स्टॉक मार्केट में हेजिंग क्या है। Hedging in Stock Market in Hindi

नमस्कार डियर पाठक, आज के इस लेख में हम जानेंगे कि स्टॉक मार्केट में हेजिंग क्या है? और स्टॉक मार्केट में इसका प्रयोग क्यों किया जाता है, साथ ही यह भी जानेंगे कि हेजिंग कब की जाती है, और किस स्थिति में की जाती है क्या नए लोगों को हेजिंग करनी चाहिए, क्या हेजिंग वजह से रिस्क मैनेज होके चलता है?

और कई सारे डाउट्स को हम इस आर्टिकल के माध्यम से किलियर करेंगे तो आप अंत तक इस आर्टिकल को अवश्य पढ़ें, क्योंकि हर निवेशक को यह जानकारी होना आवश्यक है।

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हेजिंग क्या है? Hedging Meaning in Stock Market in Hindi

हेजिंग क्या है? :- हेजिंग स्टॉक मार्केट में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के रिस्क को कम करने का एक तरीका है, और हेजिंग को स्टॉक मार्केट में स्वयं द्वारा किए गए एक बीमा के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसे आप यूं समझिए जिस तरह आप अपने घर, गाड़ी, स्वास्थ्य आदि का बीमा करवाते हैं। ठीक उसी प्रकार स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो यहां पर आप स्वयं ट्रेडिंग का बीमा कर रहे हैं, और यह आपको स्टॉक मार्केट में होने वाले नुकसान से बचने का एक विकल्प दिया गया है।

चलिए हेजिंग को उदाहरण के माध्यम से समझते हैं। डियर पाठक जब कोई व्यक्ति नई कार खरीदता है तो उसके साथ में वह बीमा भी करवाता है, जिसकी एक निश्चित अवधि होती है अगर उस अवधि के अंदर कार को कुछ भी नुकसान होगा कहने का मतलब कार के एक्सीडेंट में बिगड़ गई तो उसके होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करेगी। लेकिन स्टॉक मार्केट में आप स्वयं बीमा कंपनी बनते हैं यानी कि आप हेजिंग इस्तेमाल करते हैं, जो निवेशकों के लिए बीमा का कार्य करती हैं। अब आप देखिए वह कैसे –

जैसे कि किसी निवेशक ने अच्छे से रिचार्ज करने के बाद किसी XYZ कंपनी के ₹200 प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा और निवेशक का एनालिसिस कहता है कि या अन्य वाले टाइम में ₹300 का आंकड़ा छू लेगा। लेकिन कुछ समय बाद उस कंपनी के शेयर बढ़ने की बजाय घटने लगते यानी नीचे की ओर जाने लगते हैं, तो अब इस स्थिति में निवेशक के पास तीन ऑप्शन है।

  1. मौजूदा कीमत पर शेयर को बेच दे
  2. कीमतों को गिरने दे और देखें कि शेयर उसी कीमत पर पहुंच जाएं जिस पर खरीदा गया है।
  3. या फिर यहां पर अपनी पोजीशन को हेज कर सकते हैं।

मौजूदा कीमत पर शेयर बेच दे

अब ट्रेडर के पास यह ऑप्शन है कि वह अपने शेयर को मौजूदा कीमत पर बेच दे, और उसके बाद उसी शहर को कम कीमत में खरीदने का इंतजार करें, लेकिन अब कम कीमत पर खरीदने के लिए निवेशक को बाजार पर लगातार निगरानी रखनी होगी। और सही समय पर उस स्टॉक में एंट्री लेनी होगी, जोकि बिल्कुल सामान्य स्थिति नहीं है और नहीं आसान है।

अब इसके साथ अगर ट्रेडर बार-बार खरीदता और बेचता है तो उसे हर ट्रांजैक्शन के लिए शुल्क चुकाना पड़ेगा

कीमतों को गिरने दे और देखें कि शेयर उसी कीमत पर पहुंच जाएं जिस पर खरीदा गया है।

हम इस स्थिति में निवेशक कुछ भी चेंज करने का फैसला नहीं लेता है, क्योंकि अगर स्टॉक की कीमत ₹200 से ₹150 पहुंच गई लेकिन ट्रेडर का एनालिसिस कहता है कि भविष्य में यह कीमत वापस 200 हो जाएगी, इसलिए वह कुछ भी नहीं करने का फैसला लेता है।

लेकिन यहां पर ध्यान रखने वाली बात यह है कि किसी स्टॉक की कीमत अगर 25% तक गिर गई हैं तो यह हमें भी मालूम है कि वापस 25 परसेंट बढ़ने में काफी लंबा समय लेगी। क्योंकि गिरावट बड़ी तेजी से आती है लेकिन बढ़ने में टाइम लगता है।

इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है अगर बाजार की स्थिति कुछ समझने लायक नहीं है तो यहां पर हेजिंग करना सबसे उचित विकल्प रहता है

अपनी पोजीशन को हेज कर सकते हैं।

डियर पाठक आपको बता दें कि शेयर मार्केट क्या आप किसी भी सेक्टर में इन्वेस्ट करते हैं तो रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है लेकिन आप रिसर्च करके एनालिसिस करके इन्वेस्ट करते हैं तो यह हम 99 प्रतिशत दावे के साथ कह सकते हैं कि आप प्रॉफिट अवश्य कमाएंगे, लेकिन यह जो एक परसेंट रिस्क बचता है इसको भी अगर कोई कारोबारी कम करना चाहते हैं तो वह हेजिंग का सहारा लेता है, क्योंकि इसमें चिट भी आपका और पट भी आपका इसलिए रिस्क की पोजीशन कम हो जाती है।

हेजिंग कैसे करते हैं?

डियर पाठक शेयर मार्केट में अपनी पोजीशन को हेज करना आसान है, चलिए इस को आसान करने के लिए एक उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आपने लॉन्ग टर्म के लिए किसी XYZ कंपनी के 100 शेयरों ₹500 प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा है। जिसका मतलब की आपने स्टॉक मार्केट में ₹50000 इन्वेस्ट किए हैं। लेकिन अब आपको पता चलता है कि XYZ कंपनी का तिमाही रिजल्ट बहुत जल्दी आने वाला है,

और इस रिजल्ट को लेकर आपके मन में शंका है कि अगर रिजल्ट खराब आया तो या फिर रिजल्ट कंपनी के फेवर में नहीं आया तो क्या होगा, अब शेयर मार्केट में होने वाले नुकसान को बचाने के लिए आप अपनी पोजीशन को हेज करने का फैसला लेते हैं। और शेयर मार्केट में आप अपनी पोजीशन को हेज करने के लिए आप फ्यूचर्स मार्केट में एक शार्ट पोजीशन ले लेते हैं।

अब देखते हैं कि शार्ट पोजीशन कैसे बनाते हैं।

  1. शॉर्ट पोजिशन- 505
  2. लोट साइज-100
  3. कुल कीमत- 50500

अब जैसे कि आपके पास XYZ कंपनी के स्पॉट मार्केट और फ्यूचर मार्केट में अलग-अलग पोजीशन आपके पास होल्ड है जो कि अलग-अलग कीमत के ऊपर बनाई गई है, यहां पर महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ही पोजीशन एक दूसरे के विपरीत बनाई गई है। कहने का मतलब आप बाप ने स्वयं का ट्रेडिंग बीमा कर लिया है। अब यहां पर न तो आपको लाभ होगा और ना ही नुकसान। और अगर एक विपरित दिशा में बढ़ गया तो कुछ हद तक लाभ भी हो सकता है।

लेकिन हमारी सलाह यही रहेगी कि आप जो भी करें पहले उसके बारे में रिसर्च एनालिसिस इन सब कंडीशन को देखने के बाद ही किसी कंपनी में इन्वेस्ट करें नहीं तो आप ने घर के रहेंगे ना घाट के।

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हेजिंग हमेशा अलग अलग विकल्प में की जाती है

  1. कैस – आप्शन
  2. कैस – फ्यूचर
  3. फ्यूचर – आप्शन
  4. आप्शन – फ्यूचर
  5. आप्शन – कैस
  6. फ्यूचर – कैस

ऑप्शन ट्रेडिंग में हेजिंग कैसे करें?

डियर पाठक ऑप्शन ट्रेडिंग में आप थोड़े से पैसे में मार्जिन ट्रेडिंग के साथ बड़ा लॉट बुक कर सकते हैं और फिर इसके लिए आपको एक्सपायरी डेट मिलती है यह आप ऑप्शन ट्रेडिंग के आर्टिकल में जान सकते हैं। अब जैसा कि अब आपको लगता है, कि यह कुछ स्टॉक जो आपने खरीदे या आने वाले दिनों में अच्छे मूवमेंट करेंगे लेकिन आपको यह नहीं पता कि यह किस डायरेक्शन में अपना रूप दिखाएंगे इसलिए आप ऐसी स्थिति में उस स्टॉक की वर्तमान कीमत पर हेजिंग कर सकते हैं। क्योंकि इससे अच्छा कोई विकल्प हो नहीं सकता स्टॉक मार्केट में नुकसान बचाने के लिए।

इसके लिए आपको कुछ नहीं करना बस विपरीत दिशा में दो लॉट खरीदने हैं। यानी कि एक कॉल ऑप्शन का लॉट और दूसरा पुट ऑप्शन का लोट अब जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि है हेजिंग में चिट भी आपका होता है और पट भी आपका होता है, मतलब अगर मार्केट जसबीर डायरेक्शन में मूवमेंट करेगा उसमें आपको नुकसान होने का तो लगभग चांस ना के बराबर होता है।

निष्कर्ष: स्टॉक मार्केट में हेजिंग क्या

डियर पाठक हेजिंग ट्रेडिंग में स्वयं के द्वारा किया गया बीमा है इसके द्वारा आप ट्रेडिंग में होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कभी भी केवल है जिनके भरोसे कहीं भी इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। आज के इस आर्टिकल स्टॉक मार्केट में हेजिंग क्या में आपने हेजिंग ट्रेडिंग के बारे में जाना अगर आपका फिर भी कुछ डाउट है, तो हम आपको नीचे एक वीडियो प्रोवाइड करवा रहे हैं आप अपने सारे डाउट्स उससे क्लियर कर सकते हैं लेकिन फिर भी अगर कोई डाउट है तो आप बेझिझक हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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