातार हरा होता है तो स्टॉक के ट्रेंड को अपट्रेंड दिखाता है और यदि एचए हैंडल बिना हाई शेडो के लगातार रेड होता है तो यह मार्केट ट्रेंड को नीचे डाउनट्रेंड में दिखाता है।

How to Read Stock Market Chart in Hindi

डियर पाठक आपको यहां पर बताना चाहते हैं कि अलग-अलग चार्ट अलग अलग पैटर्न के हिसाब से मार्केट के ट्रेंड को भिन्न-भिन्न तरीकों से दिखाते हैं इसलिए आपको इन चार्ट को समझना और पढ़ना आना चाहिए कि कौन सा चार्ट मार्केट के बारे में क्या बोलना चाह रहा है

यदि आपको यह चार्ट पढ़ना और समझना आ गया ना तो आप स्टॉक मार्केट में आसानी से पैसे कमा सकते हो क्योंकि पैसों का राज इन्हीं चार्ट में छुपा होता है इसलिए जितनी हो सके उतनी प्रैक्टिस कीजिए और चार्ट को एनालिसिस करना सीखिए

क्योंकि आप चार्ट के माध्यम से ही मार्केट के व्यवहार को आसानी से समझ पाओगे इसलिए आपको चार्ट का होमवर्क करना अति आवश्यक है मानते हैं आज का आर्टिकल थोड़ा बड़ा है लेकिन आप इसे पूरा जरूर पढ़ें आपका चार्ट का कांसेप्ट यही क्लियर हो जाएगा

  1. डियर पाठक शेयर मार्केट चार्ट को जानने के लिए सबसे पहले आपको अच्छे चार्ट का चयन करना है
  2. इसके बाद आप टाइम पीरियड और टाइम फ्रेम का चयन करें टाइम पीरियड का मतलब एक महीना 1 साल 5 साल वो टाइम फ्रेम का मतलब 1 मिनट 5 मिनट 15 मिनट एक दिन इस तरह देख सकते हैं यदि आप इंट्राडे ट्रेडर है तो 5 मिनट और 1 मिनट का टाइम फ्रेम ले सकते हैं
  3. यहां पर बार स्टॉक की डिमांड एंड सप्लाई को दर्शाते हैं जैसे कि अगर बायर ज्यादा है तो वॉल्यूम बार हरि होगी और यदि सेलर ज्यादा है तो वॉल्यूम बार रेड होगी इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि आपको कहां पर एंट्री लेनी है और कहां पर है एग्जिट होना है इसके अलावा आप इंडिकेटर को भी चुन सकते हैं चार्ट में हजारों प्रकार के इंडिकेटर मौजूद है

निष्कर्ष Share Market Chart in Hindi

आशा करते हैं कि आपको Share Market Chart in Hindi आर्टिकल समझ में आया होगा और आपका यह सवाल भी क्लियर हो गया होगा कि शेयर मार्केट में चार्ट कैसे देखते हैं? और How to Read Share Market Chart in Hindi? आपको कुछ पॉपुलर चार्ट के माध्यम से समझाने का भी प्रयास किया है आशा है कि आप शेयर मार्केट में नई बुलंदियों को हासिल करेंगे स्टॉक पत्रिका की शुभकामनाएं आपके साथ है इसी के साथ आज के आर्टिकल Share Market Chart in Hindi को यहीं समाप्त करते हैं मिलते हैं एक और नई जानकारी के साथ

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