म्यूचल फंड के फायदे – Benefits of Mutual Fund

म्यूचल फंड के फायदे

आजकल हर कोई व्यक्ति अपने पैसे को बढ़ाना चाहते हैं क्योंकि बैंक ज्यादा रिटर्न नहीं देता है जिसके कारण जब किसी व्यक्ति के पैसों को बढ़ाने की बात आती है तो वह या तो प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करता है या फिर किसी म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करता है और आज के इस ब्लॉग में हम इसी टॉपिक के ऊपर बात करने वाले हैं कि म्यूचल फंड के फायदे क्या है इसके साथ ही मैं आपको यह बताने वाला हूं कि म्यूचल फंड में निवेश करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और एक सही म्यूचल फंड का चुनाव कैसे करें जो आपको प्रतिवर्ष अच्छा रिटर्न दे सके साथ ही कौन सा म्यूचल फंड है जिसने पिछले वर्ष सबसे ज्यादा रिटर्न कमा कर दिया है और आगे कौन सा म्यूचल फंड कमा कर देने वाला है तो चलिए शुरू करते हैं म्यूचल फंड के फायदे |

म्यूचल फंड के फायदे – Benefits of Mutual Funds

म्यूचल फंड का सबसे बड़ा फायदा लोगों को यह होता है कि उनका पैसा एक एक्सपर्ट के द्वारा मैनेज किया जाता है साथ ही व्यक्ति को खुद से किसी कंपनी की रिसर्च नहीं करनी पड़ती है यह सारा कार्य म्यूचल फंड आपके लिए करता है इसके बदले में आपको म्यूचल फंड को सिर्फ कुछ इस देनी पड़ती है और बदले में वैसे आपका सारा कार्य कर देता है म्यूचल फंड को मैनेज करने वाले लोगों को निवेश करने का काफी ज्यादा अनुभव होता है जिसके कारण वह लोग आपके पैसे को सही जगह पर निवेश करते हैं और बदले में आपको रिटर्न देते हैं चलिए अब म्यूचल फंड के कुछ खास फायदों को बिंदुओं के माध्यम से समझते हैं

कम निवेश

जब बात निवेश करने की आती है तो कोई भी व्यक्ति म्यूचल फंड से निवेश की शुरुआत कर सकता है अधिकांश लोगों का यह मानना होता है कि निवेश की शुरुआत ज्यादा पैसों से ही की जा सकती है कम पैसे वाले निवेश नहीं कर सकते हैं लेकिन यह बिल्कुल असत्य हैं आप निवेश की शुरुआत मात्र ₹100 या ₹500 से भी कर सकते हो इसके अलावा आपको और कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि यदि आपके पास निवेश करने के लिए एक डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट भी नहीं है तो वह भी आजकल फ्री में खुल जाता है और आप पात्र म्यूचल फंड के अंदर ₹100 और ₹500 से निवेश की शुरुआत कर सकते हो और म्यूचल फंड का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें कम निवेश भी किया जा सकता है

कम रिस्क

म्यूचल फंड के अंदर निवेश करने वाले लोगों को बहुत ही कम रिस्क होता है क्योंकि म्यूचल फंड के द्वारा एक सही कंपनी का चुनाव करने के बाद ही उसमें लोगों के पैसों को निवेश किया जाता है जिसके कारण म्यूचल फंड के लोगों को कम रिस्क होता है और इसी वजह से म्यूचल फंड निवेश करने का सबसे पसंदीदा तरीका माना जाता है

पैसे पर पैसा

दोस्तों म्यूचल फंड के अंदर जब आप निवेश की शुरुआत करते हो तब आपको बहुत कम रिटर्न देखने को मिलता है लेकिन यदि आप उसे निवेश को अगले 15 से 20 सालों तक लगातार करते हैं तो आपको कई गुना रिटर्न देखने को मिल सकता है क्योंकि म्यूचल फंड के अंदर जब आपके द्वारा निवेश किए गए पैसों के ऊपर रिटर्न मिलता है और आप उस रिटर्न को बाहर नहीं निकालते हैं तो म्यूचल फंड मैनेजर के द्वारा उस रिटर्न के पैसे को वापस रिइन्वेस्ट कर दिया जाता है जिसके कारण आपके रिटर्न के पैसों पर भी आपको रिटर्न मिलता है इसे आसान भाषा में कंपाउंडिंग इफेक्ट भी कहते हैं

टैक्स की बचत

म्यूचल फंड के निवेशकों के लिए टैक्स बचाने का एक ऐसा तरीका बनाया हुआ है जिसका इस्तेमाल करके काफी सारे लोग अपने टैक्स में बचत करते हैं दरअसल ELSS ( Equity Linked Savings Scheme ) टैक्स बचाने का एक ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल म्यूचल फंड की किसी भी स्कीम में निवेश करने वाला निवेशक कर सकता है और अपने पैसों के ऊपर मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स बचा सकता है

Fd से ज्यादा रिटर्न

दोस्तों जब आप बैंक के अंदर अपने पैसों की एफडी करवाते हो तो वहां पर आपको सिर्फ 5 परसेंट से 7 परसेंट तक रिटर्न मिलता है लेकिन इसकी जगह यदि आप एक अच्छे म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करके उसमें थोड़ा थोड़ा पैसा हर महीने इन्वेस्ट करते तो आपको कई गुना रिटर्न देखने को मिल सकता था इसके अलावा आप एफडी से उसके निश्चिंत समय के अंदर पैसा बाहर नहीं निकाल सकते है लेकिन आप म्यूचल फंड के अंदर जब आपको पैसे की जरूरत हो उस समय बाहर निकाल सकते हैं इस तरह से म्यूचल फंड आपको एफडी थे ज्यादा रिटर्न दे सकता है

हर महीने Sip

आपको म्यूचल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा लाभ यह मिलता है कि आप इसके अंदर हर महीने थोड़ा थोड़ा पैसा निवेश कर सकते हैं आपको इसमें एक साथ सारा पैसा निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि आप म्यूचल फंड के अंदर एसआईपी शुरू करके हर महीने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं sip को म्यूचल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा जरिया माना जाता है इसका इस्तेमाल करके कई सारे लोग म्यूचल फंड के अंदर निवेश करते हैं

निवेश में विविधता

जब आप म्यूचल फंड के अंदर निवेश की शुरुआत करते हो तो इसमें आपको म्यूचल फंड के द्वारा निवेश करने के कई सारे विकल्प दिए जाते हैं जैसे कि इक्विटी, बॉन्ड और गोल्ड के अलावा कई सारे ऑप्शन दिए जाते हैं जिनका चुनाव करके व्यक्ति इनके अंदर निवेश की शुरुआत कर सकता है

शेयर मार्केट और म्युचुअल फंड

दोस्तों यदि हम शेयर मार्केट फोर म्यूचल फंड दोनों को कंपेयर करते हैं तो इसमें सबसे कम रिस्क म्यूचल फंड के अंदर होता है क्योंकि शेयर मार्केट में आप एक इंडिविजुअल कंपनी के अंदर इन्वेस्ट करते हो जबकि म्यूचल फंड के अंदर आपका पैसा कई सारी जगह पर इन्वेस्ट होता है जिसके कारण म्यूचल फंड में आपको काफी कम नुकसान की संभावना रहती हैं इसकी जगह वहीं पर आप शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते तो इसकी कोई गारंटी नहीं है कि वह कंपनी आगे कितना जाएगी और आपके पैसे पर कितना रिटर्न कमा कर दे सकती है इसलिए यदि आपको अपने पैसे को सुरक्षित भी रखना है और निवेश की शुरुआत भी करनी है तो आप म्यूचल फंड से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं

निवेश में आसानी

जब आप म्यूचल फंड से निवेश की शुरुआत करने का मन बनाते हैं तो इसकी शुरुआत आप घर बैठे आसानी से अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके कर सकते हैं आजकल इंटरनेट पर आपको ऐसे कई सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिल जाएंगे जिनका इस्तेमाल करके आप म्यूचल फंड के अंदर अपना खाता खोलकर निवेश की शुरुआत कर सकते हैं इसके बाद आपको बस एक अच्छे म्यूचल फंड का चुनाव करना है और उस म्यूचल फंड को पैसा देना है इसके अलावा आपको कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं होती है इसलिए म्यूचल फंड को निवेश करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है

सपनों को पूरा करने में सहायक

जब कोई व्यक्ति निवेश की शुरुआत करता है तो उसका कोई ना कोई उद्देश्य होता है जिसको वह पूरा चाहता है और इसके लिए व्यक्ति म्यूचल फंड के अंदर 15 से 20 सालों के लिए निवेश करता है और लंबे समय में उसको अच्छा फायदा देखने को मिलता है जिसका इस्तेमाल करके रहे अपने सपनों को पूरा कर सकता है

सुरक्षित निवेश

म्यूचल फंड के अंदर अधिकांश लोगों के द्वारा पैसों का निवेश किया जाता है जिसके कारण म्यूचल फंड कंपनियों के ऊपर सेबी ( सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड इंडिया ) की नजर रहती है फिर भी एक सरकारी संस्था है जो शेयर मार्केट और म्यूचल फंड कंपनियों के ऊपर नजर रखने के अलावा लोगों के पैसों को सुरक्षित रखने का कार्य करती है इसलिए म्यूचल फंड में निवेश को सुरक्षित निवेश भी माना जाता है

म्यूचल फंड के नुकसान

म्यूचल फंड के नुकसान

सामान्य लोग अक्सर म्यूचल फंड में निवेश करने से पहले कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका अंजाम उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है म्यूचल फंड के फायदे भी है लेकिन उससे पहले आपको म्यूचल फंड के नुकसान के बारे में पता जरूर होना वरना आपको बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड सकता है यदि आप यह जानना चाहते हैं कि म्यूचल फंड के नुकसान क्या है तो इस article को अंत तक जरूर पढ़ें

म्यूचल फंड के नुकसान

भारत के शेयर बाजार में मौजूद किसी भी म्यूच्यूअल फंड मैं निवेश करते समय आपको उस म्यूच्यूअल फंड के बारे में काफी अच्छे से रिसर्च कर लेनी चाहिए रिसर्च में आपको यह पता लगाना चाहिए कि यह म्यूचल फंड प्रतिवर्ष अपने ग्राहकों को कितना पर्सेंट रिटर्न दे रहा है पिछले 5 सालों में इसमें कितना रिटर्न मिला है इसके अलावा इस म्यूचल फंड की किन-किन अच्छी कंपनियों के अंदर हिस्सेदारी ली हुई है आदि ऐसी कई सारी बातों का ध्यान रखकर ही आपको म्यूचल फंड में निवेश करना चाहिए वरना आपको म्यूचल फंड के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है लेकिन फिर भी मैं आपको पहले से ही बता देता हूं कि आपको म्यूचल फंड में क्या नुकसान हो सकते हैं

1). रिटर्न –

दोस्तों आपको म्यूचल फंड के अंदर फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है जैसा कि आपको किसी बैंक में कराई गई एफडी के ऊपर मिलता है म्यूचल फंड के अंदर जब आप निवेश करते हो तो आपके निवेश के ऊपर फायदा हो भी सकता है और नहीं क्योंकि जिस म्यूचल फंड के अंदर आप निवेश करते हो वह म्यूच्यूअल फंड किस-किस जगह पर आपके पैसे को इन्वेस्ट कर रहा है यदि उस म्यूच्यूअल फंड के द्वारा चुनाव की गई कंपनी को फायदा होता है तो आपके इन्वेस्टमेंट पर भी फायदा होता है और यदि म्यूचल फंड गलत कंपनी का चुनाव कर लेता है तो आपको इसमें नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है

2). म्यूचल फंड लागत –

जब आप म्यूचल फंड की शुरुआत करते हैं तो म्यूचल फंड आपके पैसे को मैनेज करने के लिए आपसे कुछ पैसा चार्ज करते हैं जैसे कि जब आप किसी म्यूचल फंड से अपने पैसों के ऊपर मिलने वाले रिटर्न को चलते हो तो वह म्यूचल फंड 5% से 10% तक चार्ज कर सकता है यह चार्ज समय के अनुसार लगता है यानी कि आप 1 वर्ष के भीतर यह अपने रिटर्न को निकालते हो तो थोड़ा कम लगता है और जितना ज्यादा समय के बाद अपने रिटर्न को निकालते हो उतना ही ज्यादा रिटर्न पर चार्ज लगता है

3). Fd से कम रिटर्न –

दोस्तों कई बार आपके द्वारा चुना गया म्यूचल फंड कई सालों तक आपको अच्छा रिटर्न नहीं दे पाता है अगर इसकी जगह आपका पैसा Fd मैं पढ़ा होता तो आपको अच्छा रिटर्न मिल जाता लेकिन क्योंकि म्यूचल फंड आपको तभी रिटर्न देता है जब शेयर बाजार आगे बढ़ता है इसलिए आपको हमेशा अच्छे म्यूच्यूअल फंड के साथ में उस म्यूचल फंड का चुनाव करना चाहिए जो शेयर बाजार के अलावा बाकी जगहों पर भी निवेश करता हो जिससे कि आपके पैसों पर हर साल अच्छा रिटर्न मिलता रहे वरना आपको Fd जितना रिटर्न भी नहीं मिल पाएगा

4). शेयर बाजार से कम रिटर्न

म्यूचल फंड के अंदर निवेश किए गए पैसे के ऊपर धीरे धीरे और बहुत कम रिटर्न मिलता है लेकिन यहां पर रिस्क भी थोड़ा कम होता है यदि आप अपने पैसे को शेयर बाजार के अंदर निवेश करते तो आपको अच्छा रिटर्न देखने को मिल सकता था यहां पर रिस्क भी थोड़ा ज्यादा हो जाता है इसलिए म्यूचल फंड शेयर बाजार जितना रिटर्न नहीं दे पाता है

5). म्यूचल फंड लॉक इन अवधि –

दोस्तों जैसा कि fd के अंदर लॉक इन पीरियड होता है जिसके अंदर आप अपने पैसे को निकाल नहीं सकते हैं वैसा ही म्यूचल फंड के अंदर भी होता है यहां पर लॉक इन अवधि होती है यह अवधि 5 साल से 10 साल उससे ज्यादा की भी होती है इस अवधि के भीतर आप अपने पैस को नहीं निकाल सकते हैं और यदि निकालते भी है तो इसके लिए आपको कई गुना ज्यादा चार्ज और अन्य पैसों का भुगतान करना पड़ सकता है यह म्यूचल फंड जब आप निवेश करते हो तो आपके पैसे को नो लॉक कर लेते हैं

म्यूचल फंड सही है या नहीं ?

आपने टीवी और सोशल मीडिया यह ऐड जरूर देखा होगा कि म्युचुअल फड सही है लेकिन यदि म्यूचल फंड में निवेश करते समय एक सही म्यूचल फंड का चुनाव नहीं किया जाता है तो यह आपके लिए गलत भी साबित हो सकता है और इसका भुगतान आपको अपने पैसों की कीमत से करना पड़ सकता है

सिप को समय पर नहीं भरना

आप म्यूचल फंड मैं निवेश करने की जर्नी को अगर शिव के माध्यम से शुरू करते हैं और यदि आपकी शिप की किस्त समय पर नहीं पहुंचती है तो इसके लिए आपको काफी सारे खर्च और प्लेंटी का भुगतान करना पड़ सकता है

म्यूचल फंड के नुकसान से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्न ?

Q. क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना सही है ?

Ans. यदि लंबे समय के लिए म्यूचल फंड के अंदर निवेश करते हैं तो यह सही साबित हो सकता है लेकिन 1 साल या 3 साल मैं आपको इसमें काफी कम रिटर्न देखने को मिल सकता है

Q. म्यूचल फंड सही है या गलत

Ans. म्यूचल फंड तो सही है लेकिन जब आप एक गलत मुचल फंड का चुनाव कर लेते हैं तो यह गलत होता है

Q. सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है

Ans. किसी भी म्यूचल फंड का चुनाव करते समय कुछ म्युचुअल फंड से संबंधित सही से रिचार्ज करें जो म्यूचल फंड अपने ग्राहकों को सही रिटर्न देता है और जिसका निवेश सही कंपनियों का नंबर किया गया है तो वह म्यूचल फंड आपके लिए सबसे बेस्ट म्यूचल फंड साबि है

Q. म्यूचल फंड में निवेश करने के नुकसान क्या है

Ans. हमने आपको ऊपर विस्तार से म्यूचल फंड के नुकसान के बारे में बताया है इनके अलावा म्यूचल फंड के और नुकसान नहीं है

डीमैट अकाउंट क्या है – What is demat account

डीमैट अकाउंट क्या है

आपने यदि शेयर मार्केट के बारे में कहीं पर सुनना है या आप शेयर मार्केट के बारे में जानते हो तो आपने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बारे में जरूर सुना होगा और कई सारे लोगों के मुंह से यह कहते हुए भी सुना होगा कि शेयर मार्केट में share को खरीदने और बेचने के लिए एक डीमैट अकाउंट की आवश्यकता होती है तो चलिए जानते हैं कि डीमेट अकाउंट क्या है डीमैट अकाउंट को कैसे खोला जाता है इसको खोलते समय आपको कितनी फीस देने की आवश्यकता पड़ती है इसके लिए कौन से डॉक्यूमेंट आवश्यक है तो चलिए डीमेट अकाउंट क्या है के साथ इसके अन्य विषयों के ऊपर भी मैं आपको विस्तार से बताता हूं

डीमैट अकाउंट क्या है – what is demat account

जब बात शेयर मार्केट में निवेश करने की आती है तो इसके लिए सबसे पहले डीमैट खाते की आवश्यकता होती है जिस तरह से बच्चों को स्कूल भेजने से पहले उनका उस स्कूल में एडमिशन कराना होता है तभी जाकर वह स्कूल में जा सकते हैं वैसे ही शेयर मार्केट में भी निवेश करते समय आपको पहले एक डीमैट खाता खोलना होता है शेयर मार्केट में किसी कंपनी के खरीदे गए शेयर को डीमैट खाते के अंदर रखा जाता है डिमट खाते के अंदर आप अपनी मनपसंद किसी भी कंपनी के नाम को सर्च करके उसके अंदर निवेश कर सकते हो

लेकिन जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हो तो वह शेर आपके डीमैट खाते में आ जाता है लेकिन उसको पूर्ण रूप से आने में 3 दिन का समय लगता है लेकिन यदि आप चाहो तो उस किसी भी समय बेच भी सकते हे डीमैट अकाउंट क्या है – किसी भी कंपनी के खरीदे गए शेयर को इस अकाउंट में रखा जाता है उसे डीमेट अकाउंट कहते हैं

डीमेट अकाउंट कहां पर खोलें – Where to open demat account

दोस्तों डिमैट अकाउंट खोलने के लिए आपको बाजार में कई सारे ब्रोकर मिल जाएंगे जिनके माध्यम से आप भी मेट खाता खोल सकते हो लेकिन मैं आपको भारत के कुछ प्रमुख ब्रोकर के बारे में बताता हूं जिनके माध्यम से आप एक डीमैट खाते के साथ अच्छी सर्विस भी प्रदान कर सकते हैं

जरोदा – Zoradha

यह देश का एकमात्र ऐसा ब्रोकर है जिसके पास 7 मिलियन से भी ज्यादा डीमैट खाते खुले गए हैं यह ब्रोकर पिछले 10 सालों से अपनी सर्विस दे रहा है कई सारे बड़े बड़े निवेशकों का भी जरोदा के अंदर डीमैट खाता है इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह इसका इंटरफेस है जो कि बहुत ही सिंपल और सरल है यहां पर कोई भी व्यक्ति आसानी से किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकता है

एंजल ब्रोकिंग – Angel One

इस ब्रोकर का भी देश के सबसे बड़े ब्रोकर के अंदर इसका नाम आता है एंजेल ब्रोकिंग ने अपना नाम बदलकर एंजेल वन रख लिया है यहां पर जब आप डीमैट खाता खोलते हो तो आपको शेयर मार्केट सीखने के लिए फ्री में लर्निंग वीडियो प्रोवाइड कराई जाती है यहां से भी आप किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं

अप स्टॉक – Up Stock

इस ब्रोकर के पास भी देश में कई सारे लोगों के डीमैट खाता खोले गए हैं अप स्टॉक के ऊपर ज्यादातर लोग काफी ज्यादा विश्वास करते हैं इसके पीछे की असली वजह यह है कि अप स्टॉक के चेयरमैन रतन टाटा है अप स्टॉक पर भी आप किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं

देश में लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ऊपर दिए गए तीन ब्रोकर ही है लेकिन इनके अलावा भी देश में कई सारे ब्रोकर आपको देखने को मिलते हैं जैसे कि Fyres, Alice Blue, shrekhan और इनके अलावा जितनी भी बैंक के होती है उन सभी कि आपको ब्रोकिंग सेवा भी मिल जाती है तो यदि आप चाहो तो बैंकों में जाकर भी अपना एक डीमैट खाता खुलवा सकते हो

डीमेट अकाउंट का इतिहास – History of Demat Account

शेयर मार्केट में 2010 से पहले डीमैट खाता खोलने के लिए काफी ज्यादा टाइम और फॉर्म का इस्तेमाल होता था लेकिन 2010 के बाद जरोदा आया और यहां पर यह सारा कार्य ऑनलाइन ही होने लग गया इससे पहले जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी के शेयर खरीदता था तो जब वह शेयर खरीदता तो कंपनी उसको उसके खरीदे गए शेयरों का वेरीफिकेशन एक कागज पर करके भेजती थी और जब इन्हीं शेयर को वापस बेचना होता था तो उस व्यक्ति को पहले एक फॉर्म भर के उस कंपनी के पास भेजना होता था तब जाकर वे शेयर बिकते थे जो कि एक बहुत ही टाइम कंज्यूम करने वाली प्रोसेस है इसके अंदर लोगों शेर खरीदने और बेचने मैं महीनों का समय लग जाता था डीमैट अकाउंट को डीमेट एलाइंस कहां जाता है

महत्वपूर्ण दस्तावेज – important documents

डीमेट अकाउंट खोलने के लिए आपके पास कुछ इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट का होना बहुत ही आवश्यक है इनमें से सबसे महत्वपूर्ण पैन कार्ड और आपका बैंक खाता होता है इसके साथ ही आपको आधार कार्ड और अपनी फोटो का भी इस्तेमाल करना पड़ता है

  • Pan card
  • Addhar card
  • Bank account
  • Passpoet size Photo

डीमेट अकाउंट के फायदे – Benefits of Demat Account

ऑनलाइन डिमैट अकाउंट के वैसे तो कई सारे फायदे हैं लेकिन चलिए मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण फायदों के बारे में बताता हूं

कम टाइम – जब आप किसी ब्रोकर के माध्यम से ऑनलाइन डीमैट खाता खोलते है तो इसमें आपका बहुत सारा समय बचता है

जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते और बेचते हैं तो आपको किसी ब्रोकर के पास जाकर कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि आप अपने मोबाइल फोन से ही अपने शेयर को खरीद और बेच सकते है

आजकल मार्केट में कई सारी ब्रोकिंग कंपनियां कंपटीशन में उतरी हुई है और इस कंपटीशन के चक्कर में वह लोगों के फ्री में डीमेट अकाउंट खोल रहे हैं तो आप चाहो तो फ्री में डीमेट अकाउंट खुलवा सकते हे पहले के समय एक डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए काफी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता था

जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते और बेचते है तो इसके बीच में सिर्फ आपका ब्रोकर और आप शामिल होते हो इसमें तीसरे पक्ष का कोई भी काम नहीं होता है इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं होती है आज का सिस्टम पहले से कई गुना बेहतर है

Mutual Fund क्या है – What is Mutual Fund

Mutual Fund kya hai

दोस्तों आपने टीवी और अपने मोबाइल फोन के अंदर कई बार म्यूचल फंड के बारे में कोई ना कोई ऐड जरूर देखा होगा और आपके मन में यह जिज्ञासा जगी होगी कि आखिरकार यह म्यूचल फंड क्या है तभी आप इस लेख तक पहुंच पाए हैं मैं आपको बता देती हूं कि म्यूचल फंड आज के समय में निवेश करने का सबसे अच्छा और लोकप्रिय तरीका है तो चलिए मैं आपको बताती हो की Mutual Fund क्या है साथ ही Mutual Fund के बारे में विस्तार से A to Z जानकारी देती हूं

Mutual Fund क्या है ( What is Mutual Fund )

आज के आधुनिक समय के साथ बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण लोग अपने पैसों को कहीं पर निवेश करना बेहतर समझते हैं और यह बात लगभग हर एक व्यक्ति जानता है कि समय के साथ उसके पैसे की वैल्यू घटती जा रही है निवेश के लिए लोग म्यूचल फंड का सहारा लेते हैं

म्यूचल फंड के अंदर किसी एक व्यक्ति का पैसा निवेश नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे लोगों के एक समूह के द्वारा इकट्ठा किया गया पैसा share बाजार के स्टॉक, गोल्ड और बॉन्ड में निवेश किया जाता है यह सारा पैसा म्यूचल फंड इकट्ठा करता है

इसके बाद म्यूचल फंड अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न कमा कर देता है

Mutual Funds मैं निवेश कैसे करें ( How to Invest in Mutual Funds )

1). म्यूचल फंड में निवेश करने के लिए आपको किसी म्यूचल फंड कंपनी के पास अपना अकाउंट खुलवाना होता है लेकिन यदि आपके पास डीमेट ट्रेडिंग अकाउंट है तो आप वहां पर भी म्यूचल फंड की सेवा प्रदान कर सकते हैं

2). दूसरा तरीका यह है कि आप सीधे किसी भी म्यूचल फंड की वेबसाइट पर जाकर तुरंत निवेश की शुरुआत कर सकते हैं ले

किन म्यूचल फंड में निवेश करने से पहले आपको एक सही म्यूचल फंड का चुनाव करना आवश्यक है

3). आपको कई सारी म्यूचल फंड कंपनियां एक फाइनेंसियल एडवाइजर की सेवा देती हैं

जिनसे आप सलाह मशवरा करके उस म्यूचल फंड के रेगुलर प्लान में अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं

4) यदि आप म्यूचल फंड की शुरुआत बिना किसी की मदद लिए करते हो तो आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ता है लेकिन यदि आप किसी म्यूचल फंड की एडवाइजर सेवा प्रदान करते हो तो आपको इसके लिए चार्ज देना पड़ सकता है

5). आप म्यूचल फंड की शुरुआत घर बैठे आसानी से अपने मोबाइल पर दस्तावेज जमा करके कर सकते हैं

6). किसी भी म्यूचल फंड कंपनी का आप रेगुलर प्लान में निवेश की शुरुआत करते हो तो आपको इसके लिए कमीशन देना पड़ता है

7). म्यूचल फंड के डायरेक्ट प्लान से आप निवेश की शुरुआत करते हो तो इसके लिए आपको चार्ज नहीं देना पड़ता है और बहुत सारे कमीशन बच जाते हैहैं जिसके कारण आपको निवेश किए गए पैसों पर अच्छा मुनाफा होता है

Mutual Fund के प्रकार ( Types of Mutual Funds )

म्यूचल फंड के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं

(1) Asset Class

(2) Structure

1). Asset Class

(i) Equity – इस प्रकार के म्यूचल फंड अलग-अलग कंपनियों की हिस्सेदार के अंदर निवेश करते हैं

(ii) म्यूचल फंड के द्वारा ली गई Equity समय के साथ में अधिक पूंजी का निर्माण करती हैं जिससे म्यूचल फंड को फायदा होता है

(iii) म्यूचल फंड के द्वारा इक्विटी के अंदर किया गया निवेश लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है

(iv) इक्विटी मार्केट के अंदर म्यूच्यूअल फंड और भी अलग-अलग तरीकों से पैसों का निवेश करता है

Ex. इक्विटी मार्केट के अंदर बहुत सारे अलग-अलग फंड होते हैं जैसे कि स्मॉल कैप फंड, मल्टी कैप फंड, सेक्टर, लार्ज कैप फंड और मिड कैप फंड आदि.

लार्ज कैप फंड – इस सेक्टर के अंदर वह कंपनी आती है जिनका मार्केट कैप काफी बड़ा है इस सेक्टर की कंपनियां धीरे-धीरे ग्रो करती है लेकिन इनके अंदर रिस्क थोड़ा कम हो जाता है लार्ज कैप फंड के स्टॉक को ब्लू चिप स्टॉक भी कहा जाता है

मिड कैप फंड – दोस्तों इस फंड में आने वाली कंपनियां लार्ज कैप थे थोड़ी छोटी होती है इसमें मुख्यता मध्यम वर्ग की कंपनी आती है

मिडकैप में आने वाली कंपनियां बहुत ज्यादा मुनाफा दे भी सकती हैं और नहीं भी

स्मॉल कैप फंड – यह काफी छोटी कंपनियां होती है स्मॉल कैप की कंपनियों का मार्केट कैप और व्यवसाय बहुत ही कम फैला हुआ होता है

इस सेक्टर की कंपनियों के अंदर बहुत ज्यादा मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावना बनी रहती है

2). Structure

(i) Bond – म्यूचल फंड के द्वारा सारा पैसा किसी एक ही जगह पर ना लगा कर अलग-अलग जगह पर इन्वेस्ट किया जाता है और इनमें से एक है Bond इसके अंदर सरकारी संपत्ति या मनी मार्केट जैसे कार्य होते हैं जब इन bond या सरकारी संपत्तियों में निवेश की आवश्यकता होती है तो इनमें म्यूचल फंड के द्वारा निवेश किया जाता है

(ii) इसके अंदर म्यूचल फंड के द्वारा निवेश करने का सबसे अच्छा फायदा यह होता है

की इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है यहां पर म्यूचल फंड को हानि होने का रिस्क बहुत कम या ना के बराबर होता है

म्यूचल फंड का इतिहास ( History of Mutual Funds)

म्यूचल फंड का इतिहास थोड़ा अलग है शुरुआती समय में म्यूचल फंड को भारत सरकार के द्वारा शुरू किया गया था म्यूचल फंड को 1963 मैं UTI ( यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के माध्यम से लोगों के बीच में लाया गया था इसके अलावा इस म्यूच्यूअल फंड को भारत कि रिजर्व बैंक RBI ( रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के अधीन रखा गया था 1978 के बाद आरबीआई ने म्यूचल फंड को चलाने का दायित्व कई सारी बैंकों को दे दिया और आज के समय में लगभग हर एक बैंक और कई सारी अलग-अलग कंपनियों के पास अपना एक अलग म्यूचल फंड मौजूद है

क्या म्यूचल फंड सही है ( What Mutual Fund Right )

आप अपने पैसे को बाजार में कहीं पर निवेश करना चाहते हैं तो म्यूचल फंड आपके लिए सच में सही है क्योंकि आप यदि शेयर बाजार में सीधे निवेश करते हैं तो वहां पर आपका रिस्क काफी बढ़ जाता है लेकिन यदि आप म्यूचल फंड में थोड़ा थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो आपको लंबे समय के बाद अच्छा रिटर्न देखने को मिल सकता है लेकिन इसके अलावा यदि आप म्यूचल फंड मैं निवेश करने से पहले अच्छे से उसके बारे में नॉलेज लेते हैं तो आपको नुकसान होने के चांस कई गुना कम हो जाते हैं

म्यूचल फंड के फायदे ( Benefits of Mutual Funds )

एक सामान्य व्यक्ति को म्यूचल फंड के अंदर निवेश करते समय कई सारे फायदे होते हैं जैसे

1). अच्छी कंपनी (Good Company) – म्यूचल फंड में आए लोगों के पैसों को उस म्यूचल फंड के बड़े बड़े अधिकारी और प्रोफ़ेसर के द्वारा एक अच्छी और सही कंपनी का चुनाव करके इन्वेस्ट किया जाता है जिससे भविष्य में अच्छा फायदा होता है

2). छोटा निवेश (Small Investment) – एक सामान्य व्यक्ति म्यूचल फंड के माध्यम से निवेश की शुरुआत एक बहुत छोटी राशि से भी कर सकता है वरना उसे बाकी किसी दूसरी जगह पर ऐसी कोई भी सुविधा नहीं मिलती है

3). लिक्विडिटी (liquidity) – म्यूचल फंड के अंदर व्यक्ति अपने पैसों को किसी भी समय निवेश कर सकता है साथ ही वह अपने पैसों को आसानी से निकाल भी सकता है उसका पैसा किसी निश्चित समय के लिए डॉग लॉक नहीं रहता है

4). घर बैठे निवेश (Investing From Home) – एक सामान्य व्यक्ति घर बैठे म्यूच्यूअल फंड के अंदर आसानी से निवेश की शुरुआत कर सकता है व्यक्ति अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं ऑनलाइन किसी भी प्लेटफार्म पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों का इस्तेमाल करके म्यूचल फंड अकाउंट खोल सकता है

5). Long Ran Good Return – म्यूचल फंड में निवेश करने वाले व्यक्ति को लंबे समय तक इंतजार करने के बाद निवेश किए गए पैसों के ऊपर एक बहुत ही अच्छा रिटर्न देखने को मिलता है

म्यूचल फंड के नुकसान ( Disadvantages of Mutual Funds )

सही से निवेश नहीं करने पर कई बार म्यूचल फंड के अंदर सामान्य लोगों को नुकसान का सामना भी करना पड़ता है जैसे

1). गलत म्यूचल फंड (Wrong Mutual Fund) – कई बार लोगों के द्वारा एक सही म्यूचल फंड का चुनाव नहीं करना भी नुकसान का सौदा साबित हो जाता है क्योंकि यदि म्यूचल फंड आपके पैसे को सही जगह पर निवेश नहीं करता है तो उसका नुकसान आपको उठाना पड़ता है

2). लंबा टाइम ( Long Trem ) – म्यूचल फंड के अंदर निवेश करने वाले लोगों को अपने पैसों के ऊपर मुनाफा कमाने में काफी लंबे समय का इंतजार करना पड़ता है

3). गारंटीड रिटर्न (Guaranteed return) – कोई भी म्यूचल फंड यह गारंटी नहीं लेता है कि आपके पैसे के ऊपर एक गारंटीड रिटर्न ही मिलेगा जैसा की एफडी मैं होता है म्यूचल फंड के अंदर जब म्यूचल फंड मुनाफा कमाता है तभी आपको फायदा हो पता है

4). कम टाइम (Less Time) – किसी व्यक्ति के द्वारा म्यूचल फंड में निवेश किए गए पैसों को कम समय में निकाल लेने पर बहुत ही कम या नहीं के बराबर रिटर्न मिलता है

5). अवरुद्धता अवधि (Lock in period) – इसके अंदर व्यक्ति जरूरत पड़ने पर अपने पैसों को म्यूचल फंड से बाहर नहीं निकाल पाता है

उसका पैसा इस फंड से तभी बाहर निकल पाता है जब लॉक इन पीरियड कंप्लीट होता है यह पीरियड 5 साल या 10 साल इससे ज्यादा का भी हो सकता है

लोगों के द्वारा म्यूचल फंड से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ?

Q. म्यूचल फंड में कितना रिटर्न मिलता है ?

Ans. म्यूचल फंड एक ऐसी जगह है कहां पर Fd की तरह कोई फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है यहां पर व्यक्ति को किसी साल 20% से 25% तक का रिटर्न मिल जाएगा तो किसी साल 5% से 10% रिटर्न नहीं मिल पाएगा अंत म्यूचल फंड का रिटर्न कभी भी फिक्स नहीं होता है

Q. सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है ?

Ans. दोस्तों मार्केट के अंदर आज के समय बहुत सारे म्यूचल फंड मौजूद है लेकिन सबसे कठिनाई की बात यह है कि इनमें से सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड कौन सा है

म्यूचल फंड का चुनाव करते समय आपको उस म्यूचल फंड को सही से एनालाइज करना आना चाहिए उसमें आपको यह देखना चाहिए कि जिस म्यूचल फंड को आप अपना पैसा दे रहे हो वह म्यूचल फंड प्रति वर्ष कितना रिटर्न पिछले कई वर्षों से देता आ रहा है

ऐसे और भी कई सारे फैक्टर मौजूद है जिन का पता लगाना आवश्यक हो जाता है तो जो म्यूचल फंड पिछले कई सालों से अपने ग्राहकों को अच्छा रिटर्न दे रहा है वह म्यूचल फंड सबसे बेस्ट म्यूच्यूअल फंड है

Q. म्यूचल फंड का रेगुलेटर कौन है ?

Ans. जब बात निवेश की आती है दो लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा sebi आगे आता है जो चाहे शेयर मार्केट हो या फिर म्यूचल फंड सभी के ऊपर नजर रखता है और इन को अपने कंट्रोल में रखता है इसी वजह से लोगों को धोखाधड़ी का डर नहीं रहता है जिसके फलस्वरूप वह म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करते हैं

Q. म्यूचल फंड को कौन मैनेज करता है ?

Ans. म्यूचल फंड को फंड मैनेजर के द्वारा मैंने दिया जाता है यह किसी एक व्यक्ति विशेष के द्वारा संचालित नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे पढ़े लिखें लोग और मैनेजर का समूह इसे संचालित करता है

Q. कितने पैसों से म्यूचल फंड में निवेश किया जाता है

Ans. म्यूचल फंड में निवेश करने के लिए व्यक्ति के पास हजारों रुपए होना आवश्यक नहीं है बल्कि वह आसानी से अपने मोबाइल फोन के माध्यम से म्यूचल फंड मैं खाता खोलकर मात्र ₹100 से शुरुआत कर सकता है

निष्कर्ष ( conclusion)

आज के इस लेख Mutual Fund क्या है के अंदर आपने यह सीखा की Mutual Fund क्या है और म्यूचल फंड की शुरुआत कैसे कर सकते हैं साथ ही आपने यह भी जाना कि म्यूचल फंड को कैसे शुरू किया जाता है और म्यूचल फंड मैं आपको क्या लाभ और हानि हो सकते हैं इनके अलावा और आपने कई सारी म्यूचल फंड से संबंधित बातें सीखी होगी. अंते यदि आपको हमारा यह Mutual Fund क्या है लेख को समझाने का तरीका पसंद आया हो या आपको इसमें कुछ कमी लगी हो तो वह हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि हम जल्द से जल्द उसे ठीक कर सके बताती हूं