लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट क्या होती है

शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म इन्वेस्ट करने वाले लोगों को ज्यादा फायदा होने की गुंजाइश रहती है क्योंकि यह लोग लंबे समय के लिए किसी एक अच्छी कंपनी में निवेश करते हैं जिसके कारण इनको अच्छा रिटर्न देखने को मिलता है इसके साथ ही लॉन्ग टर्म में इन्वेस्ट करने वाले लोगों को नुकसान होने के चांस है कई गुना कम या ना के बराबर रहते हैं इसलिए यदि आप शेयर मार्केट के अंदर किसी भी इन्वेस्टमेंट स्टाइल को चुनते है तो आप उसके साथ में लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट भी जरूर करें क्योंकि सबसे ज्यादा फायदा इसी में देखने को मिलता है अब चलिए हम विस्तार से जानते हैं कि लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है इसके साथ ही लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आदि तो चलिए शुरू करते हैं

लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट क्या है

शेयर मार्केट में लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट निवेश करने का एक ऐसा तरीका है जिसमें आप 6 महीने 1 साल या फिर 5 वर्ष यह इससे ज्यादा के लिए इन्वेस्टमेंट करते हैं ज्यादातर लोग लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट ही करते हैं क्योंकि इसमें फायदा होने के चांस ज्यादा होता है लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट करने के लिए आप एक अच्छी कंपनी का चुनाव करके उसके अंदर अपनी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं और एक लंबे समय के बाद आपको इसने अच्छा रिटर्न देखने को मिल सकता है यदि आपने शेयर मार्केट के अंदर नए है तो आप लोग टर्म इन्वेस्टमेंट का रास्ता ही चुने क्योंकि यहां पर नुकसान होने के चांस कई गुना कम होते हैं

लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट कैसे करें

शेयर मार्केट में लंबे समय मैं निवेश करने के लिए आपके पास एक डीमेट और ट्रेडिंग खाता होना आवश्यक है क्योंकि जब आप एक अच्छी कंपनी का चुनाव करने के बाद उसके शेयर को खरीद लेंगे तो वह शेयर आपके डिमैट अकाउंट के अंदर ही पड़े रहते जैसे कि आप अपने पैसे को बैंक में जमा कराने के लिए अकाउंट खुलवात हैं वैसे ही आपको शेयर खरीदने के लिए आपको एक डीमेट और ट्रेडिंग खाता खुलवाना होता है अब आप अपने खरीदे गए शेयर को लंबे समय के लिए होल्ड करके रख सकते हो और जब आपको अच्छा रिटर्न मिल जाए तब आप उन्हें भेज सकते हो तब तक यह शेर आपके डीमेट अकाउंट में पड़े रहते हैं

लॉन्ग टर्म स्टॉक कैसे चुने

(1) कंपनी में फंडामेंटल का एनालिसिस करना चाहिए

(2) कंपनी के पास कितना पैसा पड़ा है और कितना उसके ऊपर कर्जा है साथ ही कंपनी के पास क्या-क्या एसिड्स है और क्या लायबिलिटीज है आदि कंपनी की ऐसी वस्तुओं के ऊपर भी आपको एनालिसिस करना चाहिए

(3) कंपनी के फ्यूचर प्लान क्या है यह फ्यूचर में कौन सी सर्विस लोगों के लिए प्रदान करने वाली है या फिर भविष्य के लिए कंपनी का नेक्स्ट प्रोजेक्ट क्या है इनका भी पता लगाना आवश्यक है

(4) जिस सेक्टर की आप कंपनी खरीद रहे हो उस सेक्टर की सभी कंपनियों के एनालिसिस करें और पता करें कि कौन सी कंपनी इस सेक्टर की सबसे बेस्ट कंपनी है

(5) कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के साथ कंपनी हर वर्ष कितना प्रॉफिट कम आ रही है यह प्रॉफिट कंपनी के किन किन जगह से आ रहा है कंपनी के अंदर प्रमोटर को और म्यूचल फंड की होल्डिंग कितनी है आदि ऐसे कारणों के ऊपर भी आपको पता लगाना चाहिए

आदि से कारणों के ऊपर आप रिसर्च करके एक सही स्टोर का चुनाव कर सकते हैं और उसमें लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं

लॉन्ग टर्म निवेश के फायदे

  • लंबे समय के लिए किए गए निवेश में आपको अच्छा रिटर्न मिलने के चांस कई गुना ज्यादा होते हैं
  • लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट में आपको रोज मार्केट को देखने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि आप लंबे समय के लिए निवेश करते हैं
  • लंबे निवेश में आपको नुकसान होने के चांस कई गुना कम होते हैं
  • यदि आपके कुछ सपने हैं और आपने पूरा करना चाहते हैं तो आप लंबे समय के लिए निवेश करके उनको पूरा कर सकते हैं
  • लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोगों को कंपनी समय-समय पर डिविडेंड भी देती है क्योंकि आपके द्वारा खरीदे गए शेयर की कमाई होती है

लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट के नुकसान

  • अच्छी कंपनी का चुनाव नहीं करने के कारण कई सारे लोगों को लंबे समय के निवेश में नुकसान हो जाता है
  • लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए आपको काफी ज्यादा समय का इंतजार करना पड़ता है तब जाकर आपको एक अच्छा रिटर्न देखने को मिलता है
  • कई सारे लोग दूसरों से टिप्स ले कर लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करते हैं जिसके कारण उनको कई बार नुकसान उठाना पड़ता है
  • गलत कंपनी जैसे यस बैंक और vodafone-idea जैसी कंपनियों के अंदर निवेश करने पर आपको नुकसान उठाना पड़ता है
  • लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट मैं कई बार लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं होता है और थोड़े से रिटर्न पर ही निकल जाते हैं लेकिन बाद में वह शेयर बहुत आगे तक जाता है और बाद में उनको पछतावा होता है

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