Depository Participant, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है?

नमस्कार डियर पाठक आज के लेख में हम जानने वाले हैं कि, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है? भारत में डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट डिपॉजिटरी के एजेंट होते है, और यह निवेशक और डिपॉजिटरी के बीच एक मध्यस्थ (इंटरमीडिएटरी ) का कार्य करता है। जिसे सिंपल लैंग्वेज में स्टॉक ब्रोकर कहते हैं।

आज के इस लेख में इस जानकारी को हम विस्तृत रूप से समझेंगे अगर आप एक इन्वेस्टर है या फिर ट्रेडर है तो आपको ऐसी बेसिक जानकारी होना आवश्यक है। इसलिए इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

भारत में सबसे बेस्ट स्टॉक ब्रोकर कौन है

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट कौन है?

डियर पाठक जिसे आप स्टॉक ब्रोकर कहते हैं उसे ही डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट कहते हैं। आपको बता दें कि एक डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट का मतलब एक ऐसा स्थान होता है, जो एक बैंक जैसा होता है, जो अकाउंट खोलने के बाद पैसे जमा करता है, और लेनदेन करता है। ठीक उसी प्रकार डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट पैसे के बजाय, प्रतिभूतियों जैसे परिसंपत्तियों के भंडार के रूप में कार्य करता है। 

एक डीपी या डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के साथ, आप एक डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं। और प्रतिभूतियों को स्टोर कर सकते हैं, और फिर उनके साथ व्यापार कर सकते हैं क्योंकि अगर आप एक ट्रेडिंग अकाउंट खोलते हैं, तो आपका खाता लिंक हो जाएगा। एक या दोनों NSDL और CDSL के एजेंट के रूप में सेवा करते हुए, एक डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट आपको अपनी संपत्ति को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने में सहायता करता है। 

भारत में डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट कौन-कौन है

ऐसे तो भारत में डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट बहुत सारे हैं लेकिन कुछ सुप्रसिद्ध डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के नाम यहां पर निम्नलिखित है।

  1. शेयरखान
  2. जेरोधा
  3. एंजेल ब्रोकिंग
  4. मोतीलाल ओसवाल
  5. अपस्टॉक्स
  6. रिलायंस सिक्योरिटीज
  7. ICIC सिक्योरिटीज
  8. कोटक सिक्योरिटीज और आदि।

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Depository Participant के कार्य

डियर पाठक सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड होने के बाद एक DP, (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) इन्वेस्टर अपनी सर्विसज प्रोवाइड करवा सकता है। और डिपॉजिटरी किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन अपने एजेंट यानी कि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के माध्यम से ही कर सकता है।

  1. Investor or Trader का डीमैट अकाउंट खोलना।
  2. शेयर की खरीदारी और बिकवाली करवाना।
  3. सिक्योरिटीज को डीमैट और रीमैट फॉर्म में करवाना।
  4. लोन के लिए सिक्योरिटीज की प्लेजिंग और अनप्लेजिंग करवाना।
  5. सिक्योरिटीज का ट्रांसफर करवाना (किसी एक बेनिफिशरी से दूसरे के खाते में)

भारत में डिपाजिटरी कौन है।

भारत में अब तक दो डिपाजिटरी कार्यरत है-

  1. NSDL – National Securities Depository Ltd.
  2. CDSL- Central Depository Services Ltd.

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट की भूमिका

डियर पाठक आपको डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के बारे में काफी कुछ समझ में आ गया होगा, अब हम जानेंगे कि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट की आवश्यकता क्यों है, तो इस सवाल का जवाब नीचे वर्णित हैं क्योंकि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट की भूमिका को जानने के बाद आपको और अच्छी तरह से समझ में आएगा डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या है।

  • फालतू कागजी कार्रवाई से छुटकारा, क्योंकि पुराने समय में बड़ी मात्रा में कागजी कार्रवाई होती थी, जिसमें इन्वेस्टर संपत्ति का ट्रैक रिकॉर्ड रखते थे, लेकिन अब डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के माध्यम से, यह सब डिजिटल हो गया है, जिसके कारण आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
  • धोखाधड़ी जैसी समस्या को समाप्त करना, क्योंकि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट की प्रोसीजर को इलेक्ट्रॉनिक रूप से एग्जीक्यूट किया जाता है, और यह बिल्कुल सुरक्षित हैं और आपको भौतिक संपत्ति की चोरी को रोकने के लिए ध्यान रखने की आवश्यकता नहीं है।
  • फास्ट प्रोसेस, पारदर्शी और कुशल तरीके से काम करने वाले डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के अनुरूप, संपत्ति खरीदने, और उन्हें संग्रहित करने वह उनके साथ व्यापार करने की पूरी प्रोसेस पहले की तुलना में काफी फास्ट है।
  • होलसेल मैनेजमेंट, क्योंकि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट अपने सभी व्यवसाय ऑनलाइन एग्जीक्यूट करते हैं, इसलिए काफी बड़ी संख्या में इन्वेस्टरो के साथ मामला का मैनेजमेंट करना इजी हो जाता है।

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) शुल्क

डियर पाठक एक बार जब आप सेबी द्वारा रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर के साथ डिमैट अकाउंट ओपन करते हैं, तो आपको प्रत्येक डिमैट अकाउंट एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ता है, हालांकि अधिकांश समय, DP शुल्क स्टॉक ब्रोकर द्वारा तय किया जाता है। और प्रत्येक खरीदने और बेचने की प्रोसेस पर यूजर को एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ता है।

कुछ डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट है जो डिपॉजिटरी द्वारा अपने कमीशन के बिना एक समान राशि चार्ज करते हैं। और आपको बता दें कि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के आधार पर प्रति लेनदेन न्यूनतम डीपी शुल्क ₹5 से लेकर ₹25 तक जा सकता है। इसके साथ ही GST 18% भी निवेशकों के डीमेट अकाउंट से प्रति लेनदेन पर लगाया जाता है।

निष्कर्ष, Depository Participant, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है?

डियर पाठक, आज के इस लेख, Depository Participant, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है? में हमने जाना कि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट स्टॉक ब्रोकर को ही कहते हैं, क्योंकि स्टॉक ब्रोकर डिपॉजिटरी के एजेंट होते हैं और यह निवेशक और डिपॉजिटरी के बीच एक मध्यस्थ (इंटरमीडिएटरी) का कार्य करता है।

आशा करते हैं कि आज का लेख Depository Participant, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या होता है? आपको काफी नॉलेजेबल लगा होगा, और इसी प्रकार स्टॉक मार्केट से रिलेटेड न्यूज़ पाने के लिए आप हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विजिट कर सकते हैं

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