ETF Kya Hai | Top ETF India | ईटीएफ क्या होता है

ETF Kya Hai

नमस्कार डियर पाठक आज हम जानेंगे कि ETF Kya Hai (ईटीएफ क्या होता है) अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करने में दिलचस्पी रखते हैं तो आपने इस नाम को जरूर सुना होगा तब आपके दिमाग में भी आया होगा कि यार आखिर यह क्या बला है जिस पर निवेशक इतने फिदा हो रखे हैं।

तो चलिए टेंशन लेने की कोई बात नहीं है आज के इस लेख में हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे और जानेंगे कि ईटीएफ क्या है और इंडिया के टॉप ईटीएफ कौनसे हैं, और किस प्रकार एक बेहतर ईटीएफ का चुनाव कर सकते हैं।

निवेश या इन्वेस्टमेंट किसे कहते हैं?

शेयर मार्केट में निवेश कैसे करें?

ETF Meaning in Hindi

ETF Meaning in Hindi – ईटीएफ का मतलब होता है, एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड प्रिय पाठक आजकल ईटीएफ इन्वेस्टमेंट में काफी लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि इसमें किसी स्टॉक की तुलना में रिस्क काफी कम होता है। और एक्सपेंस रेश्यो कम होने के कारण यह काफी किफायती इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बन जाता है।

हालांकि एक सही एटीएफ का चुनाव करना थोड़ा चुनौती भरा होता है लेकिन चिंता की कोई बात नहीं आज हम जानेंगे इसी बारे में।

क्या होता है म्यूच्यूअल फंड

ETF क्या होता है

ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड जैसा कि नाम से ही प्रतीत हो रहा है, की ETF किसी एक्सचेंज के साथ ट्रेडिंग करने की फैसिलिटी देता है, वैसे तो यह एक प्रकार का म्यूच्यूअल फंड ही है, जिसमें कई तरह के डेट विकल्प और बॉन्ड बेच होता है।

लेकिन म्यूच्यूअल फंड और ETF में यह अंतर है कि ‌ETF को सिर्फ स्टॉक एक्सचेंज से ही खरीदा और बेचा जा सकता है, देखिए यूं कहें जिस प्रकार ट्रेडर शेयर को खरीदते और बेचते हैं, तो उन्हें मार्केट को देखना पड़ता है और उस पर बैठना पड़ता है ताकि सही जगह पोजीशन ले सके लेकिन उसी प्रकार ईटीएफ में भी कारोबारी घंटों के दौरान ही ट्रेडिंग हो सकती है।

ईटीएफ कैसे कार्य करता है

जैसे कि आप सबको मालूम ही है इंडिया में दो एक्सचेंज ट्रेडिंग करवाते हैं, BSE (बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज) दूसरा NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) अब इन दोनों एक्सचेंज का जैसा परफॉर्मेंस रहेगा, ईटीएफ भी उसी हिसाब से इन्वेस्टरो को रिटर्न देगा, यानी कि अगर एक्सचेंज पर गिरावट आई तो पूरे ईटीएफ पर इसका असर देखने को मिलेगा।

ETF में सिर्फ इक्विटी ही नहीं बल्कि डेट ऑप्शंस के भी सभी फंड सम्मिलित होते हैं। जिस प्रकार आपको पता है कि 2021 में मार्केट ने बढ़त बनाई थी तो उसी प्रकार दोनों एक्सचेंज भी बढ़त में थे। जिससे ईटीएफ में निवेश करने वाले इन्वेस्टर तगड़ा प्रॉफिट हुआ था, प्रिय पाठक आपको बता दें कि ETF में स्टॉक और फंड के अलावा सोना भी सम्मिलित होता है।

अगर कोई फिजिकली रूप में गोल्ड नहीं खरीदना चाहता है तो वे यहां पर गोल्ड में इन्वेस्ट करने का भी बेनिफिट ले सकता है। ईटीएफ के लिए सबसे बढ़िया ऑप्शन है। गोल्ड लगभग पिछले समय से हर बार बढ़ ही रहा है और इसके बढ़ने का कारण यह है कि इसमें हर रिस्क बहुत कम होता है। और आपको बता दें कि ईटीएफ का एक्सपेंस रेश्यो भी काफी कम है (0.5 से 0.6 के आसपास लगभग) जिसके कारण है बेहतर इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन बन जाता है।

क्या होता है इन डिजिटल गोल्ड

ETF खरीदने बेचने का तरीका

ईटीएफ के शेयरों को पूरे दिन एक्सचेंज पर किसी ब्रोकरेज खाते के माध्यम से खरीदा और बेचा जा सकता है। शेयर ईटीएफ से व्यक्तिगत रूप से रिडीम करने योग्य नहीं हैं, हालांकि, शेयरों को अधिकृत प्रतिभागियों द्वारा ईटीएफ से बहुत बड़ी क्रिएशन/रिडेम्पशन यूनिट में सीधे रिडीम किया जा सकता है।


एसेट मैनेजमेंट कंपनिया (AMC) ही ज्‍यादातर ETF को बाजार में उतारती हैं. ETF की पेशकश पहले न्‍यू फंड ऑफर (NFO) के रूप में होती है, जिसके बाद ये शेयर बाजार में लिस्‍ट होते हैं, यह किसी AMC की नई स्‍कीम होती है।

Top ETF Hindi

भारत के टॉप ईटीएफ

Top etf india

भारत में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड की छह व्यापक श्रेणियां इंडेक्स ईटीएफ, गोल्ड ईटीएफ, सेक्टर ईटीएफ, बॉन्ड ईटीएफ, करेंसी ईटीएफ और ग्लोबल इंडेक्स ईटीएफ हैं। 2023 भारत में निवेश करने के लिए यहां कुछ बेहतरीन ईटीएफ हैं –

इंडेक्स ईटीएफगोल्ड ईटीएफसेक्टर ईटीएफबॉन्ड ईटीएफमुद्रा ईटीएफग्लोबल इंडेक्स ईटीएफ
मोतीलाल ओसवाल NASDAQ 100 ईटीएफआईडीबीआई गोल्ड ईटीएफनिप्पॉन ईटीएफ खपतनिप्पॉन ईटीएफ लॉन्ग टर्म गिल्टइंडिया अर्निंग्स विस्डमट्री फंड (EPI)निप्पॉन ईटीएफ हैंग सेंग बीईएस
एचडीएफसी सेंसेक्स ईटीएफइंवेसको इंडिया गोल्ड ईटीएफनिप्पॉन ईटीएफ इंफ्रा बीईएसएसबीआई-ईटीएफ 10वाई गिल्टबाजार क्षेत्र- भारतीय रुपया/यूएसडी ईटीएनमोतीलाल ओसवाल NASDAQ 100 ईटीएफ
एसबीआई ईटीएफ सेंसेक्सआदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ईटीएफकोटक एनवी 20 ईटीएफएलआईसी एमएफ सरकार  
एडलवाइस ईटीएफ – NQ30एसबीआई ईटीएफ गोल्डआईसीआईसीआई प्रूडेंशियल NV20 ईटीएफनिप्पॉन ईटीएफ तरल BeEs  
यूटीआई सेंसेक्स ईटीएफएचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ    

एक बढ़िया ETF कैसे चुने

एक बढ़िया ईटीएफ चुनना बहुत सरल काम है, एटीएम के लिए सबसे जरूरी जो पैरामीटर होता है, वह अंडरलाइंग सिक्योरिटीज। क्योंकि रिटर्न इसके परफॉर्मेंस के ऊपर डिपेंड होता है, एटीएम में सिर्फ इक्विटी के बजाए सभी एसेट क्लास होना चाहिए, जैसे बॉन्ड, सिक्योरिटीज और गोल्ड भी सम्मिलित हो।

प्रिय पाठक आपको बता दें कि निवेशको को लिक्विडिटी, लो रेश्यो , लो इंपैक्ट कॉस्ट और लो ट्रैकिंग एरर वह अंडरलाइंग सिक्योरिटीज पर सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए और डियर पाठक ईटीएफ को चुनने में लो ट्रैकिंग एरर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण फैक्टर है, जिससे इंडेक्स की तुलना में मिलने वाले रिटर्न का अंतर कम करने में सहायता मिलती है।

निष्कर्ष: ETF Kya Hai

प्रिय पाठक देश के अंदर पिछले पांच-छह सालों में ETF का AUM 70 फ़ीसदी CAGR की दर से बढा है। पहले‌ AUM में ईटीएफ की हिस्सेदारी‌ केवल 2% थी वही यह 2021-22 में 12 से 14 फ़ीसदी हो गई है हालांकि ईटीएफ में ज्यादातर निवेश बड़ी बड़ी संस्था का है।

कुल मिलाकर ईटीएफ में निवेश थोड़ा कम रिस्की रहता है क्योंकि यहां पर बैंक निफ्टी के जैसे अप डाउन है नहीं आते हैं आते हैं लेकिन धीमे-धीमे जब तक इन्वेस्टर संभल जाता है।

आशा करते हैं आज का लेख ETF Kya Hai आपको पसंद आया होगा।

SIP Meaning in Hindi | सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान क्या है?

SIP Meaning in Hindi

नमस्कार डियर पाठक आज के इस लेख में हम जानेंगे SIP Meaning in Hindi और SIP क्या होता है, और इसका निवेश से क्या वास्ता है और लोग आखिर SIP के जरिए ही निवेश क्यों करते हैं। आपने भी लोगों के मुंह से सुना होगा कि म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना है, तो SIP के जरिए ही करो।

आज के इस लेख में हम आपका सारा डाउट क्लियर करने वाले हैं, कि SIP क्या होता है और SIP से आखिर किस प्रकार एक निवेशक के लिए रिस्क कम हो जाता है। SIP के क्या फायदे हैं, और क्या नुकसान है, और यह भी जानेंगे कि क्या एक सामान्य निवेशक को SIP के जरिए म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहिए।

म्यूच्यूअल फंड क्या है और कैसे निवेश करें

निवेश किसे कहते हैं और कैसे किया जाता है

शेयर मार्केट में कैसे निवेश करें?

SIP क्या है ? What is SIP Meaning in Hindi

SIP Meaning in Hindi – SIP का मतलब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) SIP को शॉर्ट में लोग सिप भी कहते हैं। जैसा कि हमें नाम से ही प्रतीत हो रहा है की SIP निवेश करने का एक सुव्यवस्थित तरीका है। सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपको हर महीने एक निश्चित रकम को आपकी पसंदीदा Mutual Fund स्कीम में डालने का अवसर देता है, यह आमतौर पर इक्विटी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में शुरू किया जाता है।

इन्वेस्टर पूरा पैसा एक साथ इन्वेस्ट करने के बजाय निश्चित समय अंतराल में निश्चित राशि का निवेश करता है। उदाहरण के लिए एक इन्वेस्टर ने ₹1500 हर महीने की SIP स्टार्ट की है, तो वह हर महीने ₹1500 म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करता रहेगा। देखिए छोटा-छोटा निवेश करने से इन्वेस्टर पर ज्यादा फाइनेंशियल दबाव नहीं पड़ता है। इसलिए बहुत कम आमदनी वाला निवेशक भी इस प्रकार म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर सकता है।

और इस निवेश को इन्वेस्टर म्यूच्यूअल फंड्स की NAV के अनुसार करता है। NAV का मतलब – Net Asset Value है यानी कि म्यूच्यूअल फंड की एक यूनिट का दाम है। जिस प्रकार स्टॉक मार्केट में 1 शेयर के हिसाब से निवेश किया जाता है वैसे ही म्यूचुअल फंड में एक यूनिट के हिसाब से निवेश किया जाता है। और यह NAV हर रोज चेंज होती है। इसलिए हर अलग महीने में निवेशक अलग NAV पर म्यूच्यूअल फंड खरीदता है।

जब मार्केट में तेजी होती है तो NAV कम होगी और मार्केट में मंदी है तो यह ज्यादा होगी कुल मिलाकर सभी स्थितियों में निवेशक ₹1500 निवेश करता रहेगा और एक टाइम पर यह NAV एवरेज हो जाएगी। म्यूचुअल फंड में सही प्रकार से निवेश किया जाए तो यह भविष्य में बढ़िया रिटर्न देता है।

शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के टिप्स

SIP के फायदे

सिप के बहुत सारे फायदे हैं?

  1. SIP के द्वारा निवेश करने पर सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें निवेश का रिस्क कम हो जाता है। और SIP के जरिए निवेश करने पर इन्वेस्टमेंट पीरियड ओर अमाउंट को लेकर एक फ्लैक्सिबिलिटी रहती है, कहने का मतलब निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार निवेश की अवधि प्रति महा, तिमाही या फिर छमाही का विकल्प चुन सकते हैं, और जब भी आपको जरूरत पड़े आप इसे रोक सकते हैं और अपनी SIP से पैसा ले सकते हैं।
  2. टाइम टाइम पर इन्वेस्ट करने से आपको, रूपी कॉस्ट एवरेजिंग का बेनिफिट मिलता है। यानी कि अगर मार्केट में गिरावट है और आपने पैसा इन्वेस्ट किया तो आपको ज्यादा यूनिट आलॉट होंगे और मार्केट में तेजी आने पर अलॉट होने वाले यूनिट की संख्या कम हो जाती है। इस प्रकार बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति में भी आप का खर्च एवरेज बना रहता है और गिरावट पर भी आपको लॉस नहीं होता है। ऐसे में जब भी बाजार में तेजी आती है तो निवेशक को अपने औसत निवेश पर ही अच्छा रिटर्न लेने का मौका मिलता है।
  3. SIP में कंपाउंडिंग का तगड़ा फायदा मिलता है। इसलिए हमेशा SIP लॉन्ग टर्म के लिए होनी चाहिए। क्योंकि जितना लंबे समय के लिए होगी कंपाउंडिंग का उतना ही ज्यादा फायदा। कंपाउंडिंग का मतलब यह है, कि आप को पहले से मिले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है।
  4. निवेशक व्यवस्थित रूप से निवेश करना सीख जाता है।
  5. टॉप अप एसआईपी का प्रयोग करके निवेश राशि को बढ़ाया जा सकता है।
  6. कम राशि से भी यह निवेश शुरू किया जा सकता है।

SIP के नुकसान

डियर पाठक SIP के नुकसान कुछ इस प्रकार है :-

  1. लॉन्ग टर्म की SIP से मिला रिटर्न, लॉन्ग टर्म के एकमुश्त इन्वेस्टमेंट पर मिले हुए रिटर्न से कम होता है।
  2. प्रतिमाह इन्वेस्टमेंट के लिए बैंक में पर्याप्त रूप से धन राशि होनी चाहिए।
  3. और निवेश के समय पर्याप्त रूप से धनराशि ने होने पर बैंक पेनल्टी चार्ज पी कर सकता है।
  4. और आपको बता दें कि लगातार 3 किस्ते ड्यू होने पर निवेशकों की SIP को रद्द कर दिया जाता है।

SIP के मुख्य बिंदु

(एसआईपी) SIP के प्रकार

डियर पाठक SIP के तीन प्रकार होते हैं:-

  1. टॉप-अप एसआईपी (SIP)
  2. फ्लेक्सिबल एसआईपी
  3. परपेचुअल (निरंतर चलने वाली) एसआईपी

SIP शुरू करने के लिए कितनी रकम चाहिए?

आप किसी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund ) स्कीम में SIP सिर्फ ₹500 महीने की राशि से शुरुआत कर सकते हैं। यह आपके ऊपर डिपेंड करता है

शेयर मार्केट में SIP क्या होता है?

आप विभिन्न कीमतों पर म्युचुअल फंड यूनिट खरीदते हैं, इसलिए आपको बाजार या बाजार में उतार-चढ़ाव के समय के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

SIP में कितना रिटर्न मिल सकता है?

एसआईपी (SIP) निवेश के अनुशासित साधन होते हैं क्योंकि वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपका निवेश लगातार बढ़ेगा। पूरी प्रक्रिया का स्वचालन आपके निवेश को एकमुश्त निवेश के विपरीत समय के साथ बढ़ने देता है 

SIP पर कितना ब्याज मिलता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर आपको 12 से 16 परसेंट आमतौर पर ब्याज मिल सकता है।

SIP का फुल फॉर्म क्या है? :- SIP का फुल फॉर्म Systematic Investment Plan (सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान) है।

निष्कर्ष :- SIP Meaning in Hindi

डियर पाठक SIP जानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपको हर महीने एक निश्चित रकम को आपकी पसंदीदा Mutual Fund स्कीम में डालने का विकल्प देता है। यह आमतौर पर इक्विटी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में शुरू किया जाता है। कुल मिलाकर इसमें निवेशक को रिस्क लगभग ना के बराबर होता है और इसमें मार्केट के उतार-चढ़ाव का भी ज्यादा इफेक्ट नहीं पड़ता है और फालतू झंझट भी नहीं है, आपको मार्केट देखने की। इसीलिए लोग SIP का इस्तेमाल करते हैं।

आशा करते हैं आज का लेख SIP Meaning in Hindi आपको पसंद आया होगा और यह लेख लगभग हर व्यक्ति के लिए इंपॉर्टेंट है इसीलिए आप इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अवश्य शेयर करें। कुछ जानकारी समझ में ना आए हो तो आप इस वीडियो के माध्यम से समझ सकते हैं।

स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं?

स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं?

स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं? आपको बता दें कि FII और DII यह दोनों बिल्कुल अलग संस्थान हैं। FII का मतलब Foreign Institutional Investor है। और DII का मतलब Domestic Institutional Invesdtor है। और यह कमीशन के आधार पर इन्वेस्टरो से पैसा लेकर स्टॉक मार्केट में निवेश (Invest) करते हैं।

डियर पाठक आज के लेख में हम FII और DII के बारे में संपूर्ण जानकारी को विस्तार से समझेंगे, की स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं, FII और DII क्या कार्य करते हैं शेयर मार्केट में, और आखिर शेयर मार्केट में FII और DII कितना पैसा कमाते हैं तो चलिए आगे बढ़ते हैं।

कमोडिटी ट्रेडिंग क्या है और इससे पैसे कैसे कमाए

FII क्या है, What is FII

FII – (Foreign Institutional Investor) आपको बता दें कि एक देश से दूसरे देश में जब स्टॉक मार्केट में बड़ी पूंजी मे के साथ संस्था द्वारा जो जो इन्वेस्ट किया जाता है, उसे ही FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) कहा जाता है। भारतीय शेयर बाजार में FII सबसे बड़े इन्वेस्टरो में से माने जाते हैं। क्योंकि यह बड़ी पूंजी के साथ निवेश करते हैं और आपको बता दें कि FII निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में 2021 तक 38,356.24 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया है।

शेयर बाजार में भारत जैसे कई विकासशील देश हैं जहां Foreign Institutional Investor यानी FII की संपत्ति की कुल वैल्यू पर CMA लगा दी गई है। और भारत में FII को नियंत्रित सेबी (Securities and Exchange Board of India) द्वारा किया जाता है, साथ ही आपको बताते चलें कि FII जैसी कई संस्थाओं का नियंत्रण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है।

FII से भारतीय शेयर पर क्या असर पड़ता है?

हां जी यह बिल्कुल सही बात है, FII का असर भारतीय शेयर मार्केट पर पड़ता है। और यह साफ तौर पर दिखता है, जब मार्केट गिरता है, क्योंकि आपको बता दे की, FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) स्टॉक मार्केट में बड़ी पूंजी के साथ निवेश करते हैं, और जब यह अपना पैसा निकालते हैं, तो मार्केट में डाउनफॉल आता है मतलब की मार्केट गिरता है, जिसके कारण हम कह सकते हैं कि FII का इंडियन शेयर मार्केट पर बहुत असर पड़ता है।

FII में कौन कौनसी संस्थाये सम्मिलित हैं?

जैसा कि हम सबको पता है, इकट्ठा पैसा इन्वेस्ट करने के लिए बड़ी-बड़ी संस्थाएं हैं शामिल होती है ठीक उसी प्रकार,‌ FII में भी विदेशी म्यूच्यूअल फंड, पेंशन निधि वाली संस्थाएं, ऐसेट मैनेजमेंट वाली कंपनियां, सेविंग फंड, और कई सारी ऑर्गेनाइजेशन भी शामिल होती हैं जो इंडियन स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करती हैं।

चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि Dii क्या है?

DII क्या है? What is DII

DII – (Domestic Institutional Invesdtor) आपको बता दें कि DII भारतीय संस्थाएं होती हैं, सिंपल भाषा में कहे तो घरेलू संस्थाएं, जो निवेशकों का पैसा अपने पास किसी सर्विस के माध्यम से जमा करती है, जिसके बदले निवेशकों को हर वर्ष परसेंटेज के हिसाब से रिटर्न मिलता है।

और फिर यह संस्थाएं अपने पास जमा पूंजी से स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं, DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) संस्थाओं में जैसे कि – म्यूच्यूअल फंड, LIC, और कई सारी बीमा कंपनियां होती हैं।

DII का मार्केट पर असर।

हां जी बिल्कुल DII कभी शेयर बाजार पर असर पड़ता है, जैसे कि अगर बाजार में खरीदी अधिक हो जाए तो मार्केट अपट्रेंड पकड़ता है, यानी कि बुलिश हो जाता है, और वही अगर बिक्री अधिक हो जाए तो तो मार्केट डाउन ट्रेंड में चला जाएगा यानी कि नीचे गिरेगा। लेकिन यहां पर मजे की बात यह है कि FII और DII के बीच अक्सर कंपटीशन चलता हैय

जैसे कि FII संस्थाएं अगर शेयर मार्केट में खरीदी करेगी तो वही DII संस्थाएं मार्केट में बिक्री करेगी, लेकिन यह कोई जरूरी नहीं है कभी-कभी यह संस्थाएं है, एक साथ खरीदी भी कर सकती है। इसलिए आप मार्केट को एनालिसिस करते रहें।

भारत में DII कौन-कौन से है?

  • Indian Mutual Fund Company
  • Indian Insurance Company
  • Local Pension Fund
  • Banking & Financial Institution

FII – DII डेटा का उपयोग

डियर पाठक अगर आप FII और DII के डाटा का उपयोग करके मार्केट के ओवरऑल सेंटीमेंट का पता करने के लिए कर सकते हैं। इससे यह पता चलता है कि बड़े-बड़े ऑपरेटर हैं, कहने का मतलब जिनके पास अधिक मात्रा में पूंजी है और जिनके पास सामान्य निवेशकों से ज्यादा मार्केट की समझ है, वह किस प्रकार मार्केट को वॉच कर रहे हैं, जैसे कि अगर उनको लगता है कि मार्केट बढ़ने वाला है, तो हो वह अधिक खरीददारी करेंगे। इसी प्रकार अगर उनको लगता है कि फ्यूचर में मार्केट गिरेगा तो वह बिक्री ज्यादा करेंगे।

लेकिन डियर निवेशको आपको केवल इसी रिसर्च पर डिपेंड नहीं रहना है, बल्कि खुद की रिसर्च काम में लेनी है यह बस एक मार्केट को समझने का तरीका है, इसके आधार पर आप कोई भी ट्रेड नहीं ले और नहीं इन्वेस्ट करें।

निष्कर्ष, स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं?

‌आशा करते हैं कि आपको यह लेख, स्टॉक मार्केट में Fii और Dii क्या होते हैं? काफी नॉलेजेबल लगा होगा, और आपका FII -DII वाला कांसेप्ट क्लियर हो गया होगा, अगर आप शेयर मार्केट देखना चाहते हैं तो स्टॉक पत्रिका के नोटिफिकेशन को Allow पर क्लिक करके ऑन कर ले। यहां पर आपको स्टॉक मार्केट कि हर बारीकी से रूबरू करवाया जाएगा। आप हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जुड़ सकते हो जिनके लिंक्स आपको नीचे मिल जाएंगे।

Mutual Fund Kya Hai? (म्यूचल फंड) What is Mutual Fund

Mutual Fund kya hai

Mutual Fund Kya Hai? दोस्तों आपने टीवी और अपने मोबाइल फोन के अंदर कई बार म्यूचल फंड के बारे में कोई ना कोई ऐड जरूर देखा होगा और आपके मन में यह जिज्ञासा जगी होगी कि आखिरकार यह म्यूचल फंड क्या है तभी आप इस लेख तक पहुंच पाए हैं मैं आपको बता देती हूं कि म्यूचल फंड आज के समय में निवेश करने का सबसे अच्छा और लोकप्रिय तरीका है तो चलिए मैं आपको बताती हो की Mutual Fund Kya Hai? साथ ही Mutual Fund के बारे में विस्तार से A to Z जानकारी देती हूं

Mutual Fund Kya Hai? (What is Mutual Fund)

आज के आधुनिक समय के साथ बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण लोग अपने पैसों को कहीं पर निवेश करना बेहतर समझते हैं और यह बात लगभग हर एक व्यक्ति जानता है कि समय के साथ उसके पैसे की वैल्यू घटती जा रही है निवेश के लिए लोग म्यूचल फंड का सहारा लेते हैं

म्यूचल फंड के अंदर किसी एक व्यक्ति का पैसा निवेश नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे लोगों के एक समूह के द्वारा इकट्ठा किया गया पैसा share बाजार के स्टॉक, गोल्ड और बॉन्ड में निवेश किया जाता है यह सारा पैसा म्यूचल फंड इकट्ठा करता है

इसके बाद म्यूचल फंड अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न कमा कर देता है

Mutual Funds मैं निवेश कैसे करें ( How to Invest in Mutual Funds )

  1. म्यूचल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने के लिए आपको किसी म्यूचल फंड कंपनी के पास अपना अकाउंट खुलवाना होता है लेकिन यदि आपके पास डीमेट ट्रेडिंग अकाउंट है तो आप वहां पर भी म्यूचल फंड की सेवा प्रदान कर सकते हैं
  2. दूसरा तरीका यह है कि आप सीधे किसी भी म्यूचल फंड की वेबसाइट पर जाकर तुरंत निवेश की शुरुआत कर सकते हैं ले किन म्यूचल फंड में निवेश करने से पहले आपको एक सही म्यूचल फंड का चुनाव करना आवश्यक है
  3. आपको कई सारी म्यूचल फंड कंपनियां एक फाइनेंसियल एडवाइजर की सेवा देती हैं जिनसे आप सलाह मशवरा करके उस म्यूचल फंड के रेगुलर प्लान में अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं
  4. यदि आप म्यूचल फंड की शुरुआत बिना किसी की मदद लिए करते हो तो आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ता है लेकिन यदि आप किसी म्यूचल फंड की एडवाइजर सेवा प्रदान करते हो तो आपको इसके लिए चार्ज देना पड़ सकता है
  5. आप म्यूचल फंड की शुरुआत घर बैठे आसानी से अपने मोबाइल पर दस्तावेज जमा करके कर सकते हैं
  6. किसी भी म्यूचल फंड कंपनी का आप रेगुलर प्लान में निवेश की शुरुआत करते हो तो आपको इसके लिए कमीशन देना पड़ता है
  7. म्यूचल फंड के डायरेक्ट प्लान से आप निवेश की शुरुआत करते हो तो इसके लिए आपको चार्ज नहीं देना पड़ता है और बहुत सारे कमीशन बच जाते हैहैं जिसके कारण आपको निवेश किए गए पैसों पर अच्छा मुनाफा होता है,

SIP क्या है?

Mutual Fund के प्रकार? Types of Mutual Funds

म्यूचल फंड के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं

(1) Asset Class

(2) Structure

1). Asset Class

(i) Equity – इस प्रकार के म्यूचल फंड अलग-अलग कंपनियों की हिस्सेदार के अंदर निवेश करते हैं

(ii) म्यूचल फंड के द्वारा ली गई Equity समय के साथ में अधिक पूंजी का निर्माण करती हैं जिससे म्यूचल फंड को फायदा होता है

(iii) म्यूचल फंड के द्वारा इक्विटी के अंदर किया गया निवेश लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है

(iv) इक्विटी मार्केट के अंदर म्यूच्यूअल फंड और भी अलग-अलग तरीकों से पैसों का निवेश करता है

Ex. इक्विटी मार्केट के अंदर बहुत सारे अलग-अलग फंड होते हैं जैसे कि स्मॉल कैप फंड, मल्टी कैप फंड, सेक्टर, लार्ज कैप फंड और मिड कैप फंड आदि.

लार्ज कैप फंड – इस सेक्टर के अंदर वह कंपनी आती है जिनका मार्केट कैप काफी बड़ा है इस सेक्टर की कंपनियां धीरे-धीरे ग्रो करती है लेकिन इनके अंदर रिस्क थोड़ा कम हो जाता है लार्ज कैप फंड के स्टॉक को ब्लू चिप स्टॉक भी कहा जाता है

मिड कैप फंड – दोस्तों इस फंड में आने वाली कंपनियां लार्ज कैप थे थोड़ी छोटी होती है इसमें मुख्यता मध्यम वर्ग की कंपनी आती है

मिडकैप में आने वाली कंपनियां बहुत ज्यादा मुनाफा दे भी सकती हैं और नहीं भी

स्मॉल कैप फंड – यह काफी छोटी कंपनियां होती है स्मॉल कैप की कंपनियों का मार्केट कैप और व्यवसाय बहुत ही कम फैला हुआ होता है

इस सेक्टर की कंपनियों के अंदर बहुत ज्यादा मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावना बनी रहती है

2). Structure

(i) Bond – म्यूचल फंड के द्वारा सारा पैसा किसी एक ही जगह पर ना लगा कर अलग-अलग जगह पर इन्वेस्ट किया जाता है और इनमें से एक है Bond इसके अंदर सरकारी संपत्ति या मनी मार्केट जैसे कार्य होते हैं जब इन bond या सरकारी संपत्तियों में निवेश की आवश्यकता होती है तो इनमें म्यूचल फंड के द्वारा निवेश किया जाता है

(ii) इसके अंदर म्यूचल फंड के द्वारा निवेश करने का सबसे अच्छा फायदा यह होता है

की इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है यहां पर म्यूचल फंड को हानि होने का रिस्क बहुत कम या ना के बराबर होता है

म्यूचल फंड का इतिहासHistory of Mutual Funds

म्यूचल फंड का इतिहास थोड़ा अलग है शुरुआती समय में म्यूचल फंड को भारत सरकार के द्वारा शुरू किया गया था म्यूचल फंड को 1963 मैं UTI ( यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के माध्यम से लोगों के बीच में लाया गया था इसके अलावा इस म्यूच्यूअल फंड को भारत कि रिजर्व बैंक RBI ( रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के अधीन रखा गया था 1978 के बाद आरबीआई ने म्यूचल फंड को चलाने का दायित्व कई सारी बैंकों को दे दिया और आज के समय में लगभग हर एक बैंक और कई सारी अलग-अलग कंपनियों के पास अपना एक अलग म्यूचल फंड मौजूद है

क्या म्यूचल फंड सही है ( What Mutual Fund Right )

आप अपने पैसे को बाजार में कहीं पर निवेश करना चाहते हैं तो म्यूचल फंड आपके लिए सच में सही है क्योंकि आप यदि शेयर बाजार में सीधे निवेश करते हैं तो वहां पर आपका रिस्क काफी बढ़ जाता है लेकिन यदि आप म्यूचल फंड में थोड़ा थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो आपको लंबे समय के बाद अच्छा रिटर्न देखने को मिल सकता है लेकिन इसके अलावा यदि आप म्यूचल फंड मैं निवेश करने से पहले अच्छे से उसके बारे में नॉलेज लेते हैं तो आपको नुकसान होने के चांस कई गुना कम हो जाते हैं

म्यूचल फंड के फायदे ( Benefits of Mutual Funds )

एक सामान्य व्यक्ति को म्यूचल फंड के अंदर निवेश करते समय कई सारे फायदे होते हैं जैसे

1). अच्छी कंपनी (Good Company) – म्यूचल फंड में आए लोगों के पैसों को उस म्यूचल फंड के बड़े बड़े अधिकारी और प्रोफ़ेसर के द्वारा एक अच्छी और सही कंपनी का चुनाव करके इन्वेस्ट किया जाता है जिससे भविष्य में अच्छा फायदा होता है

2). छोटा निवेश (Small Investment) – एक सामान्य व्यक्ति म्यूचल फंड के माध्यम से निवेश की शुरुआत एक बहुत छोटी राशि से भी कर सकता है वरना उसे बाकी किसी दूसरी जगह पर ऐसी कोई भी सुविधा नहीं मिलती है

3). लिक्विडिटी (liquidity) – म्यूचल फंड के अंदर व्यक्ति अपने पैसों को किसी भी समय निवेश कर सकता है साथ ही वह अपने पैसों को आसानी से निकाल भी सकता है उसका पैसा किसी निश्चित समय के लिए डॉग लॉक नहीं रहता है

4). घर बैठे निवेश (Investing From Home) – एक सामान्य व्यक्ति घर बैठे म्यूच्यूअल फंड के अंदर आसानी से निवेश की शुरुआत कर सकता है व्यक्ति अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं ऑनलाइन किसी भी प्लेटफार्म पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों का इस्तेमाल करके म्यूचल फंड अकाउंट खोल सकता है

5). Long Ran Good Return – म्यूचल फंड में निवेश करने वाले व्यक्ति को लंबे समय तक इंतजार करने के बाद निवेश किए गए पैसों के ऊपर एक बहुत ही अच्छा रिटर्न देखने को मिलता है

म्यूचल फंड के नुकसान ( Disadvantages of Mutual Funds )

सही से निवेश नहीं करने पर कई बार म्यूचल फंड के अंदर सामान्य लोगों को नुकसान का सामना भी करना पड़ता है जैसे

1). गलत म्यूचल फंड (Wrong Mutual Fund) – कई बार लोगों के द्वारा एक सही म्यूचल फंड का चुनाव नहीं करना भी नुकसान का सौदा साबित हो जाता है क्योंकि यदि म्यूचल फंड आपके पैसे को सही जगह पर निवेश नहीं करता है तो उसका नुकसान आपको उठाना पड़ता है

2). लंबा टाइम ( Long Trem ) – म्यूचल फंड के अंदर निवेश करने वाले लोगों को अपने पैसों के ऊपर मुनाफा कमाने में काफी लंबे समय का इंतजार करना पड़ता है

3). गारंटीड रिटर्न (Guaranteed return) – कोई भी म्यूचल फंड यह गारंटी नहीं लेता है कि आपके पैसे के ऊपर एक गारंटीड रिटर्न ही मिलेगा जैसा की एफडी मैं होता है म्यूचल फंड के अंदर जब म्यूचल फंड मुनाफा कमाता है तभी आपको फायदा हो पता है

4). कम टाइम (Less Time) – किसी व्यक्ति के द्वारा म्यूचल फंड में निवेश किए गए पैसों को कम समय में निकाल लेने पर बहुत ही कम या नहीं के बराबर रिटर्न मिलता है

5). अवरुद्धता अवधि (Lock in period) – इसके अंदर व्यक्ति जरूरत पड़ने पर अपने पैसों को म्यूचल फंड से बाहर नहीं निकाल पाता है

उसका पैसा इस फंड से तभी बाहर निकल पाता है जब लॉक इन पीरियड कंप्लीट होता है यह पीरियड 5 साल या 10 साल इससे ज्यादा का भी हो सकता है

लोगों के द्वारा म्यूचल फंड से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ?

म्यूचल फंड में कितना रिटर्न मिलता है ?

Ans. म्यूचल फंड एक ऐसी जगह है कहां पर Fd की तरह कोई फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है यहां पर व्यक्ति को किसी साल 20% से 25% तक का रिटर्न मिल जाएगा तो किसी साल 5% से 10% रिटर्न नहीं मिल पाएगा अंत म्यूचल फंड का रिटर्न कभी भी फिक्स नहीं होता है

सबसे बेस्ट म्यूचल फंड कौन सा है ? Which is the best mutual fund?

Ans. दोस्तों मार्केट के अंदर आज के समय बहुत सारे म्यूचल फंड मौजूद है लेकिन सबसे कठिनाई की बात यह है कि इनमें से सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है,

म्यूचल फंड का चुनाव करते समय आपको उस म्यूचल फंड को सही से एनालाइज करना आना चाहिए उसमें आपको यह देखना चाहिए कि जिस म्यूचल फंड को आप अपना पैसा दे रहे हो वह म्यूचल फंड प्रति वर्ष कितना रिटर्न पिछले कई वर्षों से देता आ रहा है

ऐसे और भी कई सारे फैक्टर मौजूद है जिन का पता लगाना आवश्यक हो जाता है तो जो म्यूचल फंड पिछले कई सालों से अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न दे रहा है वह म्यूचल फंड सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड है

म्यूचल फंड का रेगुलेटर कौन है ?

Ans. जब बात निवेश की आती है दो लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा sebi आगे आता है जो चाहे शेयर मार्केट हो या फिर म्यूचल फंड सभी के ऊपर नजर रखता है और इन को अपने कंट्रोल में रखता है इसी वजह से लोगों को धोखाधड़ी का डर नहीं रहता है जिसके फलस्वरूप वह म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करते हैं

म्यूचल फंड को कौन मैनेज करता है ?

Ans. म्यूचल फंड को फंड मैनेजर के द्वारा मैंने दिया जाता है यह किसी एक व्यक्ति विशेष के द्वारा संचालित नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे पढ़े लिखें लोग और मैनेजर का समूह इसे संचालित करता है

कितने पैसों से म्यूचल फंड में निवेश किया जाता है

Ans. म्यूचल फंड में निवेश करने के लिए व्यक्ति के पास हजारों रुपए होना आवश्यक नहीं है बल्कि वह आसानी से अपने मोबाइल फोन के माध्यम से म्यूचल फंड मैं खाता खोलकर मात्र ₹100 से शुरुआत कर सकता है

निष्कर्ष ( conclusion)

आज के इस लेख Mutual Fund Kya Hai? के अंदर आपने यह सीखा की Mutual Fund Kya Hai? और म्यूचल फंड की शुरुआत कैसे कर सकते हैं साथ ही आपने यह भी जाना कि म्यूचल फंड को कैसे शुरू किया जाता है और म्यूचल फंड में आपको क्या लाभ और हानि हो सकते हैं

इनके अलावा और आपने कई सारी म्यूचल फंड से संबंधित बातें सीखी होगी. अंते यदि आपको हमारा यह Mutual Fund क्या है लेख को समझाने का तरीका पसंद आया हो या आपको इसमें कुछ कमी लगी हो तो वह हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि हम जल्द से जल्द उसे ठीक कर सके बताती हूं

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